मार्को रूबियो की मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया यात्रा, राजदूत सर्जियो गोर ने CM फडणवीस का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 20 अक्टूबर 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मुंबई पहुँचे। अपनी पत्नी जेनेट रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया का दौरा किया। पिछले छह महीनों में यह रूबियो की दूसरी भारत यात्रा है, जिसे ट्रेड डिप्लोमेसी के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गेटवे ऑफ इंडिया पर ऐतिहासिक स्वागत
राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो तस्वीरें साझा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'सीएम देवेंद्र फडणवीस, प्रतिष्ठित गेटवे ऑफ इंडिया पर मार्को रूबियो की मेजबानी करने के लिए आपका धन्यवाद।' गोर ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 500 से अधिक अमेरिकी कंपनियाँ कार्यरत हैं और इस दौरे से व्यापार विस्तार तथा नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।
हवाई अड्डे पर स्वागत और सरकारी प्रतिक्रिया
मुंबई पहुँचने पर महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई मंत्री आशीष शेलार ने रूबियो का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी एक्स पर लिखा, 'मार्को रूबियो, आपका मुंबई में स्वागत है। यह आपकी भारत की दूसरी यात्रा है।' जायसवाल ने इस यात्रा को भारत-अमेरिका के बीच 'कॉम्प्रीहेंसिव ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' को मज़बूत करने का अवसर बताया।
व्यापार और निवेश पर फोकस
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रूबियो इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं से भेंट करेंगे, ताकि निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुल सकें। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ताएँ एक निर्णायक दौर में हैं और दोनों देश कई रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी गहरी कर रहे हैं।
राजदूत गोर की उम्मीदें
राजदूत गोर ने एक्स पर लिखा, 'मुंबई वापस आकर अच्छा लग रहा है, और इस बार मेरे साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी हैं। एक सार्थक दौरे और भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 500 से अधिक अमेरिकी कंपनियों की उपस्थिति इस राज्य को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों का एक प्रमुख केंद्र बनाती है।
क्या होगा आगे
मुंबई में रूबियो की कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे पर चर्चा होने की संभावना है। यह तीन दिवसीय यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों की नई दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।