दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का पुलिस को सर्वाधिक शक्तिशाली बनाने का ऐलान, जवाबदेही तंत्र भी होगा मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को सोल में एक सरकारी बैठक के दौरान घोषणा की कि आने वाले समय में पुलिस देश की सभी सरकारी एजेंसियों में सर्वाधिक शक्तिशाली संस्था बन जाएगी। उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई शक्तियों के साथ-साथ पुलिस की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को भी उतना ही सुदृढ़ किया जाएगा।
पुलिस को मिलेगी जांच की मुख्य जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ली ने बताया कि आपराधिक प्रक्रिया कानून में हाल ही में किए गए संशोधन लागू होने के बाद अभियोजन पक्ष की जांच-संबंधी शक्तियाँ समाप्त हो जाएंगी। इसके परिणामस्वरूप अपराधों की जांच का अधिकार मुख्य रूप से पुलिस के पास केंद्रित हो जाएगा। यह दक्षिण कोरिया की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है।
सुधार के लिए अलग सरकारी निकाय का प्रस्ताव
राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री कार्यालय को निर्देश दिया कि वह जनता की राय लेने के बाद पुलिस सुधार की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक अलग सरकारी निकाय के गठन की योजना तैयार करे। उनका कहना था कि इस निकाय का उद्देश्य पुलिस को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ उसके कामकाज में पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित करना होगा।
ली ने कहा, 'किसी भी संस्था में शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण समस्याएं पैदा कर सकता है। पुलिस को अधिक अधिकार दिए जाने के साथ-साथ उसके कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी सुनिश्चित करना भी जरूरी है।'
जेजू द्वीप मामले से उठे सवाल
राष्ट्रपति ली ने अपने संबोधन में जेजू द्वीप पर एक महिला के लापता होने के मामले का उल्लेख किया। उन्होंने पुलिस की कथित लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला की सुरक्षा या स्थिति की पर्याप्त पुष्टि किए बिना ही मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने इस घटना को पुलिस सुधार की आवश्यकता का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया और अधिकारियों से ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया।
आपराधिक जिम्मेदारी की उम्र घटाने पर विचार
बैठक में राष्ट्रपति ने गंभीर अपराधों के मामलों में आपराधिक जिम्मेदारी की न्यूनतम आयु घटाने के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश भी दिया। फिलहाल दक्षिण कोरिया में यह सीमा 14 वर्ष है, और इसे घटाकर 13 वर्ष करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह कदम बढ़ते किशोर अपराध की चिंताओं के बीच उठाया जा रहा है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट किया कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कानून-व्यवस्था और जांच प्रणाली में सुधार अनिवार्य है। पुलिस सुधार निकाय के गठन की रूपरेखा जनमत संग्रह के बाद तय होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ी हुई शक्तियों और जवाबदेही तंत्र के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाता है।