क्या अमेरिका के चर्च में हुई गोलीबारी में हमलावर ने भारत विरोधी संदेश लिखा?

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क्या अमेरिका के चर्च में हुई गोलीबारी में हमलावर ने भारत विरोधी संदेश लिखा?

सारांश

मिनियापोलिस में एक कैथोलिक चर्च पर हमलावर द्वारा किए गए हमले में भारत के प्रति नफरत भरा संदेश पाया गया। हमलावर ने बच्चों की प्रार्थना सभा के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे कई लोगों की जान गई। यह घटना अमेरिका और विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Key Takeaways

  • मिनियापोलिस में चर्च पर हमले में बच्चों की जान गई।
  • हमलावर ने नफरत भरा संदेश लिखा था।
  • पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है।
  • ये घटना धार्मिक असहिष्णुता का एक उदाहरण है।
  • यह घटना विश्वभर में चर्चा का विषय बनी है।

न्यूयॉर्क, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मिनियापोलिस के एक कैथोलिक चर्च पर हमला करने वाले ट्रांसजेंडर हमलावर के हथियार पर भारत के प्रति एक नफरत भरा संदेश मौजूद था।

हमलावर ने अपने हथियार पर 'न्यूक इंडिया' लिखा था, और इस पर गलत रूसी भाषा में 'किल योरसेल्फ' भी अंकित था। उसने इसे बुधवार को हमले से पहले एक सोशल मीडिया वीडियो में प्रदर्शित किया था।

पुलिस ने जानकारी दी कि हमलावर, जिसकी पहचान रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है, ने सेमी ऑटोमेटिक हथियार से गोलीबारी की। यह घटना उस समय हुई जब स्कूल में किंडरगार्टन से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चे प्रार्थना कर रहे थे। अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू हो गई।

इस हमले में आठ और दस साल के दो बच्चों की जान चली गई और 17 लोग घायल हुए। ये बच्चे चर्च के स्कूल के शैक्षणिक वर्ष के उद्घाटन पर आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, मारे गए लोगों में तीन लोग 80 साल से अधिक उम्र के थे।

स्कूल के एक प्रकाशन के अनुसार, हत्यारा 2017 में इसी स्कूल में पढ़ाई कर चुका था और 2020 में खुद को एक ट्रांसजेंडर लड़की के रूप में घोषित किया था।

उसने जो वीडियो अपलोड किया, उसमें कई नफरत भरे संदेश शामिल थे, जिसमें 'डोनाल्ड ट्रंप को अभी मार डालो' जैसे शब्द भी थे।

हत्यारे ने लैटिनो, अफ्रीकी अमेरिकियों, यहूदियों और इजरायल के खिलाफ भी नफरत भरे संदेश लिखे थे।

पुलिस के अनुरोध पर उस वीडियो को हटा दिया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी प्रतियां मौजूद थीं, और राष्ट्र प्रेस ने वीडियो का गहन अध्ययन किया तो भारत विरोधी संदेश का पता चला।

वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि होमलैंड सचिव क्रिस्टी नोएम ने की, जिन्होंने एक एक्स पोस्ट में वीडियो में देखे गए हथियारों पर पाए गए कुछ लेखन का उल्लेख किया।

नोएम ने पोस्ट में बताया, "इस हत्यारे ने एक राइफल मैगजीन पर 'बच्चों के लिए,' 'तुम्हारा भगवान कहां है?' और 'डोनाल्ड ट्रंप को मार डालो' जैसे शब्द लिखे थे।"

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल ने एक्स पर कहा कि उनकी एजेंसी इस गोलीबारी की जांच कर रही है।

चर्च और बच्चों पर हुआ यह हमला अमेरिका और वैश्विक स्तर पर गूंज उठा।

वेटिकन से स्थानीय आर्कबिशप को भेजे गए एक टेलीग्राम में, पोप लियो ने मृतकों के लिए शोक व्यक्त किया और "प्रभु यीशु में शांति, धैर्य और सांत्वना की प्रतिज्ञा के रूप में अपना आशीर्वाद" भेजा।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "कृपया मेरे साथ मिलकर सभी लोगों के लिए प्रार्थना करें।" राष्ट्रपति ने पीड़ितों के सम्मान में रविवार तक सभी सरकारी भवनों और अमेरिकी राजनयिक मिशनों पर झंडे आधे झुके रहने का आदेश दिया।

ट्रंप का नवीनतम घरेलू अभियान अमेरिकी शहरों में हिंसा से निपटने का है।

पिछले दो वर्षों में किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति द्वारा किसी ईसाई संस्थान पर यह दूसरी बार हमला हुआ है।

एक ट्रांसजेंडर पुरुष ने 2023 में एक ईसाई स्कूल में मास फायरिंग की थी, जिसमें 9 साल के तीन बच्चों और तीन वयस्कों की जान गई थी।

जून में एक बंदूकधारी ने मिनियापोलिस के एक उपनगर में पूर्व डेमोक्रेटिक स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स स्पीकर मेलिसा हॉर्टमैन और उनके पति मार्क की हत्या कर दी थी।

अमेरिकी कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस द्वारा तैयार की गई एक सूची के अनुसार, 2020 से अल्पसंख्यक ईसाई संप्रदाय पर कम से कम 390 हमले हुए हैं।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

इस हमले में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हमले में आठ और दस साल के दो बच्चों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हुए।
हमलावर की पहचान क्या है?
हमलावर की पहचान रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है।
हमले के पीछे का कारण क्या था?
हमलावर ने अपने हथियार पर भारत के खिलाफ नफरत भरा संदेश लिखा था।
क्या इस घटना की जांच चल रही है?
हां, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) इस गोलीबारी की जांच कर रहा है।
इस तरह के घटनाक्रमों का क्या असर पड़ता है?
इस तरह के हमले समाज में भेदभाव और असहिष्णुता को बढ़ावा देते हैं।