ट्रंप ने नाटो देशों और सहयोगियों पर ईरान युद्ध में सहयोग न करने का आरोप लगाया
सारांश
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वाशिंगटन, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य प्रयास का समर्थन नहीं करने के लिए नाटो और अन्य अमेरिकी सहयोगियों की तीखी निंदा की। उन्होंने इस गठबंधन को कागजी शेर करार दिया।
ट्रंप ने कहा, “नाटो एक कागजी शेर है। लड़ाई के दौरान अलायंस आगे आने में असफल रहा।” उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों ने मदद न करने की हदें पार कर दीं और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने से भी मना कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वे हमें लैंडिंग स्ट्रिप भी नहीं देना चाहते थे।
ट्रंप ने जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को भी अपनी आलोचना में शामिल किया। उन्होंने कहा, “जापान ने हमारी मदद नहीं की, ऑस्ट्रेलिया ने हमारी मदद नहीं की, दक्षिण कोरिया ने हमारी मदद नहीं की।”
उन्होंने कहा कि लड़ाई का बोझ अकेले अमेरिका ने उठाया है। उन्होंने सहयोगियों में अमेरिका के दबदबे पर जोर देते हुए कहा, “नाटो हम हैं।”
यह टिप्पणी ईरान के साथ संघर्ष बढ़ने के बीच अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, कई अमेरिकी साझेदार वाशिंगटन की रणनीति को अप्रत्याशित मानते हैं और अमेरिकी सुरक्षा गारंटी पर भरोसा करने के बावजूद लड़ाई में शामिल होने से हिचकिचा रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब ऊर्जा में रुकावटें और आर्थिक नुकसान बढ़ रहे हैं, तब यह संघर्ष सहयोगियों के लिए एक चुनौती बन गया है। ट्रंप ने यूरोपीय साथियों के रवैये की भी आलोचना की और कहा कि उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के बावजूद भागीदारी से मना कर दिया था।
सहयोगियों की भागीदारी की कमी, अमेरिका के नेतृत्व वाली पिछली लड़ाइयों से भिन्न है, जहां गठबंधन का समर्थन एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “मैं नाटो से बहुत निराश हूं। मुझे लगता है कि यह नाटो पर एक ऐसा दाग है जो कभी नहीं मिटेगा।”
उन्होंने कहा, “हम नाटो गए थे। मैंने बहुत जोर देकर नहीं पूछा। मैंने बस कहा, अगर आप मदद करना चाहते हैं तो बढ़िया, तो उन्होंने कहा 'नहीं, नहीं नहीं, हम मदद नहीं करेंगे'। मैंने कहा, कोई बात नहीं। मैंने हमेशा कहा है कि नाटो एक कागजी शेर है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “पुतिन नाटो से नहीं डरते। पुतिन हमसे डरते हैं, बहुत डरते हैं। वे खुद मुझे कई बार यह बात बता चुके हैं। मैं उन्हें बहुत अच्छे से जान गया हूं। नाटो एक कागजी शेर है। उन्होंने वास्तव में मदद न करने के लिए अपनी हदें पार कर दीं। वे हमें लैंडिंग स्ट्रिप भी नहीं देना चाहते थे।”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “जरा सोचिए। यह सिर्फ नाटो नहीं है। आप जानते हैं कि और किसने हमारी मदद नहीं की? दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने। हमारे पास जापान में उत्तर कोरिया से उन्हें बचाने के लिए 50,000 सैनिक हैं। हमारे पास दक्षिण कोरिया में किम जोंग उन से बचाने के लिए 45,000 सैनिक हैं, जिनके साथ मेरी बहुत अच्छी बनती है, जैसा कि आप जानते हैं।”