28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंदौर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में 89 आवेदन, पारिवारिक विवाद से वित्तीय धोखाधड़ी तक की शिकायतें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंदौर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में 89 आवेदन, पारिवारिक विवाद से वित्तीय धोखाधड़ी तक की शिकायतें

सारांश

इंदौर में पुलिस आयुक्त की साप्ताहिक जनसुनवाई में 89 आवेदन — पारिवारिक कलह से लेकर वित्तीय धोखाधड़ी तक। मध्यस्थता केंद्रों के ज़रिए शांतिपूर्ण समाधान पर ज़ोर, हर मंगलवार को मिलती है सीधे कमिश्नर तक पहुँच।

मुख्य बातें

28 जुलाई 2026 को इंदौर में पुलिस आयुक्त की साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित हुई।
जनसुनवाई में कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी और महिला अपराध प्रमुख रहे।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी जनसुनवाई में उपस्थित रहे।
पुलिस के मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से भी पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास जारी हैं।

इंदौर में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में 28 जुलाई 2026 को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी और महिला अपराध से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। प्रत्येक आवेदक की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

मुख्य घटनाक्रम

मध्य प्रदेश में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इंदौर के कमिश्नर कार्यालय में हुई इस सुनवाई में अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्राप्त 89 आवेदनों में बेटा-बहू एवं पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद, आपसी मतभेद, पैसों के लेन-देन से जुड़े मामले, फाइनेंशियल फ्रॉड, पुलिस द्वारा सुनवाई न होने की शिकायतें, प्लॉट-मकान व जमीन संबंधी धोखाधड़ी तथा महिला अपराध से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।

पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर तथा फोन के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

मध्यस्थता और काउंसलिंग की भूमिका

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के समाधान के लिए केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा गया। पुलिस द्वारा संचालित मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से भी काउंसलिंग की जा रही है, जिससे पारिवारिक और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

आम जनता पर असर

यह पहल उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो थाना स्तर पर सुनवाई न होने की स्थिति में सीधे पुलिस आयुक्त तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं। गौरतलब है कि इंदौर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है, जहाँ वित्तीय विवाद और संपत्ति-संबंधी मामले अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। यह साप्ताहिक मंच नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 89 आवेदनों में से कितने का वास्तविक निराकरण होता है और कितने अगले मंगलवार को फिर लौटते हैं। पुलिस मध्यस्थता केंद्रों की भूमिका सकारात्मक है, परंतु वित्तीय धोखाधड़ी और संपत्ति विवाद जैसे जटिल मामलों में केवल काउंसलिंग पर्याप्त नहीं होती। नागरिकों का विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को आवेदन-निराकरण का सार्वजनिक डेटा भी जारी करना चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई क्या है?
यह मध्य प्रदेश में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाला सार्वजनिक शिकायत निवारण मंच है, जहाँ नागरिक सीधे पुलिस आयुक्त के समक्ष अपनी समस्याएँ रख सकते हैं। 28 जुलाई 2026 को इंदौर में हुई जनसुनवाई में 89 आवेदन प्राप्त हुए।
28 जुलाई की जनसुनवाई में किस प्रकार की शिकायतें आईं?
जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद (बेटा-बहू, पति-पत्नी), पैसों के लेन-देन, फाइनेंशियल फ्रॉड, प्लॉट-मकान व जमीन संबंधी धोखाधड़ी, महिला अपराध और थाना स्तर पर सुनवाई न होने की शिकायतें शामिल रहीं।
इंदौर पुलिस ने शिकायतों का समाधान कैसे किया?
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर और फोन के माध्यम से त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके अलावा मध्यस्थता केंद्रों के ज़रिए काउंसलिंग से पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इंदौर में पुलिस जनसुनवाई में कौन भाग ले सकता है?
इंदौर का कोई भी आम नागरिक प्रत्येक मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित जनसुनवाई में अपना आवेदन लेकर उपस्थित हो सकता है और सीधे पुलिस आयुक्त के समक्ष अपनी समस्या रख सकता है।
जनसुनवाई में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे?
28 जुलाई की जनसुनवाई में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के साथ अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी और सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले