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स्यूटा प्रवासी संकट: PM सांचेज ने EU से माँगी आपात बैठक, 24 देशों का भी समर्थन

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स्यूटा प्रवासी संकट: PM सांचेज ने EU से माँगी आपात बैठक, 24 देशों का भी समर्थन

सारांश

स्यूटा में 24 घंटे में 60,000 से अधिक प्रवासियों की घुसपैठ और 67 मौतों के बाद यूरोप में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। PM सांचेज ने EU से आपात बैठक माँगी, जबकि 24 देशों ने संयुक्त पत्र लिखकर फ्रोंटेक्स की तैनाती और मोरक्को के साथ सहयोग बढ़ाने की माँग की।

मुख्य बातें

स्पेन के PM पेद्रो सांचेज ने EU से 27 सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की अपील की।
24 घंटे के भीतर 60,000 से अधिक प्रवासी मोरक्को से स्यूटा में दाखिल हुए; 67 लोगों की मौत हुई।
लगभग 50,000 प्रवासियों में से 48,000 से अधिक को वापस भेजा जा चुका है।
इटली, जर्मनी, डेनमार्क समेत 24 यूरोपीय देशों ने संयुक्त पत्र लिखकर फ्रोंटेक्स की सहायता बढ़ाने की माँग की।
स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने कहा कि सरकार ने 24 घंटे में स्थिति को पलट दिया।
मेलिला सीमा को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की घोषणा की गई है।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने स्यूटा प्रवासी संकट को लेकर यूरोपीय संस्थानों को औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) के सभी 27 सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की माँग की है। यह कदम तब उठाया गया जब 24 घंटे के भीतर 60,000 से अधिक प्रवासी मोरक्को से उत्तर अफ्रीका के स्पेनिश स्वायत्त शहर स्यूटा में दाखिल हो गए और इस भगदड़ में 67 लोगों की जान चली गई।

मुख्य घटनाक्रम

स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात स्यूटा में कोई नई अवैध घुसपैठ दर्ज नहीं हुई और सभी प्रवेश मार्गों को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया। तराजाल ब्रेकवाटर पर नई अवरोधक बाधाएँ स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है।

सरकारी आँकड़ों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि मोरक्को से आए लगभग 50,000 प्रवासियों में से 48,000 से अधिक को वापस भेजा जा चुका है। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, 'हमने 24 घंटे के भीतर स्थिति को पलट दिया।' सरकार ने मेलिला सीमा को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की भी घोषणा की है।

24 यूरोपीय देशों की संयुक्त माँग

इटली, जर्मनी, डेनमार्क समेत कुल 24 यूरोपीय देशों ने शनिवार को EU के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की माँग करते हुए एक संयुक्त पत्र भेजा। यह पत्र यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और वर्तमान EU परिषद अध्यक्ष आयरलैंड को भेजा गया।

पत्र में कहा गया कि बैठक का उद्देश्य स्थिति का सामूहिक आकलन करना और एक समन्वित यूरोपीय प्रतिक्रिया पर सहमति बनाना होना चाहिए। इटली और जर्मनी की पहल पर तैयार इस पत्र में फ्रोंटेक्स (यूरोपीय सीमा एवं तटरक्षक एजेंसी) की सहायता बढ़ाने और मोरक्को के साथ यूरोपीय सहयोग को और प्रभावी बनाने की माँग भी की गई है।

EU की नीतिगत चुनौती

हस्ताक्षरकर्ता देशों ने स्पष्ट किया कि मानव तस्करों को EU की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा कमज़ोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पत्र में कहा गया कि यूरोपीय संघ 'अनियंत्रित सामूहिक सीमा पार करने, प्रवासन के दुरुपयोग या ऐसे किसी भी हाइब्रिड खतरे को स्वीकार नहीं कर सकता, जिससे यह संदेश जाए कि अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश कर कानूनी निवास प्राप्त किया जा सकता है।'

यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में प्रवासन को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण पहले से तीखा है। गौरतलब है कि स्यूटा संकट EU की बाहरी सीमा नीति की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करता है — यह पहली बार नहीं है जब इस शहर में बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई हो।

आगे क्या होगा

हस्ताक्षरकर्ता देशों ने स्पेन और मोरक्को के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया और कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासियों की शीघ्र वापसी एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि EU के सहयोग से मौजूदा स्थिति पर जल्द पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा। आपात बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक दबाव के मद्देनज़र इसे शीघ्र बुलाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि फ्रोंटेक्स की तैनाती और मोरक्को के साथ सहयोग पिछली बार भी वादा किए गए थे — नतीजे सीमित रहे। PM सांचेज घरेलू राजनीतिक दबाव और यूरोपीय आलोचना दोनों के बीच फँसे हैं, और आपात बैठक की माँग एक रणनीतिक कदम भी हो सकती है जो ज़िम्मेदारी को साझा करे। जब तक मोरक्को के साथ दीर्घकालिक प्रवासन समझौता नहीं होता, ऐसे संकट दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्यूटा प्रवासी संकट क्या है?
स्यूटा उत्तर अफ्रीका में स्थित स्पेन का एक स्वायत्त शहर है जो EU की बाहरी सीमा पर है। हाल ही में 24 घंटे के भीतर मोरक्को से 60,000 से अधिक प्रवासी यहाँ दाखिल हो गए, जिसमें 67 लोगों की मौत हो गई और यूरोप में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई।
PM सांचेज ने EU को पत्र क्यों लिखा?
PM पेद्रो सांचेज ने EU से 27 सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की माँग की क्योंकि कई सदस्य देश स्पेन की प्रवासन नीति की आलोचना कर रहे थे। उनका उद्देश्य संकट की जिम्मेदारी को सामूहिक यूरोपीय ढाँचे में लाना था।
कितने प्रवासियों को वापस भेजा जा चुका है?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार मोरक्को से आए लगभग 50,000 प्रवासियों में से 48,000 से अधिक को वापस भेजा जा चुका है। स्पेन के गृह मंत्री ने इसे 24 घंटे में स्थिति को पलटने की सफलता बताया।
24 यूरोपीय देशों ने संयुक्त पत्र में क्या माँगा?
इटली और जर्मनी की पहल पर 24 देशों ने फ्रोंटेक्स की सहायता बढ़ाने, मोरक्को के साथ EU सहयोग को प्रभावी बनाने और स्यूटा पर संयुक्त रणनीति तैयार करने की माँग की। पत्र यूरोपीय परिषद अध्यक्ष, यूरोपीय आयोग अध्यक्ष और आयरलैंड को भेजा गया।
मेलिला सीमा का स्यूटा संकट से क्या संबंध है?
मेलिला भी उत्तर अफ्रीका में स्थित स्पेन का एक स्वायत्त शहर है। स्यूटा संकट के बीच स्पेन सरकार ने मेलिला सीमा को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की घोषणा की है, जो दोनों स्पेनिश एन्क्लेव पर सुरक्षा नीति के समन्वय का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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