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भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्टार्टअप्स के साथ मिलकर पेश किए उच्चस्तरीय एआई समाधान

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भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्टार्टअप्स के साथ मिलकर पेश किए उच्चस्तरीय एआई समाधान

सारांश

इंडिया एआई समिट में भारतीय सेना ने स्टार्टअप्स के सहयोग से नए एआई सिस्टम का प्रदर्शन किया, जो आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। जानिए, ये तकनीकें कैसे युद्ध के मैदान में खेल बदल सकती हैं!

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने एआई समाधानों का प्रदर्शन किया।
स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रणालियाँ विकसित हो रही हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्वदेशी स्टार्टअप्स के सहयोग से विकसित की जा रही अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रणालियों का प्रदर्शन किया। आज के युद्ध में केवल बंदूक और टैंक ही नहीं, बल्कि हाई-टेक तकनीक भी हार-जीत में अहम भूमिका निभाती है।

इंडिया एआई समिट में, सेना ने दिखाया कि कैसे वह भारतीय स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एआई सिस्टम बना रही है। यह प्रणाली स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सशक्त करना है। प्रमुख परियोजनाओं में से एक है एकम एआई, जो सेना के सुरक्षित नेटवर्क पर कार्य करेगा। इसमें बाहरी दखल नहीं हो सकेगा, और डेटा पूरी तरह से स्वदेशी और सुरक्षित होगा।

इसे न्यूरालिक्स के सहयोग से आईडेक्स अदिति 2.0 के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। यह एआई-एज-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म सेना के सुरक्षित नेटवर्क पर संचालित होगा, जो सेना के डेटा पर आधारित ऑन-प्रिमाइसेस फाउंडेशन मॉडल को तैयार करेगा। वहीं, एआई-इन-ए-बॉक्स और एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म भी इसमें शामिल हैं, जिससे तेज निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

इनेफु लैब्स, कोगो एआई, पैराडोम और हाइड के सहयोग से सुरक्षित एज एआई और ऑन-प्रिमाइसेस एजेंटिक सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, ‘डिजिटलाइज्ड ब्रिगेड’ नेक्स्ट लेवल टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा को एकीकृत कर विश्लेषण और प्रबंधन सूचना प्रणाली को सशक्त करेगा।

एआई के माध्यम से सैनिकों की ट्रेनिंग भी अब स्मार्ट तरीके से होगी। एआई‘सिक्योरिटी कंट्रोल टॉवर’ क्लाउडरनर एआई की मदद से कंप्यूटर विजन आधारित निगरानी और खतरों की पहचान प्रणाली विकसित की जा रही है। यह तकनीक सीमा या कैंप की चौकसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इन पहलों के माध्यम से, भारतीय सेना देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ मिलकर स्वदेशी रक्षा नवाचार को गति दे रही है। यही कारण है कि गणमान्य अतिथियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सेना के लिए विकसित हो रहे एआई समाधानों को नजदीक से देखा। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एआई समाधान सह-विकसित किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रयास राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय सेना ने एआई प्रणाली क्यों विकसित की?
भारतीय सेना ने एआई प्रणाली को आत्मनिर्भरता और युद्ध की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया है।
ये एआई प्रणालियाँ कब तक कार्यरत होंगी?
इन प्रणालियों का कार्यान्वयन जल्द ही शुरू होगा और यह नियमित आधार पर सेना के संचालन में शामिल होंगी।
स्टार्टअप्स का सेना के साथ क्या सहयोग है?
स्टार्टअप्स सेना के लिए एआई तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देता है।
राष्ट्र प्रेस
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