स्यूटा संकट: मोरक्को ने 11 मौतें मानीं, स्पेन का आंकड़ा 72; 60,000 माइग्रेंट्स की घुसपैठ से EU में कूटनीतिक तनाव
सारांश
मुख्य बातें
स्यूटा (उत्तरी अफ्रीका) में हजारों प्रवासियों की अचानक घुसपैठ के बाद मोरक्को के गृह मंत्रालय ने 11 माइग्रेंट्स की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि स्पेन की ओर से जारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम से कम 72 बताई जा रही है। दोनों देशों के बीच यह आंकड़ों की भारी विसंगति यूरोपीय संघ (EU) में कूटनीतिक तनाव को और गहरा कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार से शुक्रवार के बीच स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में हजारों संभावित प्रवासी पहुँचे। स्पेन के अनुसार हाल के दिनों में 60,000 से अधिक लोग स्यूटा में प्रवेश करने में सफल रहे, हालाँकि उनमें से अधिकांश अब मोरक्को वापस लौट चुके हैं। इसके अतिरिक्त 1,135 लोगों ने पूर्व में स्थित स्पेनिश क्षेत्र मेलिला में अवैध प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन उन्हें तत्काल मोरक्को के क्षेत्र में वापस भेज दिया गया। मोरक्को के गृह मंत्रालय के अनुसार स्यूटा में 40,000 लोगों ने अवैध घुसपैठ की कोशिश की।
मौतों के आंकड़ों में विरोधाभास
मोरक्को के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता राचिद एल खल्फी ने बताया कि मारे गए 11 लोगों में से 10 की डूबने से मौत हुई, जबकि ग्यारहवाँ व्यक्ति चट्टानी इलाके से गिरकर मारा गया। वहीं, मोरक्कन एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स (AMDH) ने दावा किया है कि लगभग 130 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य अभी भी लापता हैं। मोरक्को ने घोषणा की है कि वह स्पेनिश क्षेत्र में मिली लाशों की पहचान और आंकड़ों के सत्यापन के लिए स्पेन के साथ संयुक्त रूप से काम कर रहा है।
घुसपैठ के पीछे की वजह
मोरक्को के गृह मंत्रालय ने इस अचानक बड़ी घुसपैठ के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को जिम्मेदार ठहराया। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि स्पेन के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले को गलत तरीके से प्रचारित किया गया। गौरतलब है कि 8 जुलाई को स्पेन के सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले माइग्रेंट्स को अन्य प्रवासियों की तरह तत्काल वापस नहीं भेजा जा सकता। आलोचकों का कहना है कि इस फैसले की गलत व्याख्या ने बड़ी संख्या में लोगों को घुसपैठ के लिए प्रेरित किया।
यूरोपीय संघ में कूटनीतिक तनाव
इस संकट ने EU में कूटनीतिक तनाव को तीव्र कर दिया है। कुछ सदस्य देशों ने स्पेन की माइग्रेशन नीति और सीमा प्रबंधन पर कड़ी आपत्ति जताई है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप पहले से ही माइग्रेशन के मुद्दे पर गहरे आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है। आलोचकों का कहना है कि स्पेन की निष्क्रियता और ढीली माइग्रेशन नीति ने स्थिति को और विकट बना दिया।
आगे क्या होगा
मोरक्को के गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकारी अभियोजक ने इन घटनाओं की आधिकारिक जाँच शुरू कर दी है। दोनों देश मृतकों की पहचान और सटीक आंकड़े जुटाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह मामला EU-स्पेन-मोरक्को के बीच सीमा प्रबंधन और माइग्रेशन नीति पर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।