पोप लियो का बयान: 'ईश्वर युद्ध करने वाले नेताओं की प्रार्थनाएं अस्वीकार करते हैं'

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पोप लियो का बयान: 'ईश्वर युद्ध करने वाले नेताओं की प्रार्थनाएं अस्वीकार करते हैं'

सारांश

पोप लियो ने पाम संडे पर शक्तिशाली संदेश दिया, जिसमें उन्होंने युद्ध करने वाले नेताओं की प्रार्थनाओं को अस्वीकार करने की बात कही। यह बयान ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि में आया है, जहाँ हालात अत्यंत संवेदनशील हैं। उन्होंने शांति की अपील की और युद्ध को सही ठहराने की कोशिशों की निंदा की।

Key Takeaways

  • ईश्वर युद्ध करने वाले नेताओं की प्रार्थनाएं अस्वीकार करते हैं।
  • पोप लियो ने शांति की अपील की।
  • ईरान संघर्ष की स्थिति संवेदनशील है।
  • पाम संडे पर दिया गया यह बयान पवित्र सप्ताह की शुरुआत है।
  • पोप ने युद्ध को सही ठहराने की कोशिशों की निंदा की।

वेटिकन सिटी, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान संकट को तीस दिन हो चुके हैं। स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ ग्राउंड एक्शन की भी जानकारी सामने आ रही है। हाल ही में कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने हमलों को धर्म की आड़ में सही ठहराया था। पाम संडे के अवसर पर पोप लियो (14वें) ने किसी का नाम लिए बिना इसकी कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कड़ी भाषा में कहा कि ईश्वर उन नेताओं की प्रार्थनाओं को अस्वीकार कर देते हैं जो युद्ध आरंभ करते हैं और जिनके "हाथ खून से सने होते हैं।"

पोप ने कहा कि कोई भी देश या नेता भगवान के नाम पर युद्ध को सही नहीं ठहरा सकता। उन्होंने अपील की कि दुनिया शांति का मार्ग अपनाए और पीड़ितों के साथ खड़ी रहे।

पाम संडे हर साल ईस्टर से पहले का सबसे पवित्र सप्ताह शुरू होने का प्रतीक है। इस अवसर पर सेंट पीटर स्क्वायर में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने विचार साझा किए। पोप ने कहा कि यीशु का इस्तेमाल किसी भी युद्ध को सही ठहराने के लिए नहीं किया जा सकता।

अमेरिका के पहले पोप, लियो ने कड़ी धूप में कहा, "यही हमारे ईश्वर हैं: यीशु, शांति के राजा, जो युद्ध को अस्वीकार करते हैं, जिनका इस्तेमाल कोई भी युद्ध को सही ठहराने के लिए नहीं कर सकता।"

उन्होंने बाइबल के एक अंश का संदर्भ देते हुए कहा, "यीशु उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध छेड़ते हैं, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देते हैं, यह कहते हुए कि 'भले ही तुम कितनी भी प्रार्थनाएं करो, मैं नहीं सुनूंगा: तुम्हारे हाथ खून से सने हैं।'"

लियो ने किसी भी विश्व नेता का नाम विशेष रूप से नहीं लिया।

पोप, जो अपने शब्दों का चयन सावधानी से करने के लिए जाने जाते हैं, ने इस संघर्ष में तुरंत युद्धविराम की बार-बार अपील की है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि सैन्य हवाई हमले अंधाधुंध होते हैं और उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने 28 फरवरी को ईरान पर हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों को सही ठहराने के लिए ईसाई शब्दावली का उपयोग किया है; इन्हीं हमलों ने इस बढ़ते हुए युद्ध की शुरुआत की थी।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को एक प्रार्थना सभा में उन लोगों के खिलाफ "जबरदस्त हिंसक कार्रवाई" के लिए प्रार्थना करने की बात कही थी, जो उनके अनुसार किसी भी दया के पात्र नहीं हैं।

Point of View

बल्कि यह युद्ध और शांति के मुद्दों पर एक सशक्त संदेश भी है। यह दर्शाता है कि धार्मिक नेता भी युद्ध की निंदा कर रहे हैं और शांति की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

पोप लियो का पाम संडे पर दिया गया बयान किस संदर्भ में था?
पोप लियो का बयान ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि में था, जिसमें उन्होंने युद्ध करने वाले नेताओं की प्रार्थनाओं को अस्वीकार करने की बात कही।
पोप लियो ने किस प्रकार के हमलों की निंदा की?
पोप लियो ने अमेरिकी-इजरायली हमलों को जिनका धर्म की आड़ में सही ठहराया गया था, की निंदा की।
पाम संडे का क्या महत्व है?
पाम संडे ईस्टर से पहले के पवित्र सप्ताह की शुरुआत का प्रतीक है।
पोप लियो ने युद्ध के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कोई भी नेता या देश भगवान के नाम पर युद्ध को सही नहीं ठहरा सकता।
पोप का यह बयान किस तरह असर डाल सकता है?
यह बयान वैश्विक स्तर पर शांति और युद्ध के मुद्दों पर चर्चाओं को प्रभावित कर सकता है।
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