पाक सेना ने बलूचों का किया नरसंहार, मानवाधिकार संगठनों का गंभीर आरोप

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पाक सेना ने बलूचों का किया नरसंहार, मानवाधिकार संगठनों का गंभीर आरोप

सारांश

पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूच युवाओं की हत्या का सिलसिला जारी है, जिसमें हाल ही में पांच बलूचों की हत्या और चार के लापता होने का दावा किया गया है। यह एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान सेना के द्वारा बलूचों का अपहरण और हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • मानवाधिकार संगठन इस पर गंभीर चिंता जता रहे हैं।
  • पंजगुर जिले में 40 बलूच युवाओं की हत्या की गई है।
  • सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की आवश्यकता है।
  • लापता बलूचों की खोज में मानवाधिकार संगठनों की सक्रियता जारी है।

क्वेटा, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में स्थानीय निवासियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की ज्यादती का सिलसिला जारी है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया है कि हाल ही में पाक सेना ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के पांच बलूचों को हत्या का शिकार बना दिया, जबकि चार अन्य अब भी लापता हैं।

ह्यूमन राइट्स संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने जानकारी दी कि 17 वर्षीय छात्र हातिम बलूच का शव 16 अप्रैल को गोलियों से छलनी अवस्था में मिला। उसे लगभग 11 दिन पहले पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों ने पंजगुर जिले के परूम क्षेत्र से जबरन उठाया था।

इस जघन्य हत्या की कड़ी निंदा करते हुए, बीवाईसी ने कहा, "सरकार ने बलूचिस्तान को खून से नहला दिया है। बलूचों के खून की प्यास बुझाने के लिए सरकार बिना किसी डर के हत्याएं कर रही है। जो लोग सवाल पूछते हैं, उन्हें जेलों में डाल दिया जाता है। आम नागरिकों पर ड्रोन हमले होते हैं, और एक भयावह माहौल बनाया जाता है ताकि लोग डर के मारे चुप रहें।"

इसी दिन, एक अन्य घटना में, मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने एक फर्जी एनकाउंटर में चार बलूचों की हत्या की और उनके शव को पंजगुर अस्पताल में बुरी हालत में पहुंचाया। यह दावा किया गया कि ये लोग जवाबी कार्रवाई में मारे गए।

बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर गहरी चिंता जताते हुए, संगठन ने कहा, "बलूचों की हत्या, विशेषकर फर्जी एनकाउंटर में, बलूच नरसंहार का एक संगठित रूप ले चुकी है। अकेले पंजगुर जिले में पिछले तीन महीनों में लगभग 40 बलूच युवाओं की बर्बरता से हत्या की गई है।"

बलूचिस्तान में आम जनता पर हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए, पाक, बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ने पंजगुर में पाक सेना द्वारा दो बलूच युवाओं के अपहरण की घटना की कड़ी निंदा की।

संगठनों का कहना है कि एफसी के जवानों ने दाद मोहम्मद के घर पर छापा मारा और उनके बेटे अब्दुल वाहिद दाद को एक अन्य व्यक्ति अशफाक आदम के साथ हिरासत में लिया। उसके बाद दोनों को जबरन गायब कर दिया गया। इसके अलावा, 19 वर्षीय बलूच युवक अली असगर को 16 अप्रैल को पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) द्वारा बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र में उसके घर से उठाया गया।

इसके अतिरिक्त, 19 वर्षीय छात्र मेहराज को 12 अप्रैल को पाकिस्तानी काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के लोगों ने प्रांतीय राजधानी क्वेटा में चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के पास से किडनैप किया।

राइट्स संगठन ने कहा कि मेहराज की किडनैपिंग के बाद उसका कोई पता नहीं चल रहा है, जिससे "उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंता है और उसके परिवार वाले परेशान हैं।"

Point of View

ताकि न्याय और शांति की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जा सकें।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

पाक सेना ने कितने बलूचों की हत्या की?
पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में पांच बलूचों की हत्या की है।
क्या बलूचों के लापता होने की कोई जानकारी है?
हां, चार बलूच अब भी लापता हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं है।
मानवाधिकार संगठनों ने इस पर क्या कहा?
मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और इसे बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बताया है।
क्या यह पहली बार है जब बलूचों पर हमला हुआ है?
नहीं, बलूचिस्तान में यह घटनाएं पहले भी होती रही हैं, और यह एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
सरकार का इस पर क्या कहना है?
सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की है।
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