दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने पुलिस सुधार में तेज़ी लाने का आह्वान किया, जांच की स्वतंत्र निगरानी पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सोल में आयोजित 81वें पुलिस दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस व्यवस्था में व्यापक और कठोर सुधार लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र बाह्य निगरानी तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति ली ने समारोह में कहा, 'जनता ने पुलिस को जांच करने का महत्वपूर्ण अधिकार सौंपा है। इस अधिकार का इस्तेमाल कानून और सिद्धांतों के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। साथ ही, जांच प्रक्रिया और उसके परिणामों के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए।' उन्होंने पुलिस से अपेक्षा की कि वह गलत परंपराओं और व्यवस्थागत खामियों को निडर होकर दूर करे।
ली ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच को बाहरी दबाव से पूर्णतः मुक्त रखा जाना चाहिए, परंतु उसकी प्रक्रिया और परिणामों की कड़ी समीक्षा भी समान रूप से आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने एक विशेष स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया।
सार्वजनिक विश्वास पर राष्ट्रपति की चेतावनी
राष्ट्रपति ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा, 'पुलिस को यह गंभीरता से समझना चाहिए कि उस पर जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है और उसकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। केवल बयान देने से जनता का विश्वास बहाल नहीं होगा। पुलिस को अपने व्यवहार और कामकाज में बदलाव करके यह साबित करना होगा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पहले से अधिक प्रभावी ढंग से निभा रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है।
हिंसक घटनाओं की पृष्ठभूमि
दक्षिण कोरिया में पुलिस सुधार की माँग हाल की कई हिंसक घटनाओं के बाद और तेज़ हो गई है। इंचियोन में पिछले सप्ताह अज्ञात लोगों को निशाना बनाकर किए गए चाकू हमले तथा एक व्यक्ति द्वारा अपनी सास की हत्या जैसी घटनाओं ने जनता में पुलिस की कार्यकुशलता और प्रतिक्रिया क्षमता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया में पुलिस सुधार की यह माँग नई नहीं है — अतीत में भी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और व्यवस्थागत खामियों को लेकर आलोचना होती रही है।
सुधारों की रूपरेखा
राष्ट्रपति ली ने पुलिस से कहा कि वह जनता की आलोचना से बचने के बजाय अपनी कमियों को स्वीकार करे और उन्हें तत्काल दूर करे। उन्होंने कहा, 'पुलिस पर लोगों का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब वे उसकी कार्यप्रणाली में वास्तविक बदलाव देख सकेंगे।' प्रस्तावित स्वतंत्र समीक्षा तंत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच प्रक्रिया न केवल राजनीतिक दबाव से मुक्त हो, बल्कि नागरिक निगरानी के प्रति जवाबदेह भी हो।
क्या होगा आगे
राष्ट्रपति के इस संबोधन के बाद दक्षिण कोरियाई राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी पर सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत करने का दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था का स्वरूप और उसके अधिकार क्षेत्र का निर्धारण इस सुधार प्रक्रिया की असली परीक्षा होगी। आने वाले हफ्तों में सरकारी नीतिगत दिशानिर्देशों की घोषणा की संभावना है।