बिलासपुर में पुलिस ने 17.90 लाख रुपए की बरामदगी की, अमित बघेल को हाईकोर्ट से मिली राहत
सारांश
Key Takeaways
- बिलासपुर में 17.90 लाख रुपए की बरामदगी हुई।
- अमित बघेल को हाईकोर्ट से राहत मिली।
- पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।
- जमानत शर्तों के अनुसार, बघेल को रायपुर में रहने की अनुमति नहीं।
- समाज पर टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी।
बिलासपुर, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पुलिस ने बिलासपुर में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए संदिग्ध परिस्थितियों में लाखों रुपए बरामद किए हैं। साथ ही, जोहार छत्तीसगढ़ी पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को उच्च न्यायालय से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है।
कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक व्यक्ति से लगभग 17.90 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 8 अप्रैल को पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि टेगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति दो सूटकेस और एक बैग के साथ संदिग्ध स्थिति में घूम रहा है।
पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में लिया और पूछताछ की। संदिग्ध ने अपना नाम पवन बजाज (35) निवासी कश्यप कॉलोनी, पुराना बस स्टैंड, थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर बताया।
तलाशी के दौरान उसके पास से 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों के कुल 81 बंडल मिले, जिनकी कुल राशि लगभग 17.90 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने इस रकम को संदेहास्पद मानते हुए जब्त कर लिया है और इसके स्रोत के बारे में जांच जारी है।
इस कार्रवाई में बेलगहना चौकी और एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं, एक अन्य मामले में जोहार छत्तीसगढ़ी पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है। न्यायालय ने उनके खिलाफ दर्ज 14 एफआईआर मामलों में तीन महीने की अंतरिम जमानत को मंजूर कर दिया है। ये सभी मामले तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्रों में दर्ज थे।
जानकारी के अनुसार, ये मामले एक प्रेस बयान को लेकर दर्ज किए गए थे, जिसमें एक विशेष समाज पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था।
उच्च न्यायालय ने जमानत देते हुए यह शर्त रखी है कि अमित बघेल अगले तीन महीनों तक रायपुर में नहीं रहेंगे। उन्हें केवल न्यायालय में पेशी के लिए रायपुर आने की अनुमति होगी।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।