31 जुलाई 2026
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ट्रंप का दावा: गाजा में हमास और सभी हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर समझौता

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ट्रंप का दावा: गाजा में हमास और सभी हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर समझौता

सारांश

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि गाजा में हमास सहित सभी हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर समझौता हो गया है — लेकिन हमास की चुप्पी और ट्रंप-नेतन्याहू के बीच सार्वजनिक मतभेद इस घोषणा को अभी भी अनिश्चितता के दायरे में रखते हैं।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 जुलाई 2026 को ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि हमास और गाजा के सभी हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर समझौता हुआ है।
समझौते के तहत इज़रायली सेना की वापसी और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती तय चरणों में होगी।
मिस्र , कतर और तुर्किए ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
हमास ने अब तक इस समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ पर नेतन्याहू की सार्वजनिक घोषणा पर नाराज़गी जताई; ईरान नीति पर दोनों के बीच मतभेद सामने आए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 जुलाई 2026 को दावा किया कि बोर्ड ऑफ पीस, हमास और गाजा में सक्रिय सभी अन्य हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर एक समझौता संपन्न हुआ है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर यह घोषणा की, हालाँकि अब तक हमास ने इस समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

समझौते में क्या शामिल है

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'यह समझौता गाजा पर आखिरकार एक नई फिलिस्तीनी सरकार के शासन की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, जो फिलिस्तीनी लोगों की मदद के लिए बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर काम करेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के तहत इज़रायल को वह सुरक्षा मिलेगी जिसका वह हकदार है और गाजा का उपयोग आतंकी हमलों के लिए अड्डे के रूप में नहीं किया जाएगा।

ट्रंप के अनुसार, यह समझौता तय चरणों में लागू होगा। जैसे ही निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, इज़रायली सेना वापस लौटेगी और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) नई फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालेगा।

मध्यस्थ देशों की भूमिका

ट्रंप ने बताया कि मिस्र, कतर और तुर्किए ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। यह तीनों देश पहले भी गाजा युद्धविराम वार्ताओं में सक्रिय रहे हैं। हालाँकि, समझौते की बारीकियाँ सार्वजनिक नहीं की गई हैं और हमास की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है — जो इस घोषणा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।

ट्रंप-नेतन्याहू मुलाकात और तनाव

इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक की तस्वीरें जारी कीं। एक इज़रायली अधिकारी ने इस मुलाकात को 'बहुत सकारात्मक' बताया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत ईरान के साथ संभावित संघर्ष, लेबनान से जुड़ी वार्ता और अब्राहम समझौते के विस्तार पर केंद्रित रही।

बताया जा रहा है कि नेतन्याहू ने पिकैक्स माउंटेन पर कथित ईरानी गतिविधियों से संबंधित खुफिया जानकारी भी साझा की। पिकैक्स माउंटेन एक भूमिगत स्थल है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है।

हालाँकि, ट्रंप नेतन्याहू की एक बात से नाराज़ नज़र आए। फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मैंने बीबी नेतन्याहू को यह ऐलान करते सुना। मैंने कहा, 'आप मुझे सीधे क्यों नहीं बताते? आपको दुनिया को यह ऐलान करने की क्या ज़रूरत है?'' यह टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच कूटनीतिक समन्वय को लेकर मतभेद का संकेत देती है।

ईरान पर अलग-अलग रुख

ट्रंप ने संकेत दिया कि वे तेहरान के साथ नई कूटनीतिक पहल के पक्ष में हैं, जबकि इज़रायल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने की वकालत करता रहा है। यह मतभेद दोनों देशों की मध्यपूर्व नीति में एक महत्त्वपूर्ण विभाजन रेखा को उजागर करता है।

आगे क्या होगा

गाजा में स्थायी शांति की दिशा में यह घोषणा एक अहम मोड़ हो सकती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। हमास की पुष्टि के बिना, समझौते का क्रियान्वयन कितना व्यावहारिक होगा, यह देखना बाकी है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया किस रूप में शुरू होती है और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की इसमें क्या भूमिका होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कम ब्यौरा। हमास की पुष्टि के बिना 'समझौते' को तथ्य मानना जल्दबाज़ी होगी; गाजा में पिछले डेढ़ साल में कई बार युद्धविराम की घोषणाएँ हुईं जो ज़मीन पर नहीं टिक सकीं। ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान नीति पर सार्वजनिक मतभेद यह भी बताते हैं कि अमेरिका-इज़रायल की एकजुटता उतनी अटूट नहीं जितनी दिखती है। असली सवाल यह है कि 'बोर्ड ऑफ पीस' की जवाबदेही किसके प्रति होगी और फिलिस्तीनी जनता की सहमति के बिना थोपी गई कोई भी व्यवस्था कितने समय टिकेगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने गाजा निरस्त्रीकरण समझौते के बारे में क्या दावा किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 31 जुलाई 2026 को ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि बोर्ड ऑफ पीस, हमास और गाजा के सभी हथियारबंद गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर एक समझौता संपन्न हुआ है। उनके अनुसार यह समझौता तय चरणों में लागू होगा और गाजा में नई फिलिस्तीनी सरकार की स्थापना का रास्ता खोलेगा।
क्या हमास ने इस समझौते की पुष्टि की है?
नहीं, ट्रंप की घोषणा के बाद भी हमास ने इस समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह अनिश्चितता समझौते की व्यावहारिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस समझौते में किन देशों ने मध्यस्थता की?
ट्रंप के अनुसार मिस्र, कतर और तुर्किए ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। ये तीनों देश गाजा संघर्ष से जुड़ी पिछली वार्ताओं में भी सक्रिय रहे हैं।
निरस्त्रीकरण के बाद गाजा की सुरक्षा कौन संभालेगा?
ट्रंप के अनुसार हथियार खत्म होते ही इज़रायली सेना वापस लौटेगी और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) नई फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालेगा।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच किस बात पर मतभेद सामने आए?
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ पर नाराज़गी जताई कि नेतन्याहू ने अपनी योजना पहले सार्वजनिक रूप से घोषित की, न कि सीधे उन्हें बताई। इसके अलावा ईरान नीति पर भी दोनों के रुख अलग हैं — ट्रंप तेहरान के साथ नई कूटनीति के पक्ष में हैं, जबकि इज़रायल ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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