हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण तक गाजा नहीं छोड़ेगी इजरायली सेना — नेतन्याहू का कड़ा रुख
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट कर दिया कि जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी वर्तमान स्थिति से पीछे नहीं हटेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, हमास और मध्यस्थ देशों के बीच युद्धविराम की बातचीत एक नाज़ुक मोड़ पर है।
नेतन्याहू का सीधा संदेश
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, 'हमने इजरायल के सैनिकों को निर्देश दिया है कि वे हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी है वो करें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस द्वारा भेजे गए युद्धविराम मसौदे से इजरायल ने सहमति नहीं जताई है। नेतन्याहू ने कहा, 'यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है। हमने अपने सुझाव भेज दिए हैं।'
ट्रंप की 'पीस बोर्ड' पहल और हमास की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की थी कि उनकी 'पीस बोर्ड' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार किया है। ट्रंप की इस घोषणा के एक दिन बाद हमास ने कहा कि उसने गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण के रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति दे दी है — हालांकि उसने कड़ी शर्तें भी रखी हैं।
हमास का कहना है कि हथियारों को लेकर कोई भी निर्णय तभी संभव होगा जब इजरायली हमले पूरी तरह बंद हों, इजरायली सेना गाजा से वापस हटे और पुनर्निर्माण कार्य में ठोस प्रगति हो। गौरतलब है कि यह शर्तें इजरायल की मूल माँगों से सीधे टकराती हैं।
मध्यस्थ देशों की निंदा और दबाव
बीते हफ्ते गाजा में इजरायली हमलों में कई लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे और आम नागरिक भी शामिल थे। इसके बाद कतर, मिस्र और तुर्की ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की। ये तीनों देश गाजा युद्धविराम वार्ता में सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
नया शासन ढाँचा: हमास की विदाई की योजना
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एक नए अंतरराष्ट्रीय रोडमैप के तहत हमास गाजा में अपना नागरिक और सैन्य शासन दोनों छोड़ने को तैयार हुआ है। इस योजना के अंतर्गत गाजा की जिम्मेदारी एक अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपी जाएगी।
ट्रंप की गाजा शांति पहल के प्रस्ताव में एक राष्ट्रीय समिति के गठन की विस्तृत रूपरेखा है — यह एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी संस्था होगी जो संक्रमणकाल में नागरिक सेवाएँ और आंतरिक सुरक्षा दोनों संभालेगी। दस्तावेज़ के अनुसार, सभी नागरिक और सुरक्षा जिम्मेदारियाँ इस समिति को दी जाएंगी, जो सार्वजनिक संस्थाओं और कानून-व्यवस्था की देखरेख करेगी। पुनर्निर्माण शुरू होने से पहले गाजा के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का पूरा ऑडिट भी किया जाएगा।
आगे क्या होगा
इजरायल और हमास के बीच मूल माँगों पर गहरा मतभेद बना हुआ है — एक पूर्ण निरस्त्रीकरण पहले चाहता है, दूसरा पहले सैन्य वापसी। मध्यस्थ देशों पर दोनों पक्षों को एक साझा फॉर्मूले तक लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। अगले कुछ दिनों में वार्ता की दिशा यह तय करेगी कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़ती है या एक बार फिर ठहराव में आ जाती है।