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क्या नेपाल में जेन-जी आंदोलन का असर भारतीय पर्यटकों के आगमन पर पड़ा है?

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क्या नेपाल में जेन-जी आंदोलन का असर भारतीय पर्यटकों के आगमन पर पड़ा है?

सारांश

नेपाल में जेन-जी आंदोलन ने भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट का कारण बना है। इस रिपोर्ट में जानिए कैसे इस आंदोलन ने पर्यटन उद्योग को प्रभावित किया और क्या हैं इसके पीछे के कारण।

मुख्य बातें

जेन-जी आंदोलन ने भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट का कारण बना है।
नेपाल का पर्यटन उद्योग वर्तमान में संकट में है।
सुरक्षा स्थिति पर भारतीय पर्यटकों की चिंताएं बढ़ी हैं।
कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है।
चीन से आने वाले पर्यटकों में भी कमी देखी गई है।

काठमांडू, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 के पहले 10 महीनों में नेपाल में भारतीय पर्यटकों का आगमन काफी कम हुआ है। हालांकि, कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या में एक मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।

भारत नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है, जो इस हिमालयी देश में आने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।

एनटीबी के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर के बीच भारतीय पर्यटकों की संख्या में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 2,43,350 रह गई है। वहीं, कुल विदेशी पर्यटकों का आगमन 0.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9,43,716 हो गया है।

इस दौरान, एक अन्य पड़ोसी देश चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 5.3 प्रतिशत की कमी आई है, जो 78,929 रही। चीन वर्तमान में नेपाल का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बाजार है। यह कोविड-19 से पहले नेपाल के पर्यटन उद्योग के लिए दूसरा सबसे बड़ा स्रोत था।

पर्यटन उद्यमियों का कहना है कि भारतीय पर्यटकों के आगमन में यह कमी खासकर जेन-जी आंदोलन के प्रभाव के कारण हुई है। सितंबर में शुरू हुए इस आंदोलन में 70 से अधिक लोग मारे गए और कई घायल हुए, जबकि सरकारी और निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ।

हयात रीजेंसी और हिल्टन जैसे विदेशी ब्रांड के होटलों को भी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान गंभीर नुकसान झेलना पड़ा। हिल्टन होटल पूरी तरह से जलकर राख हो गया, जबकि हयात होटल रखरखाव के लिए बंद है।

भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा आयोजित करने वाली ट्रैवल एजेंसी स्पीडी टूरिज्म एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक उमेश दानई ने कहा, "नेपाल जाने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों के चार समूहों ने आंदोलन के चलते अपनी यात्रा रद्द कर दी। उन्हें सड़क मार्ग से नेपाल पहुंचना था, लेकिन उन्होंने अपनी यात्रा की योजना को रद्द कर दिया।"

यूनिक एडवेंचर इंटरनेशनल के निदेशक खुम बहादुर सुबेदी ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि जेन-जी आंदोलन के बाद भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या, हवाई और जमीनी दोनों मार्गों से, कम हुई है। उन्होंने कहा, "हम अभी भी इसके प्रभाव को महसूस कर रहे हैं, क्योंकि विशेषकर जमीनी रास्ते से आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। भारतीय पर्यटक सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं।"

एनटीबी के अनुसार, सितंबर में कुल पर्यटकों के आगमन में 18.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण जेन-जी आंदोलन है। इस महीने के दौरान, भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 32.3 प्रतिशत, चीन से 34.9 प्रतिशत और अमेरिका से 4 प्रतिशत की गिरावट आई। ये तीनों ही सबसे बड़े स्रोत बाजार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारा मानना है कि नेपाल के पर्यटन उद्योग को इस समय महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जेन-जी आंदोलन ने न केवल भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट की है, बल्कि इससे पर्यटन क्षेत्र की स्थिरता पर भी खतरा उत्पन्न हुआ है। हमें यही उम्मीद है कि नेपाल सरकार स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेन-जी आंदोलन क्या है?
जेन-जी आंदोलन एक सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन है जो सितंबर में शुरू हुआ था, जिसमें कई लोग मारे गए और संपत्तियों को नुकसान हुआ।
नेपाल में भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट के क्या कारण हैं?
भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट का मुख्य कारण जेन-जी आंदोलन और सुरक्षा स्थिति की चिंताएं हैं।
क्या नेपाल में पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है?
जी हां, जेन-जी आंदोलन के कारण नेपाल के पर्यटन उद्योग में भारी गिरावट आई है।
राष्ट्र प्रेस
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