नासा का आर्टेमिस II मिशन: पहली बार अंतरिक्ष यात्री अपने आईफोन के साथ चांद की ओर
सारांश
Key Takeaways
- नासा का आर्टेमिस II मिशन चंद्रमा के चारों ओर मानव यात्रा का भाग है।
- पहली बार अंतरिक्ष यात्री अपने व्यक्तिगत आईफोन के साथ गए हैं।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग मिशन के अनुभव को बेहतर बनाएगा।
- अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह की तस्वीरें लेंगे।
- मिशन की अवधि 10 दिन है।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नासा के आर्टेमिस II मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री पहली बार अपने व्यक्तिगत आईफोन को गहरे अंतरिक्ष में ले जा रहे हैं। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी अब पृथ्वी की कक्षा से बाहर मानव मिशनों के लिए अपने उपकरणों को आधुनिक बना रही है।
अंतरिक्ष एजेंसी की चार सदस्यीय टीम — कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन — ने बुधवार को फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के माध्यम से यात्रा शुरू की। यह मिशन 10 दिन का है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस लौटेंगे।
व्यक्तिगत स्मार्टफोन ले जाने का निर्णय इस वर्ष की शुरुआत में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने लिया था, जिसका उद्देश्य क्रू के उपकरणों को आधुनिक बनाना और मिशन की डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया को सरल बनाना है।
इस कदम से अंतरिक्ष यात्री भारी सरकारी कैमरों पर निर्भर हुए बिना मिशन के विशेष क्षणों को कैद कर सकेंगे।
आइजैकमैन ने फरवरी में एक्स पर लिखा था, "हम अपने क्रू को ऐसे औज़ार दे रहे हैं, जिससे वे अपने परिवार के लिए खास पल कैद कर सकें और दुनिया के साथ प्रेरणादायक तस्वीरें और वीडियो साझा कर सकें।"
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक को तेजी से स्पेस मिशनों के लिए तैयार करना भविष्य के चंद्र और कक्षीय मिशनों में नासा के लिए लाभकारी साबित होगा।
अंतरिक्ष यात्रा के दौरान ये आईफोन 'एयरप्लेन मोड' में रहेंगे, ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में कोई बाधा न आए। इस दौरान ये फोन मुख्य रूप से हाई-एंड कैमरा के रूप में कार्य करेंगे। जब क्रू अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पास से गुजरेगा, तब वे वहां के वाई-फाई से कनेक्ट होकर फोटो और ईमेल भेज सकेंगे, हालांकि कॉल करना संभव नहीं होगा।
आर्टेमिस II मिशन पिछले कई दशकों में पहला मानव मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के निकट जाएंगे। इस दौरान वे चंद्रमा की सतह की लाइव तस्वीरें लेंगे, ऐसे हिस्सों को देखेंगे जो पहले इंसानों ने नहीं देखे, और डीप स्पेस से आंशिक सूर्य ग्रहण का अनुभव करेंगे।