इंदौर पुलिस जनसुनवाई में 84 शिकायतें: पारिवारिक विवाद और धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार, 25 अगस्त को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी और संपत्ति संबंधी मामले सर्वाधिक रहे। पुलिस आयुक्त ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात सुनकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य शिकायतों का स्वरूप
जनसुनवाई में प्राप्त 84 आवेदनों में बेटा-बहू एवं पति-पत्नी के बीच पारिवारिक कलह, पड़ोसियों व रिश्तेदारों से विवाद, माल लेकर भुगतान न करने के मामले, कोल्ड स्टोर द्वारा माल और पैसे न लौटाने की शिकायतें प्रमुख रहीं। इसके अलावा नियोक्ता द्वारा वेतन न देने, वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड), प्लॉट-मकान और जमीन संबंधी ठगी, तथा महिला अपराध से जुड़े प्रकरण भी दर्ज किए गए।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में हर मंगलवार को आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस जनसुनवाई का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। गौरतलब है कि इस तंत्र का उद्देश्य थाना स्तर पर अनसुनी रह जाने वाली शिकायतों को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाना है।
पुलिस आयुक्त की कार्रवाई
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने प्रत्येक आवेदक की समस्या विस्तार से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर तथा फोन के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
जनसुनवाई में अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आवेदकों की समस्याएँ विस्तार से सुनी गईं और मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई, जिससे शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।
मध्यस्थता और काउंसलिंग का प्रयास
पुलिस द्वारा मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से काउंसलिंग कर पारिवारिक और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से मामलों के कोर्ट तक जाने से पहले ही सुलह की संभावना बढ़ती है और नागरिकों का समय व संसाधन दोनों बचते हैं।
आगामी मंगलवार को भी इसी तरह की जनसुनवाई निर्धारित है, जिसमें लंबित मामलों की समीक्षा और नई शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी।