ड्रोन और AI बदलेंगे भविष्य के युद्ध का चेहरा, अमेरिकी सेना सचिव की कांग्रेस को चेतावनी

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ड्रोन और AI बदलेंगे भविष्य के युद्ध का चेहरा, अमेरिकी सेना सचिव की कांग्रेस को चेतावनी

सारांश

यूक्रेन युद्ध ने साबित कर दिया कि भविष्य की लड़ाइयाँ सस्ते, स्मार्ट और बड़ी संख्या में तैनात ड्रोन से लड़ी जाएँगी। अमेरिकी सेना सचिव ड्रिस्कॉल की कांग्रेस को चेतावनी — AI के बिना ड्रोन हमलों का जवाब देना इंसानों के बस की बात नहीं, और जो सेना नहीं बदली, वह पीछे छूट जाएगी।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने 16 मई 2026 को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने कहा कि ड्रोन और AI आधुनिक युद्ध को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं।
यूक्रेन और रूस दोनों करीब 50-50 लाख ड्रोन का उत्पादन कर रहे हैं; अमेरिका शांतिकाल में इस स्तर पर नहीं, लेकिन त्वरित उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य।
'ऑपरेशन जेलब्रेक' ( फोर्ट कार्सन ) के तहत अलग-अलग सैन्य प्रणालियों के बीच जानकारी साझा करने की बाधाएँ दूर की जा रही हैं।
जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने कहा कि यूक्रेन और ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम के अनुभव अब सेना की ट्रेनिंग और रणनीति में तेजी से शामिल किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधि यूजीन विंडमैन ने 2027 बजट में छोटे ड्रोन के लिए कम आवंटन पर चिंता जताई।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संभावित संघर्षों को ध्यान में रखकर AI-आधारित स्वायत्त प्रणालियाँ विकसित की जा रही हैं।

अमेरिकी सेना के सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने 16 मई 2026 को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने स्पष्ट किया कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वायत्त हथियार प्रणालियाँ आधुनिक युद्ध की रूपरेखा को अभूतपूर्व गति से पुनर्परिभाषित कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो सेनाएँ इस बदलाव के साथ कदम नहीं मिलाएँगी, वे भविष्य के संघर्षों में पिछड़ जाएँगी।

मुख्य घटनाक्रम

यह बयान अमेरिकी सेना के 2027 के बजट पर हुई एक तीखी संसदीय सुनवाई के दौरान सामने आया। दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि सस्ते, बड़ी संख्या में तैनात किए जा सकने वाले मानव रहित हथियार अब निगरानी, लक्ष्य निर्धारण और बड़े हमलों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

ड्रिस्कॉल ने कहा, 'ड्रोन इंसानों के बीच युद्ध करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहे हैं। इतिहास में इतनी तेजी से बदलाव पहले कभी नहीं देखा गया। ये सस्ते होते हैं, जरूरत के हिसाब से बदले जा सकते हैं, बेहद सटीक होते हैं और कई तरह के काम कर सकते हैं।'

इंडो-पैसिफिक पर विशेष नज़र

ड्रिस्कॉल ने बताया कि अमेरिकी सेना अब AI, स्वचालित तकनीक और आधुनिक कमांड प्रणालियों से लैस सिस्टम तेजी से विकसित कर रही है। इन तैयारियों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संभावित भविष्य के संघर्षों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जा रहा है — जो चीन के साथ बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण है।

अमेरिकी सेना के जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने कहा, 'हम यूक्रेन और ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम से बहुत कुछ सीख रहे हैं। इन अनुभवों को अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से सेना की ट्रेनिंग और रणनीति में शामिल किया जा रहा है।'

ऑपरेशन जेलब्रेक: सिस्टम एकीकरण की कोशिश

अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन जेलब्रेक' नाम से एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है, जो फोर्ट कार्सन में चल रही है। इसमें रक्षा कंपनियाँ और सेना के इंजीनियर मिलकर उन सॉफ्टवेयर बाधाओं को दूर करने में लगे हैं जो अलग-अलग सैन्य प्रणालियों के बीच युद्ध-संबंधी जानकारी के त्वरित आदान-प्रदान को रोकती हैं।

ड्रिस्कॉल ने स्वीकार किया कि अमेरिका की कई सैन्य प्रणालियाँ अभी भी 'साइलो' यानी बंद ढाँचे में काम करती हैं। उन्होंने कहा, 'जो भी सिस्टम कोई जानकारी तैयार करे, वह जानकारी अमेरिकी सेना तक कहीं भी तुरंत पहुँचनी चाहिए।'

AI बनाम इंसान: ड्रोन हमलों में प्रतिक्रिया की सीमा

सेना सचिव ने यह भी रेखांकित किया कि बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में केवल मानवीय क्षमता पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'अगर एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन हमला करें, तो इंसान अकेले इतनी तेजी से प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।' इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और झुंड-आधारित ड्रोन हमलों के खिलाफ AI-संचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को अनिवार्य बताया गया।

बजट विवाद और औद्योगिक क्षमता का सवाल

सुनवाई में प्रतिनिधि यूजीन विंडमैन ने चिंता जताई कि छोटे ड्रोन खरीदने के लिए प्रस्तावित बजट पिछले वर्षों की तुलना में कम दिख रहा है — जो अमेरिका की ड्रोन युद्ध के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है।

इस पर ड्रिस्कॉल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की रणनीति शांतिकाल में ड्रोन का विशाल भंडार जमा करने की नहीं है, बल्कि एक ऐसा औद्योगिक ढाँचा तैयार करने की है जो संघर्ष शुरू होते ही कम समय में बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सके। उन्होंने कहा, 'यूक्रेन करीब 50 लाख ड्रोन बना रहा है और रूस भी लगभग उतने ही तैयार कर रहा है। अमेरिका अभी शांतिकाल में इस स्तर पर नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हमें बहुत तेजी से उस क्षमता तक पहुँचने में सक्षम होना होगा।'

यह बहस ऐसे समय में सामने आई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक सैन्य सोच को मौलिक रूप से बदल दिया है और भारत सहित कई देश अपनी ड्रोन नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह बजट का विरोधाभास है — एक ओर ड्रोन युद्ध को 'युगांतरकारी' बताया जा रहा है, दूसरी ओर छोटे ड्रोन के लिए प्रस्तावित आवंटन घट रहा है। 'औद्योगिक क्षमता' का तर्क तभी विश्वसनीय है जब उसकी समयसीमा और वित्त-पोषण स्पष्ट हो — जो अभी नहीं है। यूक्रेन ने यह भी दिखाया है कि ड्रोन युद्ध में जीत केवल संख्या से नहीं, सॉफ्टवेयर अपडेट की गति और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता से तय होती है — और इस मोर्चे पर अमेरिका की 'साइलो' प्रणाली अभी भी एक बड़ी कमज़ोरी बनी हुई है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी सेना ड्रोन युद्ध को लेकर क्या रणनीति अपना रही है?
अमेरिकी सेना शांतिकाल में ड्रोन का विशाल भंडार जमा करने की बजाय एक ऐसा औद्योगिक ढाँचा तैयार कर रही है जो संघर्ष शुरू होते ही बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सके। साथ ही AI और स्वायत्त प्रणालियों को सेना की मुख्य रणनीति में शामिल किया जा रहा है।
ऑपरेशन जेलब्रेक क्या है और यह क्यों जरूरी है?
'ऑपरेशन जेलब्रेक' फोर्ट कार्सन में चल रही एक परियोजना है जिसमें रक्षा कंपनियाँ और सेना के इंजीनियर मिलकर उन सॉफ्टवेयर बाधाओं को हटा रहे हैं जो अलग-अलग सैन्य प्रणालियों के बीच युद्ध-संबंधी जानकारी के त्वरित आदान-प्रदान को रोकती हैं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अमेरिका की कई प्रणालियाँ अभी भी बंद 'साइलो' ढाँचे में काम करती हैं।
यूक्रेन युद्ध से अमेरिकी सेना को क्या सबक मिले हैं?
यूक्रेन युद्ध ने स्पष्ट किया कि सस्ते, बड़ी संख्या में तैनात और सटीक ड्रोन निगरानी, लक्ष्य निर्धारण और हमलों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जनरल क्रिस्टोफर लानेव के अनुसार, इन अनुभवों को अब सेना की ट्रेनिंग और रणनीति में पहले से कहीं तेजी से शामिल किया जा रहा है।
भविष्य के ड्रोन युद्ध में AI की क्या भूमिका होगी?
सेना सचिव ड्रिस्कॉल के अनुसार, बड़े पैमाने पर एक साथ ड्रोन हमला होने पर इंसान अकेले इतनी तेजी से प्रतिक्रिया नहीं दे सकता, इसलिए AI-संचालित प्रतिक्रिया प्रणाली अनिवार्य होगी। इलेक्ट्रॉनिक हमलों और झुंड-आधारित ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए AI की मदद जरूरी मानी जा रही है।
अमेरिका के 2027 के रक्षा बजट में ड्रोन को लेकर क्या विवाद है?
प्रतिनिधि यूजीन विंडमैन सहित कई सांसदों ने चिंता जताई कि 2027 के बजट में छोटे ड्रोन खरीदने का प्रस्तावित आवंटन पिछले वर्षों की तुलना में कम दिख रहा है, जो ड्रोन युद्ध के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है। सेना सचिव ने कहा कि रणनीति भंडारण नहीं, त्वरित उत्पादन क्षमता पर केंद्रित है।
राष्ट्र प्रेस
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