पेंटागन का अलार्म: आधुनिक युद्धों में ड्रोन की आवश्यकता

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पेंटागन का अलार्म: आधुनिक युद्धों में ड्रोन की आवश्यकता

सारांश

पेंटागन ने बताया कि सस्ते और बड़े पैमाने पर ड्रोन युद्ध की प्रकृति को बदल रहे हैं। यूक्रेन संघर्ष से मिली सीखों ने दिखाया है कि अमेरिका को एक मजबूत घरेलू ड्रोन उद्योग के विकास और सैनिकों को मानवरहित प्रणालियों से लैस करना आवश्यक है।

Key Takeaways

  • ड्रोन आधुनिक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
  • यूक्रेन युद्ध से मिली सीखों ने ड्रोन उद्योग के विकास की आवश्यकता को उजागर किया है।
  • अमेरिकी सांसदों ने ड्रोन तकनीक में तेजी लाने की सहमति जताई है।
  • चीन वैश्विक ड्रोन बाजार में प्रमुख स्थान पर है।
  • पेंटागन ने उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के लिए 1.1 अरब डॉलर का निवेश किया है।

वॉशिंगटन, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेंटागन ने अमेरिकी सांसदों को सूचित किया है कि सस्ते और व्यापक रूप से निर्मित ड्रोन आधुनिक युद्ध की संरचना को पूरी तरह से बदल रहे हैं। यूक्रेन युद्ध और हाल के ईरान से जुड़े संघर्षों से प्राप्त अनुभवों से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका के लिए एक मजबूत घरेलू ड्रोन उद्योग का विकास और सैनिकों को बड़ी संख्या में मानवरहित प्रणालियों से लैस करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के समक्ष गवाही देते हुए पेंटागन के उच्च अधिकारियों ने कहा कि छोटे ड्रोन अब युद्धक्षेत्र में एक महत्वपूर्ण हथियार बन चुके हैं, और अमेरिका को उत्पादन में तेजी लाने के साथ-साथ चीन पर निर्भरता को कम करने की आवश्यकता है।

पेंटागन के ड्रोन डोमिनेंस के सलाहकार ओवेन वेस्ट ने सांसदों से कहा, “ड्रोन युद्धक्षेत्र में तकनीकी नवाचार के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक हैं।”

उन्होंने बताया कि अमेरिकी ड्रोन औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए विभाग की योजना के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं: “पहला, घरेलू विनिर्माण आधार को मजबूत करना, दूसरा हमारी लड़ाकू इकाइयों को हथियारों से लैस करना और तीसरा, तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति के लिए अतिरिक्त वित्तपोषण करना।”

वेस्ट ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी सैनिकों को आधुनिक युद्धक्षेत्र में लड़ाई के लिए तेजी से ड्रोन प्रदान किए जा सकें। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों ने सहमति जताई कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।

सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष रोजर विकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक युद्ध की प्रकृति को स्थायी रूप से बदल दिया है, और छोटे मानवरहित प्रणालियों के महत्व में वृद्धि को दर्शाता है।

विकर ने चेतावनी दी कि वैश्विक ड्रोन बाजार में अमेरिका पीछे रह गया है। उनके अनुसार, चीन ने सरकारी सब्सिडी, आक्रामक मूल्य निर्धारण और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नियंत्रण का उपयोग करके वैश्विक छोटे ड्रोन बाजार के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर कब्जा कर लिया है।

इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी ड्रोन चीनी मॉडलों की तुलना में 5 से 25 गुना तक महंगे हो गए हैं। समिति के वरिष्ठ सदस्य जैक रीड ने कहा कि युद्धक्षेत्र में परिवर्तन का पैमाना पहले से ही स्पष्ट है। अब युद्धक्षेत्र में होने वाली आधे से अधिक हताहतों का कारण मानवरहित हवाई प्रणालियां हैं।

पेंटागन के ड्रोन डोमिनेंस कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर ट्रैविस मेट्ज़ ने समिति को बताया कि विभाग ने उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के प्रयास के तहत अगले 18 महीनों में ड्रोन प्रणालियों की खरीद के लिए 1.1 अरब डॉलर देने का निर्णय लिया है।

मेट्ज़ ने कहा कि ड्रोन डोमिनेंस कार्यक्रम अमेरिकी छोटे ड्रोन उद्योग को आगे बढ़ाने का इंजन है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दो मुख्य लक्ष्य हैं: पहला, छोटे ड्रोन के लिए अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार करना ताकि लागत कम हो सके; दूसरा, बड़ी संख्या में ड्रोन सेना की विभिन्न सेवाओं को प्रदान करना।

मेट्ज़ ने बताया कि पेंटागन ने हाल ही में फोर्ट बेनिंग में 14 दिन की ड्रोन प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें 25 कंपनियों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा, “विजेताओं को कुल 30,000 छोटे एक-तरफा हमलावर ड्रोन का आदेश दिया जाएगा, जिन्हें अगले पांच महीनों में सैन्य इकाइयों को सौंपा जाएगा।”

विभाग इस प्रक्रिया को हर छह महीने में दोहराने की योजना बना रहा है, जिसमें ड्रोन की संख्या बढ़ाई जाएगी, कीमतें घटाई जाएंगी और अधिक कठिन मिशनों के परीक्षण किए जाएंगे। यह कार्यक्रम खरीद संबंधी निर्णयों में फ्रंटलाइन सैनिकों को केंद्र में रखने का प्रयास करता है।

मेट्ज़ ने कहा, “हमने नौकरशाही की बाधा को हटा दिया है। अंतिम उपयोगकर्ता यानी सैनिक ही इन प्रणालियों के मुख्य मूल्यांकनकर्ता होंगे।”

डिफेंस ऑटोनॉमस वॉरफेयर ग्रुप के निदेशक मेजर जनरल स्टीवन मार्क्स ने कहा कि स्वायत्त प्रणालियां पहले ही युद्ध संचालन को बदल रही हैं। उन्होंने समिति से कहा, “युद्ध का स्वरूप मूल रूप से बदल चुका है।”

उन्होंने बताया कि यह समूह इंजीनियरों और सैन्य ऑपरेटरों को एक साथ लाकर तकनीकी नवाचार और युद्धक्षेत्र की जरूरतों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। हालांकि कुछ सीनेटरों ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका के प्रयास खतरे की गंभीरता के अनुरूप हैं।

सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि यूक्रेन की सेनाएं हर दो हफ्ते में ड्रोन डिजाइन में बदलाव कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दृष्टिकोण में पर्याप्त तात्कालिकता दिखाई नहीं देती।

सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भी फंडिंग के स्तर पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1 से 2 अरब डॉलर ड्रोन युद्ध के तेजी से विकसित हो रहे स्वरूप के मुकाबले “पूरी तरह अपर्याप्त” हैं।

मेट्ज़ ने स्वीकार किया कि फिलहाल यूक्रेन कहीं बड़े पैमाने पर ड्रोन बना रहा है। पिछले साल यूक्रेन ने लगभग 45 लाख ड्रोन बनाए और इस साल लगभग 60 लाख ड्रोन बनाने की क्षमता है।

पेंटागन के इस कार्यक्रम के तहत शुरुआती खरीद में प्रति ड्रोन लगभग 5,000 डॉलर खर्च होंगे। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि उत्पादन बढ़ने के साथ वे इसकी कीमत 2,000 डॉलर से कम करने का लक्ष्य रखते हैं।

वाशिंगटन और उसके सहयोगी देशों के सैन्य योजनाकार अब इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि कैसे ये सस्ते सिस्टम नई रणनीतियाँ बना सकते हैं, पारंपरिक रक्षा प्रणालियों को चुनौती दे सकते हैं और युद्ध की आर्थिक लागत को पूरी तरह बदल सकते हैं।

-राष्ट्र प्रेस

एलकेजे/आरएस/पीयूष

Point of View

यह स्पष्ट है कि ड्रोन तकनीक का विकास और उपयोग आधुनिक युद्ध की रणनीतियों को प्रभावित कर रहा है। अमेरिका को इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रह सके।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

ड्रोन का उपयोग कैसे युद्ध में किया जा रहा है?
ड्रोन को टोही, लक्ष्य निर्धारण और हमले के मिशनों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यूक्रेन युद्ध ने ड्रोन के महत्व को कैसे प्रभावित किया?
यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि छोटे मानवरहित प्रणालियां युद्ध की प्रकृति को बदल सकती हैं।
पेंटागन के ड्रोन कार्यक्रम के लक्ष्य क्या हैं?
पहला, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना; दूसरा, युद्ध में सैनिकों को लैस करना।
क्या अमेरिका ड्रोन उत्पादन में चीन से पीछे है?
हां, अमेरिका वैश्विक ड्रोन बाजार में चीन के मुकाबले पीछे रह गया है।
ड्रोन की लागत को कैसे कम किया जा रहा है?
उत्पादन बढ़ने पर, पेंटागन ड्रोन की लागत को 2,000 डॉलर से कम करने का लक्ष्य रखता है।
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