दलाई लामा की बाएं घुटने की सर्जरी सफल, 12 जून को अपोलो अस्पताल से मिली छुट्टी
सारांश
मुख्य बातें
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की बाएं घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद उनकी सेहत में निरंतर सुधार हो रहा है और उन्हें 12 जून 2025 को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली से छुट्टी दे दी गई। दलाई लामा ने स्वयं अपने स्वास्थ्य की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है और पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद जताई गई है।
सर्जरी का विवरण और चिकित्सा टीम की भूमिका
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. राजेश मल्होत्रा ने बताया कि परम पूज्य दलाई लामा की बाएं घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी सोमवार, 8 जून को सफलतापूर्वक की गई। उपचार के दौरान दलाई लामा की निजी चिकित्सा टीम और उनके कार्यालय ने अस्पताल के प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय कर्मचारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा।
डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि अस्पताल के मेडिकल, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ ने उनके उपचार में उत्कृष्ट देखभाल प्रदान की। उन्होंने आगे कहा कि दलाई लामा की सेवा करने का अवसर पूरी चिकित्सा टीम के लिए अत्यंत सम्मान की बात रही और इस विश्वास के लिए वे आभारी हैं।
पिछली सर्जरी से तुलना
गौरतलब है कि यह दलाई लामा की दूसरी घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी है। इससे पहले जून 2024 में उन्होंने न्यूयॉर्क सिटी के हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी में दाएं घुटने का सफल प्रत्यारोपण कराया था, जिसके बाद उनकी रिकवरी संतोषजनक रही थी। इस बार बाएं घुटने की सर्जरी भारत में ही संपन्न हुई, जो उनके स्वास्थ्य प्रबंधन में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।
दलाई लामा का भारत से संबंध
दलाई लामा 1959 में तिब्बत छोड़ने के बाद से भारत में शरण लिए हुए हैं और उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (मैकलोडगंज) को अपना स्थायी निवास बनाया है। पिछले काफी समय से वे वहीं रह रहे हैं।
आगे की योजनाएँ
सर्जरी के बाद स्वस्थ होते ही दलाई लामा जून के अंत में लद्दाख जाने की योजना रखते हैं, जहाँ वे एक विस्तारित अवधि तक प्रवास करेंगे। लद्दाख में उनके कार्यक्रमों और प्रवास का विस्तृत कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।