भारतीय सेना का नया दृष्टिकोण: मानवरहित हवाई प्रणालियों और सैन्य ड्रोन के लिए रोडमैप

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भारतीय सेना का नया दृष्टिकोण: मानवरहित हवाई प्रणालियों और सैन्य ड्रोन के लिए रोडमैप

सारांश

भारतीय सेना ने युद्ध में उपयोग होने वाले मानवरहित हवाई प्रणालियों के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप जारी किया है। यह दस्तावेज सेना की आवश्यकताओं और तकनीकी विकास के बीच पुल का कार्य करेगा। जानें, इस पहल का उद्देश्य और महत्व क्या है।

Key Takeaways

  • भारतीय सेना ने मानवरहित हवाई प्रणालियों के लिए रोडमैप जारी किया।
  • यह दस्तावेज सेना की आवश्यकताओं और तकनीकी विकास को जोड़ता है।
  • लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
  • यह पहल आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण का हिस्सा है।
  • स्टार्टअप्स और एमएसएमई की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में एक सशक्त और आत्मनिर्भर ड्रोन निर्माण तंत्र की स्थापना की जा रही है। ये ड्रोन सामान्य नहीं हैं, बल्कि युद्ध में उपयोग होने वाले खतरनाक हमलावर ड्रोन और अन्य सैन्य ड्रोन हैं।

भारतीय सेना लगातार ऐसे ड्रोन सिस्टम से सुसज्जित हो रही है। इस दिशा में, सेना ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, भारतीय सेना ने ‘भारतीय सेना का मानवरहित हवाई प्रणालियों और लोइटरिंग म्यूनिशन के लिए प्रौद्योगिकी रोडमैप’ नामक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज सेना की आवश्यकताओं और ड्रोन के तकनीकी विकास के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का काम करेगा।

हाल के वर्षों में हुए युद्धों में लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। चाहे वह आतंकवादियों के खिलाफ भारत का ऑपरेशन सिंदूर हो, रूस-यूक्रेन युद्ध हो या ईरान-इजरायल संघर्ष। लोइटरिंग म्यूनिशन को कामिकेज ड्रोन या आत्मघाती ड्रोन के नाम से भी जाना जाता है। यह ड्रोन लक्ष्य ढूंढकर उस पर सटीक हमला करता है। नई तकनीक और सैन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, यह दस्तावेज सोमवार को नई दिल्ली में जारी किया गया। यह सेना की आधुनिक युद्ध की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप देशी क्षमताओं के अधिकतम उपयोग पर जोर देता है।

इसमें मानवरहित हवाई प्रणालियों और लोइटरिंग म्यूनिशन (हमलावर ड्रोन) से संबंधित विभिन्न ऑपरेशनल आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण प्रदान किया गया है। यह कदम मानवरहित हवाई प्रणालियों के क्षेत्र में सेना की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से उजागर करने का एक बड़ा प्रयास है। यह दस्तावेज उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान एवं विकास संगठनों को स्पष्ट दिशा प्रदान करने के लिए है।

इस दस्तावेज के आधार पर, ये संस्थान अपनी निवेश रणनीतियों, समय, ऊर्जा और तकनीकी प्रयासों को सेना द्वारा चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों के अनुसार केंद्रित कर सकेंगे। यह रोडमैप भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह, उप सेना प्रमुख द्वारा जारी किया गया और एक दूरदर्शी रणनीतिक योजना के रूप में तैयार किया गया है। रोडमैप में तकनीकी और परिचालन प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

इसके माध्यम से भारत का ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र एक संगठित और मांग-आधारित तरीके से विकसित होगा। सेना के अनुसार, इस पहल से सैन्य ड्रोन के क्षेत्र में स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), तथा शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। यह रोडमैप उभरती हुई इस महत्वपूर्ण तकनीक में दीर्घकालिक निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।

नई दिल्ली में इस रोडमैप के विमोचन के अवसर पर सशस्त्र बलों, रक्षा उद्योग, स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत और अनुसंधान एवं विकास संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन विभिन्न हितधारकों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मूल उद्देश्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है।

यह पहल भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के तहत है। यह दर्शाता है कि भारतीय सेना अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Point of View

भारतीय सेना ने मानवरहित हवाई प्रणालियों के क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक आवश्यकताओं को स्पष्ट किया है। यह पहल न केवल सैन्य क्षमता में वृद्धि करेगी, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय सेना का नया रोडमैप किसके लिए है?
यह रोडमैप मानवरहित हवाई प्रणालियों और हमलावर सैन्य ड्रोन के विकास के लिए है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भारत में ड्रोन निर्माण को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
ये ड्रोन किस प्रकार के हैं?
ये ड्रोन युद्ध में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक हमलावर ड्रोन हैं।
इस दस्तावेज का महत्व क्या है?
यह दस्तावेज तकनीकी विकास और सेना की आवश्यकताओं के बीच एक पुल का काम करेगा।
क्या इस रोडमैप से उद्योग को लाभ होगा?
हाँ, यह रोडमैप उद्योग और अनुसंधान संगठनों को स्पष्ट दिशा प्रदान करेगा।
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