दलाई लामा कांगड़ा एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना, बाएं घुटने की सर्जरी के बाद लद्दाख जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा शुक्रवार, 5 जून की सुबह कांगड़ा एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनका यह दौरा स्वास्थ्य संबंधी है — दिल्ली में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनके बाएं घुटने की सर्जरी होनी है। सर्जरी के बाद वे जून के अंत में लद्दाख प्रवास पर जाएंगे।
रवानगी का दृश्य और अनुयायियों का जनसैलाब
शुक्रवार सुबह कांगड़ा एयरपोर्ट के बाहर बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्र हो गए। श्रद्धालु धर्मगुरु के अंतिम दर्शन के लिए घंटों पहले से वहाँ पहुँचे थे। एयरपोर्ट पर मौजूद दो महिला अनुयायियों ने बताया कि गुरुजी के दिल्ली रवाना होने की सूचना मिलते ही वे सुबह-सुबह दर्शन के लिए पहुँच गईं। उन्होंने कहा, 'हम सब गुरुजी के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।'
दीर्घकालिक घुटने की तकलीफ और उपचार की योजना
बताया जा रहा है कि दलाई लामा काफी समय से घुटने के दर्द से पीड़ित हैं। नई दिल्ली में विशेष चिकित्सकों की टीम उनके बाएं घुटने की सर्जरी करेगी। सर्जरी सफल होने के बाद वे जून के अंत में लद्दाख के विस्तारित प्रवास पर जाएंगे। लद्दाख में उनके कार्यक्रमों और प्रवास की विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
धर्मशाला: छह दशकों का निर्वासित आवास
पिछले लंबे समय से दलाई लामा हिमाचल प्रदेश के मैकलोडगंज में अपने निवास पर ही थे। वर्ष 1959 में तिब्बत छोड़ने के बाद से वे भारत में शरण लिए हुए हैं और धर्मशाला को अपना स्थायी निवास बनाया है। यह वही समय था जब चीन ने 1950 में हिमालयी क्षेत्र में सैनिक भेजे थे। तब से दलाई लामा धर्मशाला से तिब्बती निर्वासित सरकार और समुदाय का नेतृत्व करते रहे हैं।
नोबेल पुरस्कार विजेता और वैश्विक आध्यात्मिक प्रतीक
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को वर्ष 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें निर्वासन में रहते हुए तिब्बत के मुद्दे को जीवित रखने और शांतिपूर्ण संघर्ष की वकालत करने के लिए दिया गया था। उन्होंने बौद्ध धर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आगे क्या
सर्जरी की तिथि और अस्पताल की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। लद्दाख प्रवास के कार्यक्रम भी बाद में घोषित किए जाएंगे। उनके अनुयायी और बौद्ध समुदाय सर्जरी की सफलता के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।