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स्यूटा प्रवासी संकट: EU गृह मंत्रियों की आपातकालीन बैठक, वॉन डेर लेयेन ने एकजुटता पर दिया जोर

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स्यूटा प्रवासी संकट: EU गृह मंत्रियों की आपातकालीन बैठक, वॉन डेर लेयेन ने एकजुटता पर दिया जोर

सारांश

स्यूटा में प्रवासी संकट ने EU को भीतर से बाँट दिया — 22 देश एकजुट हुए, पर फ्रांस और पुर्तगाल अलग रहे। वॉन डेर लेयेन ने साझा जिम्मेदारी का आह्वान किया, जबकि सांचेज ने शेंगेन निलंबन प्रस्ताव को 'स्वार्थी' बताकर खारिज किया।

मुख्य बातें

2 अगस्त को स्पेन के स्यूटा में प्रवासी संकट पर EU गृह मंत्रियों की आपातकालीन वीडियो बैठक बुलाई गई।
22 EU देशों के हस्ताक्षर वाले पत्र से बैठक की माँग उठी; फ्रांस और पुर्तगाल ने हस्ताक्षर नहीं किए।
वॉन डेर लेयेन ने कहा — स्यूटा पहुँचे किसी भी प्रवासी ने EU की मुख्य भूमि तक पहुँचने में सफलता नहीं पाई; अधिकांश को मोरक्को वापस भेजा गया।
स्पेन के PM पेड्रो सांचेज ने शेंगेन निलंबन प्रस्ताव को 'स्वार्थी' और 'गैर-वैध' बताया।
सांचेज ने दावा किया कि स्पेन EU की 'दूसरी सबसे सुरक्षित बाहरी सीमा' बन चुका है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार, 2 अगस्त को स्पेन के स्यूटा में उभरे प्रवासी संकट पर यूरोपीय संघ (EU) के गृह मंत्रियों की आपातकालीन वीडियो बैठक को मंजूरी दी और स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासन से निपटने के लिए सभी यूरोपीय देशों की एकजुटता और साझा प्रयास अनिवार्य हैं। यह बैठक 22 यूरोपीय देशों के हस्ताक्षर वाले एक संयुक्त पत्र की माँग पर बुलाई गई, जिसकी अगुवाई इटली और डेनमार्क ने की।

बैठक की पृष्ठभूमि और माँग

इतालवी समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस की रिपोर्टों के अनुसार, 22 EU सदस्य देशों ने संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर कर आपातकालीन बैठक की माँग रखी। उल्लेखनीय है कि स्पेन की सीमा से सटे दो प्रमुख देशों — फ्रांस और पुर्तगाल — ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। वॉन डेर लेयेन को 22 देशों का यह पत्र और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज का अलग पत्र मिलने के बाद उन्होंने संकट का आकलन करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस बुलाने का निर्णय लिया।

वॉन डेर लेयेन की मुख्य बातें

वॉन डेर लेयेन ने स्यूटा की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि हाल के दिनों में वहाँ पहुँचे किसी भी प्रवासी ने स्पेन की मुख्य भूमि या किसी अन्य EU देश तक पहुँचने में सफलता नहीं पाई है। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रवासियों को पहले ही मोरक्को वापस भेज दिया गया है।

उन्होंने सीमा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने, सभी प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। यूरोपीय आयोग ने स्पेन को तत्काल सहायता देने की पेशकश भी की है।

स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज का रुख

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने EU को भेजे अपने पत्र में स्यूटा संकट पर कुछ देशों के रवैये की आलोचना की और गृह मंत्रियों की आपातकालीन बैठक की माँग की। यह कदम इटली की ओर से स्पेन के साथ शेंगेन व्यवस्था को निलंबित करने के प्रस्ताव के बाद उठाया गया।

सांचेज ने दावा किया कि स्पेन ने सीमा पर नियंत्रण पुनः स्थापित कर लिया है, प्रवासियों को सहायता प्रदान की है, अवैध रूप से पहुँचे लगभग सभी लोगों को वापस भेज दिया है और उन्हें अन्य देशों में जाने से भी रोका है — यह सब यूरोप से सीमित सहयोग के बावजूद। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेन की प्रवासन नीति के चलते अवैध प्रवेश में कमी आई है और स्पेन अब EU की बाहरी सीमाओं में 'दूसरी सबसे सुरक्षित सीमा' बन गया है।

शेंगेन निलंबन प्रस्ताव पर विवाद

सांचेज ने स्पेन को अस्थायी रूप से शेंगेन क्षेत्र से बाहर करने के प्रस्ताव को 'स्वार्थी' और 'गैर-वैध' करार दिया। उनका कहना था कि यह प्रस्ताव पूर्वाग्रहों और राजनीतिक हितों से प्रेरित है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्यूटा स्वयं शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। सांचेज ने आयरिश EU अध्यक्षता से विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया ताकि यह सिद्धांत दोहराया जा सके कि बाहरी सीमाओं की सुरक्षा सभी सदस्य देशों की साझा जिम्मेदारी है।

आगे क्या

यह संकट EU के भीतर प्रवासन नीति को लेकर गहरे मतभेदों को उजागर करता है। गौरतलब है कि फ्रांस और पुर्तगाल जैसे पड़ोसी देशों का पत्र से अलग रहना यूरोपीय एकजुटता की सीमाओं को दर्शाता है। आने वाले दिनों में EU स्तर पर साझा प्रवासन नीति पर चर्चा तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यवहार में उतनी ही खोखली साबित होती है — फ्रांस और पुर्तगाल का पत्र से अलग रहना इसका ताजा प्रमाण है। इटली का शेंगेन निलंबन प्रस्ताव कानूनी रूप से कमजोर हो सकता है, लेकिन यह EU के भीतर बढ़ते राष्ट्रवादी दबाव का संकेत है जिसे ब्रसेल्स नजरअंदाज नहीं कर सकता। सांचेज का 'दूसरी सबसे सुरक्षित सीमा' का दावा राजनीतिक बचाव तो है, लेकिन असली सवाल यह है कि बाहरी सीमा प्रबंधन का बोझ अकेले सीमावर्ती देश क्यों उठाएँ।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्यूटा प्रवासी संकट क्या है और यह कब उभरा?
स्यूटा उत्तरी अफ्रीका में स्पेन का एक क्षेत्र है जो मोरक्को की सीमा से लगा है और EU की बाहरी सीमा माना जाता है। 2 अगस्त 2026 तक यहाँ बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों के पहुँचने से संकट गहराया, जिसके बाद EU स्तर पर आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी।
EU के किन देशों ने आपातकालीन बैठक की माँग की?
इटली और डेनमार्क की अगुवाई में 22 EU सदस्य देशों ने संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर कर आपातकालीन बैठक की माँग की। हालाँकि स्पेन की सीमा से सटे फ्रांस और पुर्तगाल ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।
वॉन डेर लेयेन ने स्यूटा संकट पर क्या कहा?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि हाल में स्यूटा पहुँचे किसी भी प्रवासी ने स्पेन की मुख्य भूमि या किसी अन्य EU देश तक पहुँचने में सफलता नहीं पाई और अधिकांश को मोरक्को वापस भेज दिया गया। उन्होंने सीमा सुरक्षा मजबूत करने और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।
स्पेन को शेंगेन क्षेत्र से बाहर करने का प्रस्ताव क्या है?
इटली ने स्यूटा संकट के मद्देनजर स्पेन को अस्थायी रूप से शेंगेन व्यवस्था से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इसे 'स्वार्थी' और 'गैर-वैध' बताते हुए खारिज किया और यह भी कहा कि स्यूटा स्वयं शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है।
इस संकट का EU की प्रवासन नीति पर क्या असर होगा?
यह संकट EU के भीतर प्रवासन नीति पर मौजूद गहरे मतभेदों को सतह पर ले आया है। सांचेज ने आयरिश EU अध्यक्षता से विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया है ताकि बाहरी सीमा सुरक्षा को सभी सदस्य देशों की साझा जिम्मेदारी के रूप में पुनः स्थापित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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