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स्टारोबेल्स्क कॉलेज ड्रोन हमले में मृतक संख्या बढ़कर 18, मलबे में तीन बच्चे अभी भी दबे

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स्टारोबेल्स्क कॉलेज ड्रोन हमले में मृतक संख्या बढ़कर 18, मलबे में तीन बच्चे अभी भी दबे

सारांश

रूस के स्टारोबेल्स्क में कॉलेज डॉरमेट्री पर हुए ड्रोन हमले में मृतक संख्या 18 पहुँच गई है — हमले के वक्त परिसर में 86 किशोर मौजूद थे। मलबे में तीन बच्चे अभी भी दबे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया है।

मुख्य बातें

स्टारोबेल्स्क कॉलेज पर ड्रोन हमले में मृतक संख्या बढ़कर 18 और घायलों की संख्या 60 हो गई है।
हमले के समय 14 से 18 वर्ष की आयु के 86 बच्चे परिसर में मौजूद थे।
रूसी जांच कमेटी के अनुसार हमला यूक्रेन की सशस्त्र सेना ने चार फिक्स्ड-विंग यूएवी से किया।
मलबे में अभी भी तीन बच्चे दबे होने की आशंका, बचाव अभियान जारी।
संयुक्त राष्ट्र ने हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया।
अमेरिकी प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने तत्काल और पूर्ण युद्धविराम की माँग दोहराई।

रूस के लुहांस्क क्षेत्र के स्टारोबेल्स्क शहर में एक कॉलेज की इमारत और डॉरमेट्री पर हुए ड्रोन हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हैं। रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय के अनुसार मलबे में अभी भी तीन बच्चे दबे होने की आशंका है।

मुख्य घटनाक्रम

रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय की प्रेस सर्विस ने पुष्टि की कि मलबे से दो और शव बरामद किए गए, जिससे कुल मृतक संख्या 18 और घायलों की संख्या 60 हो गई। जब हमला हुआ, उस समय 14 से 18 वर्ष की आयु के 86 बच्चे उस परिसर में मौजूद थे। रूसी जांच कमेटी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको के अनुसार, कॉलेज पर यूक्रेन की सशस्त्र सेना ने चार फिक्स्ड-विंग मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) से हमला किया था।

रूस की प्रतिक्रिया

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की कड़ी निंदा की। रूस के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें हमले की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई। रूस ने इस हमले को नागरिक ढाँचे पर जानबूझकर किया गया हमला करार दिया है।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, 'हम आम लोगों और आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले किसी भी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे वे कहीं भी हों। हम स्टारोबेल्स्क शहर में एक कॉलेज की बिल्डिंग और डॉरमेट्री पर रातभर हुई गोलाबारी की रिपोर्ट पर चिंता के साथ नज़र रख रहे हैं, जिसमें बच्चों समेत कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन हैं।

सुरक्षा परिषद की बैठक में वैनेसा फ्रेजियर ने स्पष्ट कहा, 'आम लोगों, बच्चों, मानवीय सहायता कर्मियों और नागरिक ढाँचे — जिसमें स्कूल और अस्पताल शामिल हैं — को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।'

अमेरिका का रुख

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की उपस्थायी प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने कहा कि वे लुहांस्क में हुई मौतों और घायलों की रिपोर्ट पर नज़र रख रही हैं। उन्होंने कहा, 'इस हमले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी भी नहीं मिले हैं। हम युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए तत्काल और पूर्ण युद्धविराम की ज़रूरत पर बल देते हैं।'

आगे क्या होगा

मलबे में दबे तीन बच्चों की तलाश में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में नागरिक ढाँचे पर हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से स्थिति को और न बिगाड़ने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि नागरिक ढाँचे पर हमले रुके नहीं हैं। अमेरिका का 'सवालों के जवाब का इंतजार' वाला रुख जवाबदेही से बचने की कूटनीतिक भाषा है। असली सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के उल्लंघन की 'निंदा' कब ठोस परिणामों में बदलेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टारोबेल्स्क कॉलेज पर हुआ ड्रोन हमला क्या है?
रूस के लुहांस्क क्षेत्र के स्टारोबेल्स्क शहर में एक कॉलेज की इमारत और उससे जुड़ी डॉरमेट्री पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हुए। रूसी जांच कमेटी के अनुसार हमला चार फिक्स्ड-विंग यूएवी से किया गया था।
हमले के समय कॉलेज में कितने बच्चे थे?
हमले के वक्त 14 से 18 वर्ष की आयु के 86 बच्चे उस परिसर में मौजूद थे। आपातकालीन स्थिति मंत्रालय के अनुसार मलबे में अभी भी तीन बच्चे दबे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है।
संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया। रूस के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद की आपात बैठक भी बुलाई गई, जिसमें नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना न बनाने की अपील की गई।
अमेरिका का इस हमले पर क्या रुख है?
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की उपस्थायी प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने कहा कि वे लुहांस्क में हुई मौतों की रिपोर्ट पर नज़र रख रही हैं और हमले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी भी नहीं मिले हैं। उन्होंने तत्काल और पूर्ण युद्धविराम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
क्या यूक्रेन ने हमले की जिम्मेदारी ली है?
रूसी जांच कमेटी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने यूक्रेन की सशस्त्र सेना पर हमले का आरोप लगाया है। हालाँकि, यूक्रेन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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