BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा-गायत्री कांस्य के बाद रैंकिंग में 12 पायदान उछलकर 27वें स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद ताज़ा विश्व रैंकिंग में 12 पायदान की छलांग लगाई है। दोनों खिलाड़ी 39वें स्थान से सीधे 27वें स्थान पर पहुँच गई हैं और उनके खाते में अब 44,192 पॉइंट्स हो गए हैं, जो पिछले सप्ताह के 33,692 पॉइंट्स से काफी अधिक हैं।
ऐतिहासिक उपलब्धि का महत्व
यह जोड़ी भारत में आयोजित इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में देश के लिए एकमात्र पदक जीतने वाली रही। गौरतलब है कि ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के 2011 में कांस्य पदक जीतने के बाद यह पहली बार है जब किसी भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक हासिल किया। इस जीत ने भारत का 2011 से वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम-से-कम एक पदक जीतने का क्रम भी बरकरार रखा।
क्वार्टरफाइनल में शानदार वापसी
त्रिशा-गायत्री ने क्वार्टरफाइनल में चौथी सीड वाली चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में हराया। पहला गेम 16-21 से गँवाने के बाद इस भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की और अगले दोनों गेम 21-15 तथा 21-13 से जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
पुरुष सिंगल्स रैंकिंग में बड़ा उलटफेर
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के नतीजों के बाद पुरुष सिंगल्स रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। इंडोनेशियाई शटलर जोनाथन क्रिस्टी तीसरे स्थान से दो पायदान ऊपर चढ़कर नए वर्ल्ड नंबर 1 बन गए हैं। पिछले सप्ताह के नंबर 1 शि यूकी को भारत के आयुष शेट्टी के हाथों पहले राउंड में हार के बाद पाँच स्थान का नुकसान उठाना पड़ा और वे अब नंबर 6 पर आ गए हैं।
क्रिस्टो पोपोव तीन पायदान चढ़कर नंबर 2 पर पहुँचे, जबकि कुनलावुत विटिडसार्न और एंडर्स एंटोनसेन क्रमशः एक-एक स्थान नीचे खिसककर नंबर 2 और नंबर 4 पर आ गए। नए वर्ल्ड चैंपियन एलेक्स लैनियर तीन पायदान ऊपर जाकर नंबर 7 पर पहुँचे।
भारतीय शटलरों का प्रदर्शन
भारत के लक्ष्य सेन एक स्थान ऊपर जाकर नंबर 13 पर पहुँचे, जबकि आयुष शेट्टी वर्ल्ड नंबर 1 शि यूकी को हराने के बाद दो पायदान ऊपर चढ़कर नंबर 20 पर आ गए। यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन की गहराती ताकत को दर्शाती है, जहाँ नई पीढ़ी के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।