क्या संयुक्त राष्ट्र ने गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण का स्वागत किया?
सारांश
Key Takeaways
- संयुक्त राष्ट्र ने गाजा संघर्ष विराम के दूसरे चरण का स्वागत किया।
- यह नागरिकों की पीड़ा को कम करने का एक प्रयास है।
- गाजा में 8 लाख लोग बाढ़ के खतरे में हैं।
- संयुक्त राष्ट्र का समर्थन दो राज्य समाधान की दिशा में है।
संयुक्त राष्ट्र, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका द्वारा घोषित गाजा संघर्ष विराम के दूसरे चरण की शुरुआत का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि कोई भी ऐसा कदम जो नागरिकों की पीड़ा को कम करता है और रिकवरी में मदद करता है, उसे यूएन एक सकारात्मक पहल मानता है।
फरहान हक ने अपने एक बयान में कहा, "14 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना के दूसरे चरण की घोषणा एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें गाजा में एक संक्रमणकालीन तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन और गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति की स्थापना शामिल है।"
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम, जो आम नागरिकों की पीड़ा को कम करे, पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण में मदद करे व एक विश्वसनीय राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़े, एक सकारात्मक पहल है।
बयान में कहा गया है, "महासचिव सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) का उल्लेख करते हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि सभी प्रयास संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए।
फरहान हक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र आगे भी ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा, जो फिलिस्तीनियों और इजरायलियों को कब्जे और संघर्ष को समाप्त करने में मदद करें और दो राज्य समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के पूर्व प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानून में निर्धारित है।
वर्तमान में गाजा की स्थिति यह है कि लगभग 8 लाख लोग बाढ़ के गंभीर खतरे वाले क्षेत्रों में रहने को विवश हैं। संयुक्त राष्ट्र की सहायता समन्वय एजेंसी (ओसीएचए) ने बताया कि कुल आबादी का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 8 लाख लोग, अब ऐसे क्षेत्रों में रह रहे हैं जो बाढ़ के खतरे वाले हैं और जहां सर्दियों के तूफान और भारी बारिश के कारण, उनके आश्रय स्थल आवास योग्य नहीं रहे हैं। साथ ही गाजा सिटी में 60 से अधिक आवासीय इमारतों के ढह जाने का खतरा मंडरा रहा है।