क्या बलूचिस्तान में एक महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या की गई?
सारांश
Key Takeaways
- बलूचिस्तान में एक महिला शिक्षिका की हत्या ने सुरक्षा पर प्रश्न उठाए हैं।
- महिलाओं के जबरन गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- परिवार के सदस्य इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
क्वेटा, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सिबी में गुरुवार को अल्लाहाबाद गर्ल्स हाई स्कूल के बाहर एक महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया में पुलिस अधिकारियों के हवाले से यह खबर आई है।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने शिक्षिका पर नजदीक से गोलियां चलाईं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षिका के सिर में गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। हमलावर मौके से फरार हो गए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतका एक प्रमुख कबीलाई परिवार से संबंध रखती थीं। उनकी शादी मलिक फहीम बंगुलजई से हुई थी और वे कबीलाई नेता सरदार नूर अहमद बंगुलजई की करीबी रिश्तेदार थीं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बलूचिस्तान में बलूच महिलाओं के जबरन गायब होने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। पहले की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हब चौकी से एक और बलूच महिला को हिरासत में लेकर गायब कर दिया है।
द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, पंजगुर की निवासी और नोरोज़ इस्लाम की पत्नी फातिमा को उनके घर से हिरासत में लिया गया और किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया। अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
परिवार के सदस्य इस घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं, क्योंकि इससे पहले फातिमा के पति को भी जबरन गायब किया जा चुका है।
10 जनवरी को एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने कहा था कि वर्ष 2025 में कम से कम 12 महिलाओं, जिनमें नाबालिग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों द्वारा जबरन गायब किया गया।
‘टू लाइव्स एट रिस्क: बलूचिस्तान में एक गर्भवती महिला की जबरन गुमशुदगी’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बलूच यकजहती कमेटी ने केच जिले से आठ महीने की गर्भवती हानी बलूच और उनके परिवार के तीन सदस्यों के जबरन गायब होने का मामला उजागर किया। रिपोर्ट के अनुसार, ये घटनाएँ 19 से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुईं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की प्रवृत्ति बदल रही है, जहां पहले यह मुख्यतः पुरुषों को निशाना बनाती थी, अब महिलाएं, यहाँ तक कि गर्भवती महिलाएं भी, इसका शिकार बन रही हैं।