18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग का कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण पर पुनः जोर, विरोधी विचारों का किया स्वागत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग का कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण पर पुनः जोर, विरोधी विचारों का किया स्वागत

सारांश

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने एक बार फिर कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण का पक्ष लिया और इसे बंद करने की मांग को 'झूठा दावा' बताया। यह विवाद सरकारी पारदर्शिता बनाम आंतरिक मंत्रणा की स्वतंत्रता के बीच की बड़ी बहस का प्रतीक बन गया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 18 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण बंद करने की मांग का फिर विरोध किया।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर मीडिया रिपोर्ट को 'झूठा दावा' बताया और विरोधी विचारों को स्वीकार करने के उदाहरण साझा किए।
दैनिक हांकुक इल्बो ने दावा किया था कि करीब 10 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक के साथ रात्रिभोज में प्रसारण सीमित करने का अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह दक्षिण कोरियाई इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण हो रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने विविध विचारों को सुनने के लिए जानबूझकर बैठकों में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाई है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर स्पष्ट किया कि वे कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण को बंद करने के किसी भी प्रस्ताव के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि वे बैठकों के दौरान सभी पक्षों के विचार सुनने के पक्ष में हैं और विरोधी राय रखने वाले मंत्रियों का वे खुले दिल से स्वागत करते हैं।

राष्ट्रपति का एक्स पर बयान

राष्ट्रपति ली ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह समझना मुश्किल है कि वे यह झूठ बोलकर कैबिनेट बैठकों के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करने का विरोध क्यों कर रहे हैं कि बैठकें सार्वजनिक होने के कारण कैबिनेट सदस्य अपनी बात नहीं रख सकते।' उन्होंने इस मांग का विरोध करने वाला एक यूट्यूब प्रसारण भी साझा किया, जिसमें ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए गए थे जब उन्होंने बैठकों के दौरान मंत्रियों के विरोधी विचारों को स्वीकार किया था।

गौरतलब है कि यह बयान उनकी एक्स पर की गई उस पहले की पोस्ट के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रसारण समाप्त करने की ज़रूरत से असहमति जताई थी और संबंधित मीडिया रिपोर्ट को 'झूठा दावा' करार दिया था।

मुख्य घटनाक्रम

दैनिक समाचार पत्र हांकुक इल्बो ने रिपोर्ट किया था कि करीब 10 मंत्रियों ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक के साथ एक रात्रिभोज के दौरान शिकायत की थी कि कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण होने के कारण वे राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात खुलकर नहीं रख पा रहे। उन्होंने स्वस्थ नीतिगत चर्चा के लिए प्रसारण सीमित करने का अनुरोध किया था।

इससे पहले गुरुवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। कार्यालय ने कहा, 'सरकार इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठकों की चर्चाओं का सीधा प्रसारण कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखना और सरकारी नीतियों में लोगों के विचारों को सक्रिय रूप से शामिल करना है।'

राष्ट्रपति की शासन-शैली और प्रतिभागिता

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, 'मैंने देश के मामलों पर विभिन्न विचारों को सुनने के लिए जानबूझकर प्रतिभागियों की संख्या काफी बढ़ाई है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हमेशा से बहस पसंद रही है और वे खासतौर पर उन लोगों का सम्मान करते हैं जो उनसे असहमत विचार रखते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी संगठन के भीतर की समस्याओं को रोकने के लिए वे हमेशा विरोधी विचार रखने वाले लोगों की भूमिका पर जोर देते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की राजनीति में सरकारी पारदर्शिता और कार्यकारी जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो रही है।

सरकार की स्थिति

प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट बैठकों में सदस्य स्वतंत्र रूप से अपने विचार रख रहे हैं और राष्ट्रपति भी उन्हें सक्रियता से स्वीकार कर रहे हैं। कार्यालय का कहना है कि सीधे प्रसारण की यह पहल लोकतांत्रिक पारदर्शिता का एक ऐतिहासिक कदम है।

आगे की दिशा

राष्ट्रपति ली की दृढ़ स्थिति को देखते हुए कथित तौर पर यह विवाद अभी थमने के आसार कम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा दक्षिण कोरिया में कार्यकारी शासन की पारदर्शिता और आंतरिक मंत्रणा की गोपनीयता के बीच के व्यापक तनाव को उजागर करता है। आने वाले हफ्तों में देखना होगा कि क्या मंत्रिपरिषद के सदस्य इस नीति के साथ सार्वजनिक रूप से सामंजस्य बिठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन खुद उनके मंत्रिमंडल के सदस्य कथित तौर पर इसी पारदर्शिता से असहज हैं। यह सवाल उठता है कि क्या कैमरे के सामने की 'खुली बहस' वास्तव में निर्भीक राय-मशविरे को प्रोत्साहित करती है, या उसे दबा देती है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अनदेखी रह जाती है, वह यह है कि किसी भी लोकतंत्र में कार्यकारी परामर्श की गोपनीयता और जनता के जानने के अधिकार के बीच संतुलन एक नाजुक प्रश्न है — और इसका उत्तर केवल 'पारदर्शिता अच्छी है' कहने से नहीं मिलता।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया में कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण का विवाद क्या है?
यह विवाद इस बात को लेकर है कि क्या दक्षिण कोरिया की कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण जारी रहना चाहिए। दैनिक हांकुक इल्बो ने दावा किया था कि करीब 10 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक के साथ रात्रिभोज के दौरान कहा कि सीधे प्रसारण के कारण वे राष्ट्रपति के सामने खुलकर राय नहीं रख पाते।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग की इस विषय पर क्या स्थिति है?
राष्ट्रपति ली जे म्युंग इस मांग के सख्त विरोधी हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर मीडिया रिपोर्ट को 'झूठा दावा' बताया और कहा कि वे बैठकों में सभी विचारों को सुनने के पक्ष में हैं और विरोधी राय रखने वाले लोगों का सम्मान करते हैं।
दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट को गुरुवार को ही खारिज कर दिया था। कार्यालय ने कहा कि सरकार इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण कर रही है और इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
क्या दक्षिण कोरिया में पहले कभी कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण हुआ है?
नहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार दक्षिण कोरिया के इतिहास में पहली बार ली जे म्युंग की सरकार के तहत कैबिनेट बैठकों की चर्चाओं का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इसे सरकार पारदर्शिता और जन-भागीदारी का एक नया मानदंड बताती है।
इस विवाद का दक्षिण कोरियाई राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद राष्ट्रपति ली और उनके कुछ मंत्रियों के बीच मतभेदों की ओर संकेत करता है, जो सरकार की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्दा कार्यकारी पारदर्शिता बनाम स्वतंत्र नीतिगत चर्चा की व्यापक बहस का हिस्सा है, जिसका असर आने वाले महीनों में सरकार की कार्यशैली पर दिख सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले