6 नवंबर 2026
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हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण तक गाजा नहीं छोड़ेगी इजरायली सेना — नेतन्याहू का कड़ा रुख

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हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण तक गाजा नहीं छोड़ेगी इजरायली सेना — नेतन्याहू का कड़ा रुख

सारांश

नेतन्याहू ने ट्रंप के मसौदे को नकारते हुए साफ कहा — हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण से पहले इजरायली सेना गाजा नहीं छोड़ेगी। हमास ने शर्तों के साथ रोडमैप पर सहमति दी, लेकिन पहले सैन्य वापसी की माँग अटल रखी। कतर, मिस्र और तुर्की की निंदा के बीच युद्धविराम वार्ता नाज़ुक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण तक गाजा से सेना नहीं हटेगी।
नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस के युद्धविराम मसौदे को खारिज किया; कहा — 'यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है।' हमास ने युद्धविराम के दूसरे चरण के रोडमैप पर सहमति दी, लेकिन पहले इजरायली सैन्य वापसी और हमले बंद करने की शर्त रखी।
कतर, मिस्र और तुर्की ने सोमवार को संयुक्त बयान में गाजा में नागरिक हताहतों की निंदा की।
नए रोडमैप में हमास की जगह एक अस्थायी फिलिस्तीनी राष्ट्रीय समिति को गाजा का नागरिक और सुरक्षा प्रशासन सौंपने की योजना है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट कर दिया कि जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी वर्तमान स्थिति से पीछे नहीं हटेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, हमास और मध्यस्थ देशों के बीच युद्धविराम की बातचीत एक नाज़ुक मोड़ पर है।

नेतन्याहू का सीधा संदेश

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, 'हमने इजरायल के सैनिकों को निर्देश दिया है कि वे हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी है वो करें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस द्वारा भेजे गए युद्धविराम मसौदे से इजरायल ने सहमति नहीं जताई है। नेतन्याहू ने कहा, 'यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है। हमने अपने सुझाव भेज दिए हैं।'

ट्रंप की 'पीस बोर्ड' पहल और हमास की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की थी कि उनकी 'पीस बोर्ड' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार किया है। ट्रंप की इस घोषणा के एक दिन बाद हमास ने कहा कि उसने गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण के रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति दे दी है — हालांकि उसने कड़ी शर्तें भी रखी हैं।

हमास का कहना है कि हथियारों को लेकर कोई भी निर्णय तभी संभव होगा जब इजरायली हमले पूरी तरह बंद हों, इजरायली सेना गाजा से वापस हटे और पुनर्निर्माण कार्य में ठोस प्रगति हो। गौरतलब है कि यह शर्तें इजरायल की मूल माँगों से सीधे टकराती हैं।

मध्यस्थ देशों की निंदा और दबाव

बीते हफ्ते गाजा में इजरायली हमलों में कई लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे और आम नागरिक भी शामिल थे। इसके बाद कतर, मिस्र और तुर्की ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की। ये तीनों देश गाजा युद्धविराम वार्ता में सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

नया शासन ढाँचा: हमास की विदाई की योजना

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एक नए अंतरराष्ट्रीय रोडमैप के तहत हमास गाजा में अपना नागरिक और सैन्य शासन दोनों छोड़ने को तैयार हुआ है। इस योजना के अंतर्गत गाजा की जिम्मेदारी एक अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपी जाएगी।

ट्रंप की गाजा शांति पहल के प्रस्ताव में एक राष्ट्रीय समिति के गठन की विस्तृत रूपरेखा है — यह एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी संस्था होगी जो संक्रमणकाल में नागरिक सेवाएँ और आंतरिक सुरक्षा दोनों संभालेगी। दस्तावेज़ के अनुसार, सभी नागरिक और सुरक्षा जिम्मेदारियाँ इस समिति को दी जाएंगी, जो सार्वजनिक संस्थाओं और कानून-व्यवस्था की देखरेख करेगी। पुनर्निर्माण शुरू होने से पहले गाजा के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का पूरा ऑडिट भी किया जाएगा।

आगे क्या होगा

इजरायल और हमास के बीच मूल माँगों पर गहरा मतभेद बना हुआ है — एक पूर्ण निरस्त्रीकरण पहले चाहता है, दूसरा पहले सैन्य वापसी। मध्यस्थ देशों पर दोनों पक्षों को एक साझा फॉर्मूले तक लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। अगले कुछ दिनों में वार्ता की दिशा यह तय करेगी कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़ती है या एक बार फिर ठहराव में आ जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर उसकी शर्तें इजरायल की माँगों के ठीक उलट हैं — दोनों पक्ष 'हाँ' कह रहे हैं, लेकिन अलग-अलग क्रम में। मध्यस्थ देशों की निंदा राजनयिक दबाव तो बढ़ाती है, पर जमीनी स्थिति बदलने के लिए यह पर्याप्त नहीं रही। असली सवाल यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इजरायल पर वह दबाव डाल सकता है जो अब तक कोई नहीं डाल पाया।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने गाजा से सेना वापसी पर क्या कहा?
नेतन्याहू ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता, इजरायली सेना गाजा में अपनी वर्तमान स्थिति से नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रंप की गाजा शांति पहल क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'पीस बोर्ड' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक मसौदा तैयार किया है। इस प्रस्ताव में हमास की शासन व्यवस्था समाप्त कर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्रीय समिति को गाजा का प्रशासन सौंपने की योजना भी शामिल है।
हमास ने युद्धविराम रोडमैप पर क्या रुख अपनाया?
हमास ने गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण के रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति दी है, लेकिन शर्त रखी है कि हथियारों पर कोई निर्णय तभी होगा जब इजरायली हमले पूरी तरह बंद हों, सेना गाजा से हटे और पुनर्निर्माण में प्रगति हो।
कतर, मिस्र और तुर्की ने क्यों संयुक्त बयान जारी किया?
बीते हफ्ते गाजा में इजरायली हमलों में बच्चों सहित कई आम नागरिकों की मौत के बाद इन तीनों मध्यस्थ देशों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर निंदा की। ये देश गाजा युद्धविराम वार्ता में सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
गाजा के नए प्रशासनिक ढाँचे में क्या प्रस्तावित है?
नए रोडमैप के अनुसार हमास की जगह एक अस्थायी फिलिस्तीनी राष्ट्रीय समिति गाजा का नागरिक और सुरक्षा प्रशासन संभालेगी। यह समिति सार्वजनिक सेवाओं और कानून-व्यवस्था की देखरेख के साथ-साथ पुनर्निर्माण से पहले वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का पूरा ऑडिट भी करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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