बंगाल में डबल इंजन सरकार की संभावना, जनता का पूरा समर्थन: गुलाम अली खटाना
सारांश
Key Takeaways
- गुलाम अली खटाना ने बंगाल में डबल इंजन सरकार की संभावनाओं का समर्थन किया।
- बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
- महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने विशेष सत्र बुलाया है।
- भारत को 140 करोड़ लोगों का परिवार मानते हैं मोदी।
- बंगाल का विकास अब ममता बनर्जी की चिंता का विषय बन गया है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनने की संभावना प्रबल है।
नई दिल्ली में भाजपा सांसद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि ममता दीदी पहले बांग्लादेशियों के मुद्दे को लेकर चिंतित थीं, लेकिन अब उन्हें बंगाल के विकास की चिंता होने लगी है।
गुलाम अली खटाना ने कहा कि देश के संसाधनों पर अधिकार केवल देश के नागरिकों का होना चाहिए, और बंगाल की जनता ने यह तय कर लिया है कि अगली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की होगी। इसमें किसी प्रकार का संदेह नहीं है।
शशि थरूर के बयान पर उन्होंने कहा कि जब से पीएम मोदी ने देश की सत्ता संभाली है, तब से भारत दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में उभरा है। आज कोई भी भारतीय नागरिक जब किसी हवाई अड्डे पर उतरता है, तो उसे आदर और सम्मान के साथ देखा जाता है। पीएम मोदी ने देश की बागडोर युवाओं के हाथों में सौंप दी है। विकसित राष्ट्र अब भारत में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं, जो हमारे किसानों और मानव संसाधनों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
महिला आरक्षण विधेयक पर गुलाम अली खटाना ने कहा कि पीएम मोदी ने इसके लिए तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। मैं यह कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने देश का पूरा ध्यान रखा है। कांग्रेस का काम केवल लटकाना, हटाना और वोट बैंक बनाना है, जबकि मोदी ने ठोस वादा किया है। हमें आशा है कि सभी राजनीतिक दल इसका समर्थन करेंगे और हमारी बहनों, बेटियों तथा माताओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
पीएम मोदी के एक बयान का समर्थन करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि पुरानी कांग्रेस सरकारें बांटने और राज करने की सोच रखती थीं, जबकि मोदी 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानते हैं। यह सोच में बदलाव ही है। देश के लोगों को अपने परिवार के रूप में देखना, उन्हें विकास का अधिकार देना और भारत को दुनिया की महान शक्ति बनाने का लक्ष्य रखना—यह एक विजन और मिशन है।