किम कीओन ही रिश्वत मामला: सोल कोर्ट शुक्रवार को सुनाएगा फैसला, साढ़े सात साल की सजा की माँग
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की पूर्व प्रथम महिला किम कीओन ही — पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल की पत्नी — के खिलाफ दायर रिश्वत और भ्रष्टाचार मामले में सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इस शुक्रवार, दोपहर 2 बजे अपना फैसला सुनाएगा। न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। यह निर्णय दक्षिण कोरियाई राजनीति और न्यायिक व्यवस्था दोनों के लिए निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
मामले का पृष्ठभूमि और आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 2022 के घटनाक्रमों से जुड़ा है, जब किम पर नौकरी की नियुक्तियों और व्यावसायिक लाभों के बदले में महंगे उपहार स्वीकार करने के आरोप लगे। अभियोग के अनुसार, इन उपहारों का कुल मूल्य 10 करोड़ वॉन (लगभग 65,231 अमेरिकी डॉलर) से अधिक बताया गया है।
आरोपों में सबसे प्रमुख है एक निर्माण कंपनी के प्रमुख द्वारा दिया गया वैन क्लीफ एंड अर्पेल्स का हार, जो कथित तौर पर अपनी रिश्तेदारी के लिए सरकारी पद दिलवाने की एवज में भेंट किया गया था। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा आयोग के पूर्व प्रमुख से 'सोने का कछुआ' उपहार लेने का भी आरोप है, जो कथित रूप से नियुक्तियों से जुड़ा था।
उपहारों की सूची और अन्य आरोप
अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो आरोप-पत्र प्रस्तुत किया है, उसके अनुसार किम पर एक पादरी से डियोर बैग और एक व्यवसायी से वैशेरॉन कॉन्स्टेंटिन घड़ी प्राप्त करने के आरोप भी शामिल हैं। एक पूर्व अभियोजक से प्रसिद्ध कलाकार ली उफान की पेंटिंग लेने का आरोप भी अभियोग में दर्ज है।
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जिसमें किम न्यायिक जाँच के दायरे में आई हैं। अप्रैल में एक अलग भ्रष्टाचार मामले में अपील अदालत ने उन्हें चार साल की जेल की सजा सुनाई थी, जिसमें स्टॉक मूल्य हेरफेर और एक धार्मिक संगठन से उपहार स्वीकार करने के आरोप थे।
अभियोजन पक्ष की माँग
विशेष अभियोजक मिन जूंग-की की टीम ने पिछले महीने हुई सुनवाई में किम के लिए साढ़े सात साल की जेल की सजा की माँग की थी। अभियोजन का तर्क है कि किम ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए लेन-देन किए।
किम का पक्ष
किम की ओर से इन सभी आरोपों से इनकार किया गया है। उनके बचाव पक्ष का कहना है कि उन्होंने उपहार तो प्राप्त किए, लेकिन उनके बदले किसी प्रकार की विशेष माँग या प्रत्यक्ष लेन-देन नहीं हुआ।
आगे क्या होगा
शुक्रवार का फैसला दक्षिण कोरिया की जवाबदेही व्यवस्था की कसौटी बनेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उच्च पदों पर भ्रष्टाचार के मुद्दे केंद्र में हैं। यदि सजा की माँग आंशिक रूप से भी स्वीकार होती है, तो यह दक्षिण कोरियाई राजनीति में एक मिसाल बनेगी।