25 अगस्त 2026
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इंदौर पुलिस जनसुनवाई में 84 शिकायतें: पारिवारिक विवाद और धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक

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इंदौर पुलिस जनसुनवाई में 84 शिकायतें: पारिवारिक विवाद और धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक

सारांश

इंदौर में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक जनसुनवाई में 84 शिकायतें पहुँचीं — पारिवारिक कलह से लेकर जमीन धोखाधड़ी तक। मौके पर कार्रवाई के निर्देश और मध्यस्थता केंद्रों के ज़रिए शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश जारी है।

मुख्य बातें

25 अगस्त को इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नर कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित हुई।
जनसुनवाई में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पारिवारिक विवाद और धोखाधड़ी के मामले सर्वाधिक रहे।
नियोक्ता द्वारा वेतन न देना, वित्तीय धोखाधड़ी , प्लॉट-जमीन ठगी और महिला अपराध से जुड़े प्रकरण भी शामिल थे।
अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और मौके पर कार्रवाई शुरू की गई।
मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास जारी हैं।

इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार, 25 अगस्त को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी और संपत्ति संबंधी मामले सर्वाधिक रहे। पुलिस आयुक्त ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात सुनकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य शिकायतों का स्वरूप

जनसुनवाई में प्राप्त 84 आवेदनों में बेटा-बहू एवं पति-पत्नी के बीच पारिवारिक कलह, पड़ोसियों व रिश्तेदारों से विवाद, माल लेकर भुगतान न करने के मामले, कोल्ड स्टोर द्वारा माल और पैसे न लौटाने की शिकायतें प्रमुख रहीं। इसके अलावा नियोक्ता द्वारा वेतन न देने, वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड), प्लॉट-मकान और जमीन संबंधी ठगी, तथा महिला अपराध से जुड़े प्रकरण भी दर्ज किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में हर मंगलवार को आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस जनसुनवाई का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। गौरतलब है कि इस तंत्र का उद्देश्य थाना स्तर पर अनसुनी रह जाने वाली शिकायतों को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाना है।

पुलिस आयुक्त की कार्रवाई

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने प्रत्येक आवेदक की समस्या विस्तार से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर तथा फोन के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

जनसुनवाई में अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आवेदकों की समस्याएँ विस्तार से सुनी गईं और मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई, जिससे शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।

मध्यस्थता और काउंसलिंग का प्रयास

पुलिस द्वारा मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से काउंसलिंग कर पारिवारिक और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से मामलों के कोर्ट तक जाने से पहले ही सुलह की संभावना बढ़ती है और नागरिकों का समय व संसाधन दोनों बचते हैं।

आगामी मंगलवार को भी इसी तरह की जनसुनवाई निर्धारित है, जिसमें लंबित मामलों की समीक्षा और नई शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका कोई आँकड़ा सामने नहीं आया। मध्यस्थता केंद्रों की पहल सराहनीय है, लेकिन पारिवारिक विवाद और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों में पुलिस की भूमिका की सीमाएँ भी स्पष्ट होनी चाहिए। जब तक शिकायत-निवारण की जवाबदेही पारदर्शी नहीं होती, जनसुनवाई एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह सकती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर पुलिस जनसुनवाई क्या है और यह कब होती है?
इंदौर पुलिस जनसुनवाई हर मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित होती है, जिसमें आम नागरिक अपनी शिकायतें सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। यह मध्य प्रदेश में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की एक नियमित प्रशासनिक व्यवस्था है।
25 अगस्त की जनसुनवाई में कितनी और किस तरह की शिकायतें आईं?
25 अगस्त को हुई जनसुनवाई में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी, जमीन-प्लॉट संबंधी ठगी, नियोक्ता द्वारा वेतन न देना और महिला अपराध से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
पुलिस आयुक्त ने शिकायतों पर क्या कार्रवाई की?
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने प्रत्येक आवेदक की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर और फोन के ज़रिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि इंदौर पुलिस उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए पुलिस क्या कर रही है?
इंदौर पुलिस मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से काउंसलिंग कर पारिवारिक और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के प्रयास कर रही है। इस पहल का उद्देश्य मामलों को न्यायालय तक जाने से पहले ही सुलझाना है।
जनसुनवाई में किन वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया?
जनसुनवाई में अति पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित इंदौर के सभी जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में आवेदकों की समस्याएँ सुनी गईं और मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई।
राष्ट्र प्रेस
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