इंदौर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में 89 आवेदन, पारिवारिक विवाद से वित्तीय धोखाधड़ी तक की शिकायतें
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में 28 जुलाई 2026 को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी और महिला अपराध से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। प्रत्येक आवेदक की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
मध्य प्रदेश में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इंदौर के कमिश्नर कार्यालय में हुई इस सुनवाई में अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्राप्त 89 आवेदनों में बेटा-बहू एवं पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद, आपसी मतभेद, पैसों के लेन-देन से जुड़े मामले, फाइनेंशियल फ्रॉड, पुलिस द्वारा सुनवाई न होने की शिकायतें, प्लॉट-मकान व जमीन संबंधी धोखाधड़ी तथा महिला अपराध से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।
पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर तथा फोन के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
मध्यस्थता और काउंसलिंग की भूमिका
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के समाधान के लिए केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा गया। पुलिस द्वारा संचालित मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से भी काउंसलिंग की जा रही है, जिससे पारिवारिक और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
आम जनता पर असर
यह पहल उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो थाना स्तर पर सुनवाई न होने की स्थिति में सीधे पुलिस आयुक्त तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं। गौरतलब है कि इंदौर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है, जहाँ वित्तीय विवाद और संपत्ति-संबंधी मामले अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। यह साप्ताहिक मंच नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।