ट्रंप का ऐलान: रूस-यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' लागू, दोनों देशों को उल्लंघन न करने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल प्रभाव से एक 'एनर्जी सीजफायर' (ऊर्जा युद्धविराम) लागू हो गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी साझा की, जिसे व्हाइट हाउस ने भी तुरंत रीपोस्ट कर पुष्टि की। यह घोषणा फरवरी 2022 से जारी संघर्ष में एक संभावित राहत का संकेत मानी जा रही है।
ट्रंप की पोस्ट और व्हाइट हाउस की पुष्टि
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एनर्जी सीजफायर लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। — राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।' व्हाइट हाउस ने इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि यह ऊर्जा संबंधी युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
गौरतलब है कि यह पोस्ट उसी दिन सामने आई जब ट्रंप ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी।
जेलेंस्की की सशर्त सहमति
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा अवसंरचना (एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हमले बंद करता है, तो यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर अपने हमले रोकने को तैयार है। यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया जब दोनों देश एक-दूसरे की ऊर्जा परियोजनाओं को निशाना बना रहे थे।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूस के डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील को लेकर मतभेद उभरे हैं।
ट्रंप का जेलेंस्की पर निशाना
एक दिन पहले शनिवार को ट्रंप ने यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने जेलेंस्की से हमले रोकने की अपील भी की थी। ट्रंप ने यह भी कहा था कि यूक्रेन को अपना नेतृत्व बदलने पर विचार करना चाहिए और जेलेंस्की ने रूस के साथ समझौते के कई अवसर गंवाए हैं।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा था, 'मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।' उन्होंने जोड़ा, 'इस मामले का समाधान कई बार हो सकता था, लेकिन किसी वजह से जेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते।'
पुतिन की भूमिका और ट्रंप का आकलन
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, 'राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुंचना चाहते हैं।' यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई टेलीफोन वार्ता के ठीक बाद सामने आई। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप का यह रुख रूस के पक्ष में झुकता दिखता है, जबकि यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों की स्थिति की अनदेखी होती है।
आगे की राह
एनर्जी सीजफायर की घोषणा के बाद अब यह देखना होगा कि जमीनी स्तर पर दोनों पक्ष इसका पालन करते हैं या नहीं। विश्लेषकों के अनुसार, यह सीमित युद्धविराम एक व्यापक शांति समझौते की दिशा में पहला कदम हो सकता है, लेकिन इसके टिकाऊपन पर अभी संदेह बना हुआ है। ट्रंप के दबाव और दोनों देशों की सहमति से शुरू हुई यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।