पोप लियो XIV रोम के जेमिली अस्पताल में भर्ती, फेफड़े की गांठ हटाने की सर्जरी होगी
सारांश
मुख्य बातें
पोप लियो XIV को मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को रोम के प्रतिष्ठित जेमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनके फेफड़े में पाई गई एक गांठ (पल्मोनरी नोड्यूल) को शल्य-चिकित्सा द्वारा हटाया जाएगा। वेटिकन ने विशेषज्ञों के हवाले से जानकारी दी है कि यह ऑपरेशन सामान्यतः कम जोखिम वाला होता है। 8 मई 2025 को कैथोलिक चर्च के प्रमुख बनने के बाद यह पोप लियो की पहली अस्पताल में भर्ती है।
कैसे मिली गांठ की जानकारी
वेटिकन के अनुसार, यह पल्मोनरी नोड्यूल रूटीन हेल्थ चेकअप के दौरान सामने आई। उस समय पोप को फेफड़ों से संबंधित कोई विशेष लक्षण नहीं थे और न ही जांच का कोई खास कारण था। डॉक्टरों ने इसे 'प्रारंभिक चरण' में पहचाना और समय रहते उपचार की सलाह दी।
71 वर्षीय पोप लियो ने स्वयं रविवार को एंजेलस प्रार्थना के बाद सेंट पीटर्स स्क्वायर में उपस्थित श्रद्धालुओं को इस बारे में जानकारी दी। अपोस्टोलिक पैलेस की खिड़की से भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों का मानना है कि इस पर इलाज करना सही रहेगा।'
सर्जरी और स्वास्थ्य लाभ की समयसीमा
वेटिकन ने बताया कि पोप के पूरी तरह ठीक होने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। इसे देखते हुए 20 अक्टूबर 2026 तक उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम और मुलाकातें रद्द कर दी गई हैं। जेमिली अस्पताल में पोप पारंपरिक रूप से सर्वोच्च मंजिल पर बने एक विशेष सुरक्षित सुइट में रहते हैं।
संभावना है कि उनके साथ उनके निजी नर्स मैसिमिलियानो स्ट्रैपेटी भी रहेंगे, जिन्होंने पिछले वर्ष उसी अस्पताल में पूर्व पोप फ्रांसिस की देखभाल की थी।
पल्मोनरी नोड्यूल क्या होता है
पल्मोनरी नोड्यूल यानी फेफड़े में ऊतकों की एक छोटी-सी गांठ होती है। चिकित्सकीय दृष्टि से अधिकांश ऐसी गांठें बिनाइन (कैंसर-रहित) होती हैं, हालाँकि कुछ मामलों में ये फेफड़ों के कैंसर का प्रारंभिक संकेत भी हो सकती हैं। वेटिकन ने इस नोड्यूल की प्रकृति के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
वेटिकन की पारदर्शिता की नई नीति
गौरतलब है कि वेटिकन परंपरागत रूप से पोप की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कड़ी गोपनीयता बरतता रहा है। हालाँकि, पूर्व पोप फ्रांसिस — जो अर्जेंटीना के थे और अपनी बीमारियों के बारे में खुलकर बात करते थे — के कार्यकाल से इस नीति में अधिक पारदर्शिता आई। लियो ने स्वयं खुलकर इस सर्जरी की घोषणा करके उसी परंपरा को आगे बढ़ाया है।
आगामी दौरे पर असर
शिकागो में जन्मे पोप लियो XIV, जो अमेरिका के पहले पोप हैं, खेल-कूद में रुचि रखते हैं और उन्हें सामान्यतः स्वस्थ माना जाता है। उनका 6 से 17 नवंबर 2026 के बीच उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित है। सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ की गति को देखते हुए यह यात्रा अभी अनिश्चित बनी हुई है। स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस दौरे की स्थिति स्पष्ट होगी।