खैबर पख्तूनख्वा में सीएनजी संकट: स्कूल और परिवहन सेवाएँ प्रभावित
सारांश
Key Takeaways
- सीएनजी की कमी ने खैबर पख्तूनख्वा में परिवहन सेवाओं को बाधित किया है।
- स्कूल वैन और बस ऑपरेटरों ने अपनी सेवाएँ बंद कर दी हैं।
- सार्वजनिक परिवहन सेवाओं ने किराया बढ़ा दिया है।
- पाकिस्तान सरकार ने ईंधनों की कीमतों में वृद्धि की है।
- यह संकट नागरिकों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है।
इस्लामाबाद, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर और अन्य क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को नेचुरल गैस की गंभीर कमी के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पूरे प्रांत में सीएनजी स्टेशन बंद हैं।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश स्कूल वैन और बस ऑपरेटरों ने सीएनजी की अनुपलब्धता के कारण अपनी सेवाएँ बंद कर दी हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रदाताओं ने पेट्रोल का उपयोग शुरू करते ही किराया बढ़ा दिया है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
रविवार को पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा के अन्य क्षेत्रों में सीएनजी भंडारण स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद रहे। क्षेत्र के कई हिस्सों में प्राकृतिक गैस की अनियोजित कटौती का सामना करना पड़ा, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की समस्याएँ और बढ़ गईं।
सीएनजी स्टेशनों के बंद होने के कारण कई वाहनों को संचालन बंद करना पड़ा या फिर महंगे पेट्रोल पर चलाना पड़ा, जिससे परिवहन किराए में वृद्धि हुई। स्कूल परिवहन संचालक इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल पर वाहन चलाना उनके लिए संभव नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपनी सेवाएँ बाधित करनी पड़ीं।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, अभिभावकों ने स्कूल परिवहन की बंदी पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इससे बच्चों की पढ़ाई और सामान्य दिनचर्या प्रभावित होगी।
सार्वजनिक परिवहन संचालक भी कई कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। जो लोग सीएनजी के बजाय पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं, उन्होंने किराए में वृद्धि कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सीएनजी स्टेशन फिर से शुरू नहीं हुए, तो वे अपनी सेवाएँ बंद कर सकते हैं।
दो अप्रैल को पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की। पेट्रोल की कीमत में 43 प्रतिशत और उच्च गति डीजल (एचएसडी) में 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई।
अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल की कीमत पाकिस्तानी रुपए (पीकेआर) 321.17 प्रति लीटर से बढ़ाकर पीकेआर 458.41 कर दी गई। वहीं, एचएसडी की कीमत पीकेआर 335.86 से बढ़ाकर पीकेआर 520.35 प्रति लीटर कर दी गई। केरोसीन की कीमत भी पीकेआर 34.08 बढ़ाकर पीकेआर 457.80 कर दी गई।
डीजल की कीमतों में वृद्धि और उसके परिवहन और माल ढुलाई लागत पर प्रभाव को सीमित करने के लिए पेट्रोलियम लेवी दरों में भी बदलाव किया गया। पेट्रोल पर लेवी पीकेआर 105 से बढ़ाकर पीकेआर 160 प्रति लीटर कर दी गई, जबकि डीजल पर इसे पीकेआर 55 से घटाकर शून्य कर दिया गया।
दो अप्रैल को अपने बयान में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि ये “कठिन और जिम्मेदार” फैसले व्यापक चर्चा के बाद लिए गए, जिसमें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सैन्य नेतृत्व और प्रांतीय मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य सब्सिडी को केवल सबसे जरूरतमंद वर्गों तक सीमित करना है, साथ ही राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना और पिछले दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के तहत हासिल आर्थिक स्थिरता की रक्षा करना है।