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इंदौर में 11 अपराधियों पर शिकंजा: तीन कुख्यात बदमाश जिलाबदर, आठ को बॉन्ड आदेश

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इंदौर में 11 अपराधियों पर शिकंजा: तीन कुख्यात बदमाश जिलाबदर, आठ को बॉन्ड आदेश

सारांश

इंदौर पुलिस कमिश्नर ने 11 आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसा — तीन कुख्यात बदमाशों को 3 से 6 माह के लिए जिलाबदर किया गया, जबकि आठ अन्य को बॉन्ड आदेश के तहत थाने में नियमित हाजिरी देना अनिवार्य होगा। पूर्व की प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के बेअसर रहने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया।

मुख्य बातें

इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने 1 अगस्त 2026 को 11 आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए।
राजकुमार खटीक , अजय उर्फ भोला पठोते और राहुल उर्फ दादिया उर्फ सालिगराम जाधव को 3 से 6 माह के लिए जिलाबदर किया गया।
आठ अन्य बदमाशों को बॉन्ड आदेश के तहत संबंधित थाना क्षेत्र में नियमित हाजिरी देना अनिवार्य।
कार्रवाई मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के अंतर्गत की गई।
शर्तों का उल्लंघन होने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर में पुलिस ने आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 अगस्त 2026 को 11 बदमाशों पर कठोर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत तीन कुख्यात अपराधियों को जिलाबदर और आठ अन्य को बॉन्ड आदेश के दायरे में रखा।

किन बदमाशों पर हुई कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर के आदेश पर राजकुमार खटीक, अजय उर्फ भोला पठोते और राहुल उर्फ दादिया उर्फ सालिगराम जाधव को 3 से 6 माह की अवधि के लिए जिलाबदर किया गया है। इसका अर्थ है कि तीनों अब इंदौर जिले की राजस्व सीमा के भीतर निवास नहीं कर सकेंगे। इनके अलावा आठ अन्य आदतन अपराधियों के विरुद्ध बॉन्ड आदेश जारी किए गए हैं।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि

इंदौर पुलिस के अनुसार, ये सभी बदमाश लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में अनेक मामले पंजीबद्ध हैं। गौरतलब है कि पूर्व में भी इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए थे, परंतु आपराधिक प्रवृत्तियों में कोई सुधार नहीं आया और क्षेत्र की लोकशांति व कानून-व्यवस्था लगातार प्रभावित होती रही।

विभिन्न जोन के पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विधिवत जाँच और प्रकरणों के विचारण के बाद यह कार्रवाई की गई। यह ऐसे समय में आया है जब इंदौर प्रशासन शहर में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

बॉन्ड आदेश की शर्तें

बॉन्ड के दायरे में आए आठ बदमाशों को निर्धारित अवधि तक संबंधित थाना क्षेत्र में नियमित हाजिरी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें किसी भी अवैध अथवा आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने और लोकशांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहने की शर्त पर बाध्य किया गया है।

उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस कमिश्नर के आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी संबंधित बदमाश ने निर्बंधन आदेश की किसी शर्त का उल्लंघन किया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इंदौर पुलिस का कहना है कि आदतन एवं सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी सीमाएँ भी स्पष्ट हैं — ये अपराधी को जिले से बाहर धकेलते हैं, न कि आपराधिक प्रवृत्ति को खत्म करते हैं। स्वयं पुलिस के बयान से यह स्पष्ट है कि पूर्व की प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयाँ इन बदमाशों पर बेअसर रहीं। असली सवाल यह है कि जिलाबदर होने के बाद ये अपराधी कहाँ जाते हैं और क्या पड़ोसी जिलों की पुलिस को समय पर सूचित किया जाता है। बिना समन्वित अंतर-जिला निगरानी के, यह कार्रवाई समस्या को स्थानांतरित करती है, समाप्त नहीं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में जिलाबदर का क्या अर्थ है?
जिलाबदर का अर्थ है कि संबंधित व्यक्ति को जिले की राजस्व सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया जाता है। इंदौर पुलिस कमिश्नर के आदेश के अनुसार, तीन बदमाशों को 3 से 6 माह तक इंदौर जिले में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
किन तीन बदमाशों को जिलाबदर किया गया है?
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के आदेश पर राजकुमार खटीक, अजय उर्फ भोला पठोते और राहुल उर्फ दादिया उर्फ सालिगराम जाधव को जिलाबदर किया गया है। तीनों के विरुद्ध शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।
बॉन्ड आदेश के तहत बदमाशों पर क्या शर्तें लागू होती हैं?
बॉन्ड आदेश के अंतर्गत संबंधित बदमाशों को निर्धारित अवधि तक थाना क्षेत्र में नियमित हाजिरी देनी होगी, किसी भी आपराधिक या अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होना होगा और लोकशांति भंग करने वाले किसी भी कार्य से दूर रहना होगा।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के अंतर्गत की गई है। विभिन्न जोन के पुलिस अधिकारियों के प्रतिवेदनों की जाँच के बाद पुलिस कमिश्नर के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किए गए और विधिवत विचार के बाद आदेश पारित हुए।
शर्तों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
पुलिस कमिश्नर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्बंधन आदेश की किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर संबंधित बदमाश के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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