लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली एम्स रवाना, परिवार साथ
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सोमवार, 20 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सा देखरेख के लिए नई दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटी एवं राज्यसभा सांसद मीसा भारती भी मौजूद रहीं। कई वर्षों से उनका इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहा है।
अचानक बिगड़ी तबीयत, पटना में भर्ती
शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में भर्ती कराया गया। उस समय उनके साथ राबड़ी देवी, मीसा भारती और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी उपस्थित थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने ईसीजी सहित कई आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए। नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा की निगरानी में आँखों की भी विस्तृत जाँच की गई।
करीब दो घंटे की निगरानी के बाद हालत स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मीसा भारती का बयान और राज्य सरकार पर निशाना
पटना से रवाना होने से पहले मीसा भारती ने मीडिया को बताया कि लालू यादव की तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है और एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी रहेगा। उन्होंने पटना के कौटिल्य नगर इलाके की खराब सफाई व्यवस्था को भी तबीयत बिगड़ने की एक वजह बताया।
मीसा भारती ने राज्य सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी के एक कॉलेज दौरे के दौरान जिला अधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी उनके साथ मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'सरकार को तय करना चाहिए कि क्या मुख्यमंत्री की पत्नी को इस तरह की सरकारी सुरक्षा और सुविधाएं मिलनी चाहिए। अगर डीएम और एसपी उनके साथ थे, तो सरकार को बताना चाहिए कि वे जनता की सेवा छोड़कर किस अधिकार से मुख्यमंत्री की पत्नी के साथ थे।'
लंबे समय से चल रहा है इलाज
लालू प्रसाद यादव किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं। चिकित्सकों ने उन्हें हर तीन महीने में नियमित जाँच कराने की सलाह दी है, हालाँकि पिछले एक वर्ष के दौरान उनकी नियमित जाँच प्रभावित रही। करीब दो महीने पहले वे नियमित जाँच के लिए सिंगापुर भी गए थे, जिसके लिए उन्होंने दिल्ली की एक अदालत से अनुमति ली थी।
दिसंबर 2025 में हुई जाँच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी आँखों में मोतियाबिंद और रेटिना से जुड़ी समस्या का पता लगाया था। इसके बाद दिल्ली के एक निजी नेत्र अस्पताल में मोतियाबिंद और रेटिना की सफल सर्जरी की गई, और तब से नियमित फॉलो-अप जाँच जारी है।
आगे क्या
एम्स, नई दिल्ली में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आगे का उपचार तय करेगी। लालू यादव की सेहत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता बनी हुई है, और उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर सबकी नज़र टिकी है।