म्यांमार यात्रा के दौरान विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की

Click to start listening
म्यांमार यात्रा के दौरान विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की

सारांश

यंगून में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों से बातचीत की और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाया। यह यात्रा भारत-म्यांमार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

Key Takeaways

  • कीर्ति वर्धन सिंह की म्यांमार यात्रा से भारत-म्यांमार संबंधों को मजबूती मिलेगी।
  • 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाया गया।
  • भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की गई।
  • यात्रा में स्ट्रेटजिक कम्युनिटी के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई।
  • यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा है।

यंगून (म्यांमार), 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार की अपनी यात्रा के दूसरे दिन स्ट्रेटजिक कम्युनिटी के प्रमुख प्रतिनिधियों से संवाद किया।

उन्होंने म्यांमार इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (एमआईएसआईएस), सेंटर फॉर पीस एंड रिकंसिलिएशन (सीपीआर), रखाइन लिटरेचर एंड कल्चरल एसोसिएशन (आरएलसीए) और म्यांमार-इंडिया फ्रेंडशिप एसोसिएशन (एमआईएफए) के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों से भेट की। इसके साथ ही, उन्होंने यंगून विश्वविद्यालय और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।

उन्होंने एक्स पर इस बैठक से जुड़ी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत यंगून में स्थित इंडिया हाउस में एक पौधा लगाया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरणीय स्थिरता और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ भविष्य के संकल्प का प्रतीक बताया।

सिंह ने भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित एक रंगारंग कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें 300 से अधिक मेहमान शामिल थे; इनमें भारतीय प्रवासी और म्यांमार में 'भारत के मित्र' भी शामिल थे।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के स्थापना दिवस पर, म्यांमार के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में इसके कार्यों को प्रमुखता दी गई।

उन्होंने भारतीय प्रवासियों के बहुमूल्य योगदान की सराहना की, जिसमें भारत के साथ उनके अटूट संबंध भी शामिल हैं। साथ ही, प्रवासियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों, जैसे पीआईओ/ओसीआई योजनाएं, छात्रवृत्तियां और भारत सरकार (जीओआई) की केआईपी योजना पर भी प्रकाश डाला।

कीर्ति वर्धन सिंह बुधवार को म्यांमार पहुंचे। यह दौरा म्यांमार सरकार (जीओएम) के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-म्यांमार संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि, सिंह 10 अप्रैल को नेपीडॉ में आयोजित म्यांमार के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय कूटनीति के लिए भी महत्वपूर्ण बन जाता है। 3 अप्रैल 2026 को म्यांमार की संसद ने सैन्य जुंटा प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग को देश का नया राष्ट्रपति चुना था।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। म्यांमार, भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कीर्ति वर्धन सिंह की यह यात्रा भारत-म्यांमार संबंधों को नई गति देने और बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

Point of View

जो भारत के साथ उनके संबंधों को और मजबूत करेगा।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार में किस अभियान की शुरुआत की?
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत-म्यांमार संबंधों को मजबूत करना।
सिंह ने किस समुदाय के कार्यक्रम में भाग लिया?
भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
यात्रा के दौरान सिंह ने किन संस्थाओं से मुलाकात की?
स्ट्रेटजिक कम्युनिटी के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
यात्रा का निमंत्रण किसने दिया था?
यह यात्रा म्यांमार सरकार (जीओएम) के निमंत्रण पर हो रही है।
Nation Press