पाकिस्तान की विकास दर में कमी आई, महंगाई में बढ़ोतरी की आशंका: आईएमएफ की रिपोर्ट

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पाकिस्तान की विकास दर में कमी आई, महंगाई में बढ़ोतरी की आशंका: आईएमएफ की रिपोर्ट

सारांश

आईएमएफ ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें विकास दर में कमी और महंगाई की बढ़ती दर का जिक्र किया गया है। यह रिपोर्ट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकती है।

Key Takeaways

  • आईएमएफ ने पाकिस्तान की विकास दर को 3.5 प्रतिशत किया कम।
  • महंगाई का अनुमान 8.4 प्रतिशत पर पहुंचा।
  • चालू खाता घाटा जीडीपी का 0.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
  • पाकिस्तान की 90 प्रतिशत ऊर्जा मध्य पूर्व से आती है।
  • वैश्विक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने की संभावना।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले यह 4.1 प्रतिशत था। इस बदलाव का मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहा तनाव बताया गया है।

आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 3.6 प्रतिशत ही रखा गया है, जो अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुमानों के करीब है।

महंगाई के मुद्दे पर भी आईएमएफ ने चिंता व्यक्त की है। अगले वित्त वर्ष में महंगाई का अनुमान 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 7 प्रतिशत था। वहीं, चालू वर्ष में महंगाई 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पहले 6.3 प्रतिशत बताई गई थी।

महंगाई के उच्च स्तर के कारण पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक पर दबाव पड़ सकता है कि वह ब्याज दरों को बढ़ाए या कम से कम उन्हें ऊंचा बनाए रखे।

आईएमएफ ने पाकिस्तान के बाहरी क्षेत्र के लिए भी अपने अनुमानों में बदलाव किया है। अगले वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा अब जीडीपी का 0.9 प्रतिशत यानी लगभग 5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो पहले के अनुमान से दोगुना है। हालांकि, चालू वर्ष के लिए यह अनुमान 0.4 प्रतिशत पर ही रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान खासतौर पर मध्य पूर्व की परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है, क्योंकि वह अपनी लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा (तेल और गैस) वहीं से प्राप्त करता है। यदि तेल-गैस की कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई में रुकावट आती है, तो देश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।

पाकिस्तान के अलावा, आईएमएफ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। आईएमएफ के अनुसार, 2026 में वैश्विक विकास दर 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले औसत (लगभग 3.4 प्रतिशत) से कम है।

वैश्विक महंगाई 2026 में 4.4 प्रतिशत तक जा सकती है, और 2027 में थोड़ी कम होकर 3.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

Point of View

जैसा कि आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है। विकास दर में कमी और बढ़ती महंगाई के संकेत यह दर्शाते हैं कि देश को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में वैश्विक स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

आईएमएफ ने पाकिस्तान की विकास दर कितनी कम की है?
आईएमएफ ने पाकिस्तान की विकास दर को 3.5 प्रतिशत पर घटाया है।
पाकिस्तान में महंगाई का अनुमान क्या है?
पाकिस्तान में अगले वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 8.4 प्रतिशत है।
आईएमएफ ने पाकिस्तान के चालू खाता घाटे का अनुमान क्या बताया है?
आईएमएफ के अनुसार, अगले वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा जीडीपी का 0.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
पाकिस्तान की ऊर्जा आवश्यकताओं का स्रोत क्या है?
पाकिस्तान की लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा मध्य पूर्व से आयात की जाती है।
वैश्विक विकास दर का अनुमान क्या है?
आईएमएफ के अनुसार, 2026 में वैश्विक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
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