4 अगस्त 2026
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स्यूटा प्रवासी संकट पर स्पेन के विदेश मंत्री का इटली पर निशाना, बोले- एकजुटता के बिना यूरोप अधूरा

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स्यूटा प्रवासी संकट पर स्पेन के विदेश मंत्री का इटली पर निशाना, बोले- एकजुटता के बिना यूरोप अधूरा

सारांश

स्पेन के विदेश मंत्री अल्बारेस ने इटली पर सीधा निशाना साधा — जहाँ यूरोप में सर्वाधिक अवैध प्रवेश होते हैं, वह देश स्यूटा संकट में एकजुटता से पीछे हटा। करीब 50,000 प्रवासियों को 48 घंटे में मोरक्को के सहयोग से वापस भेजा गया। यूरोपीय संघ की गृह मंत्रियों की बैठक से पहले स्पेन ने बाध्यकारी यूरोपीय एकजुटता की माँग तेज़ की।

मुख्य बातें

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने 3 अगस्त को इटली पर स्यूटा संकट में एकजुटता न दिखाने का आरोप लगाया।
अल्बारेस के अनुसार, यूरोप में सर्वाधिक अवैध प्रवेश इटली में होते हैं, जबकि स्पेन में सबसे कम।
पिछले गुरुवार-शुक्रवार के बीच करीब 50,000 प्रवासी तैरकर मोरक्को से स्यूटा पहुँचे।
48 घंटे के भीतर मोरक्को के सहयोग से इन प्रवासियों को वापस भेजा गया।
स्यूटा और मेलिला को अफ्रीका के साथ यूरोपीय संघ की एकमात्र स्थलीय बाहरी सीमा बताते हुए विशेष दर्जे की माँग की गई।
यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा अपेक्षित।

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने सोमवार, 3 अगस्त को स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्यूटा प्रवासन संकट के दौरान इटली यूरोपीय एकजुटता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यूरोप में सर्वाधिक अवैध प्रवेश इटली के रास्ते होते हैं, जबकि स्पेन में यह संख्या सबसे कम है।

मुख्य घटनाक्रम

अल्बारेस ने सरकारी प्रसारक आरटीवीई को दिए साक्षात्कार में कहा कि कुछ देश, सरकारें और राजनीतिक दल इस संकट में अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने इटली सरकार का सीधे नाम लेते हुए कहा, 'जहाँ तक इटली का सवाल है, वह यूरोप का वह देश है जहाँ सबसे ज़्यादा अवैध प्रवेश होते हैं, जबकि स्पेन में सबसे कम हैं। इटली चाहता है कि लैंपेडूसा की स्थिति भी उसी तरह संभाली जाए, जैसे सेउता की स्थिति को संभाला गया।' उन्होंने स्पेन में पॉपुलर पार्टी और वॉक्स की टिप्पणियों को भी 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।

स्यूटा-मेलिला की विशेष स्थिति

स्यूटा और मेलिला अफ्रीकी महाद्वीप पर स्थित यूरोपीय संघ के एकमात्र स्थलीय बाहरी क्षेत्र हैं। अल्बारेस ने कहा, 'यह यूरोपीय संघ की अफ्रीका के साथ एकमात्र बाहरी जमीनी सीमा है। हम इस सीमा के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जैसे यह यूरोप के किसी सामान्य सीमा वाले शहर की सीमा हो।' उन्होंने स्पेन के सभी राजनीतिक दलों से इन दोनों शहरों के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की।

यूरोपीय संघ की बैठक और ब्रुसेल्स से अपील

अल्बारेस ने मंगलवार को होने वाली यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक का हवाला देते हुए ब्रुसेल्स से आग्रह किया कि वह स्यूटा और मेलिला की विशेष भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति को समझे। उन्होंने कहा, 'इन व्यवस्थाओं को और मज़बूत करना होगा और सभी यूरोपीय संघ के देशों को याद दिलाना होगा कि एकजुटता के बिना यूरोप नहीं हो सकता।'

मोरक्को की भूमिका और संकट का पैमाना

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले गुरुवार और शुक्रवार के बीच स्यूटा में एक अभूतपूर्व घटना हुई — करीब 50,000 लोग तैरकर मोरक्को से अवैध तरीके से स्पेन पहुँच गए। हालाँकि, अल्बारेस ने बताया कि 48 घंटे के भीतर मोरक्को के सहयोग से इन हज़ारों लोगों को वापस भेज दिया गया। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ तथ्यों की बात करता हूँ, और तथ्य यह हैं कि शुरुआत से ही मोरक्को ने लोगों के इस बड़े प्रवाह को रोकने और उन्हें तुरंत वापस भेजने में पूरा सहयोग दिया।' यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में प्रवासन नीति को लेकर सदस्य देशों के बीच गहरे मतभेद उभर रहे हैं।

आगे क्या होगा

यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक में स्यूटा संकट और व्यापक प्रवासन नीति पर चर्चा अपेक्षित है। स्पेन का रुख स्पष्ट है — मोरक्को के साथ द्विपक्षीय सहयोग जारी रखना और साथ ही यूरोपीय स्तर पर बाध्यकारी एकजुटता तंत्र की माँग करना।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर बोझ बाँटने से कतराता है। स्यूटा की घटना असाधारण ज़रूर थी, लेकिन 48 घंटे में 50,000 लोगों की वापसी का श्रेय मोरक्को को देना स्पेन की उस कूटनीतिक निर्भरता को भी दर्शाता है जो यूरोपीय संघ के भीतर असहज करने वाले सवाल उठाती है। गौरतलब है कि लैंपेडूसा पर इटली वर्षों से यही माँग करता रहा है जो स्पेन अब स्यूटा के लिए कर रहा है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है। बिना बाध्यकारी यूरोपीय तंत्र के, यह बैठक भी पिछली बैठकों की तरह घोषणाओं तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्यूटा प्रवासी संकट क्या है?
स्यूटा अफ्रीकी महाद्वीप पर स्थित स्पेन का एक स्वायत्त शहर है जो यूरोपीय संघ की मोरक्को के साथ एकमात्र स्थलीय बाहरी सीमा है। हाल ही में एक गुरुवार-शुक्रवार के बीच करीब 50,000 प्रवासी तैरकर मोरक्को से इस शहर में अवैध रूप से दाखिल हुए, जिसे स्पेन के विदेश मंत्री ने 'पहले कभी न देखी गई' घटना बताया।
स्पेन के विदेश मंत्री ने इटली की आलोचना क्यों की?
अल्बारेस का कहना है कि यूरोप में सर्वाधिक अवैध प्रवेश इटली के रास्ते होते हैं, फिर भी इटली ने स्यूटा संकट में यूरोपीय एकजुटता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि इटली लैंपेडूसा के लिए वही समर्थन चाहता है जो स्पेन स्यूटा के लिए माँग रहा है, लेकिन बदले में सहयोग नहीं दिया।
50,000 प्रवासियों को इतनी जल्दी वापस कैसे भेजा गया?
स्पेन के विदेश मंत्री के अनुसार, मोरक्को ने शुरुआत से ही पूरा सहयोग दिया। मोरक्को के सक्रिय सहयोग से 48 घंटे के भीतर हज़ारों प्रवासियों को वापस भेज दिया गया। अल्बारेस ने इसे तथ्यों पर आधारित बताते हुए मोरक्को को भरोसेमंद साझेदार करार दिया।
यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक में क्या होगा?
स्पेन ने इस बैठक से पहले यूरोपीय संघ से आग्रह किया है कि स्यूटा और मेलिला की विशेष स्थिति को मान्यता दी जाए और प्रवासन संकट से निपटने के लिए बाध्यकारी एकजुटता तंत्र बनाया जाए। बैठक में व्यापक यूरोपीय प्रवासन नीति पर भी चर्चा अपेक्षित है।
स्यूटा और मेलिला को विशेष दर्जा क्यों दिया जाना चाहिए?
ये दोनों शहर अफ्रीकी महाद्वीप पर स्थित यूरोपीय संघ के एकमात्र स्थलीय क्षेत्र हैं और अफ्रीका के साथ EU की एकमात्र जमीनी बाहरी सीमा बनाते हैं। अल्बारेस के अनुसार, इनकी भौगोलिक और रणनीतिक विशेषता को देखते हुए इन्हें यूरोप की सामान्य आंतरिक सीमाओं जैसा नहीं माना जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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