दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग का कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण पर पुनः जोर, विरोधी विचारों का किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर स्पष्ट किया कि वे कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण को बंद करने के किसी भी प्रस्ताव के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि वे बैठकों के दौरान सभी पक्षों के विचार सुनने के पक्ष में हैं और विरोधी राय रखने वाले मंत्रियों का वे खुले दिल से स्वागत करते हैं।
राष्ट्रपति का एक्स पर बयान
राष्ट्रपति ली ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह समझना मुश्किल है कि वे यह झूठ बोलकर कैबिनेट बैठकों के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करने का विरोध क्यों कर रहे हैं कि बैठकें सार्वजनिक होने के कारण कैबिनेट सदस्य अपनी बात नहीं रख सकते।' उन्होंने इस मांग का विरोध करने वाला एक यूट्यूब प्रसारण भी साझा किया, जिसमें ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए गए थे जब उन्होंने बैठकों के दौरान मंत्रियों के विरोधी विचारों को स्वीकार किया था।
गौरतलब है कि यह बयान उनकी एक्स पर की गई उस पहले की पोस्ट के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रसारण समाप्त करने की ज़रूरत से असहमति जताई थी और संबंधित मीडिया रिपोर्ट को 'झूठा दावा' करार दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
दैनिक समाचार पत्र हांकुक इल्बो ने रिपोर्ट किया था कि करीब 10 मंत्रियों ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक के साथ एक रात्रिभोज के दौरान शिकायत की थी कि कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण होने के कारण वे राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात खुलकर नहीं रख पा रहे। उन्होंने स्वस्थ नीतिगत चर्चा के लिए प्रसारण सीमित करने का अनुरोध किया था।
इससे पहले गुरुवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। कार्यालय ने कहा, 'सरकार इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठकों की चर्चाओं का सीधा प्रसारण कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखना और सरकारी नीतियों में लोगों के विचारों को सक्रिय रूप से शामिल करना है।'
राष्ट्रपति की शासन-शैली और प्रतिभागिता
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, 'मैंने देश के मामलों पर विभिन्न विचारों को सुनने के लिए जानबूझकर प्रतिभागियों की संख्या काफी बढ़ाई है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हमेशा से बहस पसंद रही है और वे खासतौर पर उन लोगों का सम्मान करते हैं जो उनसे असहमत विचार रखते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी संगठन के भीतर की समस्याओं को रोकने के लिए वे हमेशा विरोधी विचार रखने वाले लोगों की भूमिका पर जोर देते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की राजनीति में सरकारी पारदर्शिता और कार्यकारी जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो रही है।
सरकार की स्थिति
प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट बैठकों में सदस्य स्वतंत्र रूप से अपने विचार रख रहे हैं और राष्ट्रपति भी उन्हें सक्रियता से स्वीकार कर रहे हैं। कार्यालय का कहना है कि सीधे प्रसारण की यह पहल लोकतांत्रिक पारदर्शिता का एक ऐतिहासिक कदम है।
आगे की दिशा
राष्ट्रपति ली की दृढ़ स्थिति को देखते हुए कथित तौर पर यह विवाद अभी थमने के आसार कम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा दक्षिण कोरिया में कार्यकारी शासन की पारदर्शिता और आंतरिक मंत्रणा की गोपनीयता के बीच के व्यापक तनाव को उजागर करता है। आने वाले हफ्तों में देखना होगा कि क्या मंत्रिपरिषद के सदस्य इस नीति के साथ सार्वजनिक रूप से सामंजस्य बिठाते हैं।