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क्या नामीबिया का इटोशा अभयारण्य आग से धधक रहा है? सरकार ने सेना को तैनात किया है!

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क्या नामीबिया का इटोशा अभयारण्य आग से धधक रहा है? सरकार ने सेना को तैनात किया है!

सारांश

नामीबिया के इटोशा अभयारण्य में भीषण आग ने 30% से अधिक क्षेत्र को नष्ट कर दिया है। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना की मदद ली है। जानिए इस संकट के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

इटोशा अभयारण्य का 30% हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है।
सरकार ने सेना की मदद ली है।
आग 775,163 हेक्टेयर भूमि को नष्ट कर चुकी है।
वन्यजीवों को भी भारी नुकसान हुआ है।
अग्निशामक प्रयासों को तेज किया गया है।

नई दिल्ली, 29 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नामीबिया का इटोशा अभयारण्य भीषण आग की चपेट में है। पिछले 7 दिनों से जल रही आग ने पार्क के 30 फीसदी से ज्यादा हिस्से को नष्ट कर दिया है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने सेना को तैनात किया है।

यहाँ 114 स्तनपायी प्रजातियों का निवास है, जिसमें लुप्तप्राय काले गैंडे भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, नामीबिया ने अफ्रीका के सबसे बड़े शिकार अभयारण्यों में से एक, विशाल इटोशा राष्ट्रीय उद्यान के एक-तिहाई हिस्से में लगी आग को बुझाने के लिए सैकड़ों सैनिकों को तैनात करना शुरू कर दिया है।

पर्यावरण, वानिकी और पर्यटन मंत्रालय ने रविवार को बताया कि जंगल की आग ने इटोशा राष्ट्रीय उद्यान के एक तिहाई से ज्यादा हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे व्यापक क्षति हुई है और वन्यजीवों को भी भारी नुकसान हुआ है।

मंत्रालय ने बताया कि आग 22 सितंबर से जल रही थी और इसने व्यापक पारिस्थितिकीय क्षति उत्पन्न की है, जिसमें उद्यान का लगभग 34 फीसदी हिस्सा जलकर खाक हो चुका है।

मंत्रालय ने कहा कि 775,163 हेक्टेयर भूमि, यानी पार्क का लगभग 34 प्रतिशत, जलकर नष्ट हो गया है। ओमुसाती और ओशाना क्षेत्रों में 171,098 हेक्टेयर चरागाह और सामुदायिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं।

आग प्रभावित क्षेत्रों में नौ मृगों के शव मिले हैं, जबकि एक पैंगोलिन को बचाया गया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि आकलन जारी रहने तक मृत पशुओं की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, "इटोशा राष्ट्रीय उद्यान और इसके आस-पास की जंगल की आग का संकट नामीबिया की जैव विविधता, स्थानीय आजीविका और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा खतरा है।"

मंत्रालय ने बताया कि अधिकारियों ने अग्निशामक प्रयासों को तेज किया है, अतिरिक्त 40 सैनिकों, एक पानी के टैंकर और दो हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है। अधिक सैनिकों के अभियान में शामिल होने की उम्मीद है।

शनिवार को एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद, सरकार ने रविवार से 500 अतिरिक्त सैनिकों को घटनास्थल पर भेजा है। प्रधानमंत्री एलिजा नगुरारे के कार्यालय ने फेसबुक के जरिए इसकी जानकारी दी थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, अधिकारी अब पार्क के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को हुए नुकसान और इसके कुल पशु हताहतों की संख्या का आकलन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय समुदायों की आजीविका के लिए भी। सरकार और सेना का सहयोग इस संकट के समाधान के लिए आवश्यक है, और हमें इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटोशा अभयारण्य में आग कैसे लगी?
आग के लगने के कारणों का अभी तक सही-सही पता नहीं चला है। लेकिन यह प्राकृतिक कारणों या मानव गतिविधियों के कारण हो सकती है।
सरकार ने आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने आग बुझाने के लिए सेना, अग्निशामक, और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है।
इस आग से कितनी हानि हुई है?
आग ने इटोशा अभयारण्य के 34% हिस्से को नष्ट कर दिया है, जिससे जानवरों को भी भारी नुकसान हुआ है।
क्या जानवरों की हानि हुई है?
हाँ, आग प्रभावित क्षेत्रों में कई जानवरों के शव मिले हैं।
क्या यह आग स्थानीय लोगों पर असर डाल रही है?
हाँ, यह आग स्थानीय पारिस्थितिकी और आजीविका पर गंभीर प्रभाव डाल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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