क्या ऑस्ट्रेलिया ने बोंडी बीच हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित किया?

Click to start listening
क्या ऑस्ट्रेलिया ने बोंडी बीच हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित किया?

सारांश

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बोंडी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद रॉयल कमीशन का गठन किया है। यह कमीशन एंटीसेमिटिज्म और सुरक्षा उपायों की जांच करेगा। प्रधानमंत्री ने यह कदम पीड़ितों और यहूदी समुदाय के दबाव के बाद उठाया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • रॉयल कमीशन का गठन एंटीसेमिटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया है।
  • यह कदम सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
  • पीड़ित परिवारों और यहूदी समुदाय ने सुरक्षा उपायों की मांग की है।
  • कमीशन की रिपोर्ट 2026 में पेश की जाएगी।

कैनबरा, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बोंडी बीच पर हुए हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज पर यहूदी समुदाय को लेकर ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया था। कई हफ्तों से यहूदी समुदाय, व्यापारियों और खेल जगत के लोगों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई, जिसका असर गुरुवार को देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकी हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन का गठन किया जाएगा।

अल्बानीज ने कहा, "यह एक एंटीसेमिटिक आतंकी हमला था, जो आईएसआईएस से प्रेरित था और ऑस्ट्रेलिया में अब तक का सबसे घातक हमला है।" यह कमीशन एंटीसेमिटिज्म, सामाजिक समरसता की आवश्यकता और सुरक्षा उपायों की जांच करेगा।

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार, यह निर्णय पीड़ित परिवारों, यहूदी समुदाय और प्रमुख हस्तियों के दबाव के बाद लिया गया है, जो एंटीसेमिटिज्म और सुरक्षा विफलताओं पर गहन जांच की मांग कर रहे थे। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। एबीसी डॉट नेट डॉट एयू के अनुसार, अल्बानीज ने यह निर्णय पीड़ित परिवारों और यहूदी नेताओं से मिलने के बाद लिया।

प्रधानमंत्री ने कैनबरा में पार्लियामेंट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि हमारी सरकार की प्राथमिकता एकता और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देना है। ऑस्ट्रेलिया को इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है।"

यहाँ तक कि अधिकारियों और आलोचकों ने यहूदी विरोधी हमले के कुछ दिनों बाद से ही हाई-पावर्ड फेडरल जांच की मांग की थी।

प्रधानमंत्री ने बोंडी आतंकी हमले के 25 दिन बाद रॉयल कमीशन बुलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, "ये सिफारिशें और टर्म्स ऑफ रेफरेंस आज सुबह नहीं बनाए गए थे; इन्हें लंबे समय तक विचार-विमर्श के बाद निष्कर्षित किया गया है।"

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार एंटीसेमिटिज्म और सामाजिक मेलजोल के लिए एक रॉयल कमीशन बनाने की दिशा में कदम उठाएगी।

अल्बानीज ने कहा, "यह फेडरल कैबिनेट की एक मीटिंग में मंजूरी दी गई थी।"

इस कमीशन में चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: पहला, एंटीसेमिटिज्म से निपटना, इसके स्वभाव और फैलाव की जांच करना; दूसरा, एनफोर्समेंट, बॉर्डर, इमिग्रेशन, और सिक्योरिटी एजेंसियों को सुझाव देना; तीसरा, बोंडी बीच आतंकी हमले के आस-पास के हालात की जांच करना; और चौथा, ऑस्ट्रेलिया में सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए उचित सुझाव देना।

अल्बानीज ने एक डेडलाइन भी तय की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कमिश्नर वर्जीनिया बेल को 14 दिसंबर, 2026 तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

रॉयल कमीशन का गठन क्यों किया गया?
बोंडी बीच पर हुए एंटीसेमिटिक हमले के बाद पीड़ित परिवारों और यहूदी समुदाय के दबाव के कारण रॉयल कमीशन का गठन किया गया।
इस कमीशन के चार प्रमुख बिंदु क्या हैं?
कमीशन एंटीसेमिटिज्म से निपटने, सुरक्षा उपायों की जांच, बोंडी हमले के हालात की जांच और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
रिपोर्ट कब पेश की जाएगी?
कमिश्नर वर्जीनिया बेल को 14 दिसंबर, 2026 तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।
Nation Press