पुतिन ने रूसी सेना में बड़ा फेरबदल किया, डोनेट्स्क से ड्रोन यूनिट तक नई कमान संभाली
सारांश
मुख्य बातें
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 5 अगस्त 2026 को सेना और रक्षा मंत्रालय में व्यापक वरिष्ठ-स्तरीय फेरबदल की घोषणा की, जिसमें कमान संरचना, लॉजिस्टिक्स और नवगठित मानवरहित सैन्य प्रणाली तक की जिम्मेदारियाँ नए अधिकारियों को सौंपी गई हैं। क्रेमलिन में आयोजित बैठक में पुतिन ने कहा कि ये बदलाव सेना की संगठनात्मक व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
हथियारों की खरीद और आपूर्ति की जिम्मेदारी उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर सांचिक को सौंपी गई है, जो इससे पहले फील्ड कमांडर के रूप में कार्यरत रह चुके हैं। इसके अलावा, वालेरी सोलोडचुक को उप रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है और वे सेना की समस्त पिछली-पंक्ति सहायता एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं की देखरेख करेंगे।
आंद्रे इवानायेव को 'सेंटर ग्रुप ऑफ फोर्सेज' का कमांडर बनाया गया है — यह समूह डोनेट्स्क क्षेत्र में महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का संचालन करता है। प्योत्र बोल्गारेव को ईस्टर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट का कार्यवाहक कमांडर और 'ईस्ट ग्रुप ऑफ फोर्सेज' का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
ड्रोन और मानवरहित प्रणाली को मिला नया नेतृत्व
पुतिन ने घोषणा की कि डेनिस ल्यामिन — जो पहले सेंटर ग्रुप ऑफ फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ थे — अब रूस की नवगठित मानवरहित सैन्य प्रणाली के निर्माण और विकास की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह नियुक्ति उस समय हो रही है जब युद्धक्षेत्र में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है और रूस अपनी स्वायत्त युद्ध क्षमता को संस्थागत रूप देने की कोशिश में है।
सेना की कुल संख्या में भी वृद्धि
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही पुतिन ने एक राष्ट्रपति आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूसी सशस्त्र बलों में 25,000 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती को मंजूरी दी गई। यह जानकारी कानूनी दस्तावेजों के आधिकारिक पोर्टल पर प्रकाशित हुई थी।
इससे पहले जून 2026 में पुतिन ने सशस्त्र बलों की कुल स्वीकृत संख्या 23,99,130 कर्मियों — जिनमें 15,10,000 सैनिक शामिल थे — निर्धारित की थी। नए राष्ट्रपति आदेश में कहा गया है कि 'रूसी सशस्त्र बलों के भीतर नए सैन्य निर्माण इकाइयों की स्थापना के कारण, 12 जून 2026 के राष्ट्रपति आदेश संख्या 419 में संशोधन किया जाता है। अब रूसी सशस्त्र बलों की स्वीकृत कुल संख्या 24,26,130 कर्मियों की होगी, जिनमें 15,35,000 सैनिक शामिल होंगे।'
बैठक में कौन-कौन शामिल था
क्रेमलिन में आयोजित इस उच्च-स्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव, रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख वालेरी गेरासिमोव तथा सेंटर और ईस्ट सैन्य समूहों के कमांडर भी उपस्थित थे। पुतिन ने बैठक में कहा कि रक्षा मंत्रालय कमान और लॉजिस्टिक्स को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
आगे क्या
यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के मोर्चों पर दबाव बना हुआ है और रूस अपनी सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को युद्धकालीन परिस्थितियों के अनुकूल ढालने की कोशिश कर रहा है। नई नियुक्तियाँ और बढ़ी हुई सैन्य संख्या मिलकर संकेत देती हैं कि मॉस्को दीर्घकालिक सैन्य प्रतिबद्धता की तैयारी कर रहा है।