स्यूटा संकट: पुर्तगाल शेंगेन समझौता नहीं तोड़ेगा, दक्षिणी सीमाओं पर निगरानी होगी सख्त
सारांश
मुख्य बातें
पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने 1 अगस्त को स्पष्ट किया कि उनका देश स्पेन के साथ शेंगेन मुक्त आवाजाही समझौते को निलंबित नहीं करेगा — भले ही स्यूटा प्रवासी संकट ने पूरे यूरोप में सीमा नीति पर बहस छेड़ दी हो। हालांकि उन्होंने दक्षिणी समुद्री और स्थलीय सीमाओं पर सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाने की घोषणा की।
मोंटेनेग्रो का रुख: संतुलन, उत्तेजना नहीं
प्रधानमंत्री मोंटेनेग्रो ने कहा, 'शेंगेन क्षेत्र के नियमों को निलंबित करने जैसा कोई कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इस घटना को देखते हुए दक्षिणी पुर्तगाल की समुद्री और स्थलीय सीमाओं पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी और निगरानी बढ़ाने के पर्याप्त कारण हैं।' उन्होंने स्थिति को 'गंभीर' बताते हुए नागरिकों से संयम बरतने और यथार्थवादी फैसले लेने की अपील की।
पुर्तगाल सरकार ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में स्यूटा संकट पर 'गहरी चिंता' जताई और शेंगेन व्यवस्था की अखंडता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया, 'शेंगेन व्यवस्था की अखंडता कठोर सीमा नियंत्रण और अवैध प्रवासन के सभी रूपों के खिलाफ दृढ़ कार्रवाई पर निर्भर करती है।'
स्यूटा संकट: क्या है पूरा घटनाक्रम
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 60,000 प्रवासी मोरक्को से स्पेन के उत्तर अफ्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में प्रवेश कर चुके हैं। समुद्री रास्ते से सीमा पार करने की कोशिश में 67 लोगों की मौत हो गई। स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार तक समुद्र में डूबने से मरने वालों की संख्या कम से कम 34 थी।
अधिकांश मौतें मोरक्को और स्यूटा को अलग करने वाले एल ताराजाल सीमा ब्रेकवाटर के आसपास तैरकर सीमा पार करने की कोशिश के दौरान डूबने से हुईं। स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे (1600 GMT) तक लगभग 48,300 प्रवासी मोरक्को वापस लौट चुके थे — इनमें से कई ने स्वेच्छा से वापसी की।
स्पेन की प्रतिक्रिया और नए सुरक्षा उपाय
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस घटना को स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। उन्होंने शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ स्यूटा का दौरा किया और कई नए सुरक्षा उपायों की घोषणा की। इनमें एल ताराजाल ब्रेकवाटर के निकट समुद्र में फ्लोटिंग बैरियर (तैरते अवरोध) लगाने की योजना शामिल है।
पुर्तगाली अधिकारियों ने बताया कि उनका देश स्पेन और मोरक्को दोनों सरकारों के संपर्क में है। पुर्तगाल की जेंडरमेरी और मैरीटाइम (GNR) पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियां अपने स्पेनिश समकक्षों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। स्पेन ने भरोसा दिलाया है कि मोरक्को के साथ समन्वय कर प्रवासियों की वापसी की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यूरोपीय कूटनीतिक तनाव
इस संकट ने यूरोप में कूटनीतिक दरारें भी उजागर की हैं। इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी ने स्पेन के साथ शेंगेन व्यवस्था निलंबित करने की मांग की, जिसे स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने 'पक्षपातपूर्ण लोकलुभावन बयानबाजी' करार दिया। अल्बारेस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मैड्रिड में इटली के राजदूत को तलब करेंगे।
फ्रांस ने भी स्पेन के साथ अपनी सीमा पर जांच तत्काल कड़ी करने और त्वरित प्रतिक्रिया सीमा इकाई (Rapid-Response Border Unit) सक्रिय करने की घोषणा की। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय संघ पहले से ही प्रवासन नीति पर गहरे मतभेदों से जूझ रहा है।
आगे क्या होगा
पुर्तगाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और स्पष्ट किया कि लिस्बन स्थिति पर निरंतर नज़र रखे हुए है। विश्लेषकों का मानना है कि स्यूटा संकट यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा नीति और शेंगेन भविष्य पर आने वाले हफ्तों में बड़ी बहस को जन्म दे सकता है।