स्पेन ट्रेन हादसे में 68 की मौत के बाद मैड्रिड में हिंसक विरोध, PM सांचेज और परिवहन मंत्री के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन में 29 अक्टूबर 2026 को दो हाईस्पीड ट्रेनों के बीच हुई भीषण टक्कर में 68 लोगों की मौत और 180 से अधिक घायल होने के बाद मैड्रिड की सड़कों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और परिवहन मंत्री पुएंते के तत्काल इस्तीफे की माँग की। देर रात तक जारी इस प्रदर्शन में भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं।
हादसे का विवरण
स्पेन के सरकारी प्रसारक आरटीवीई की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा मैड्रिड के दक्षिण में उर्डा शहर के पास बुधवार सुबह हुआ। सरकारी कंपनी रेनफे की एक ट्रेन निजी कंपनी इर्यो की पटरी पर खड़ी ट्रेन से जा टकराई। इन हाईस्पीड ट्रेनों की रफ्तार आमतौर पर 200 किमी/घंटे से अधिक होती है।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, रेल सुरक्षा प्रणाली में खराबी आने के बाद कंट्रोल सेंटर ने एक ट्रेन को दोबारा चलने की अनुमति दे दी, जिसके चलते यह दर्दनाक टक्कर हुई। गौरतलब है कि यह इस साल स्पेन में हाईस्पीड रेल की दूसरी जानलेवा दुर्घटना थी।
मैड्रिड में विरोध प्रदर्शन
स्पेनिश समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार, मैड्रिड में 1,000 से अधिक लोगों ने सरकार विरोधी रैली निकाली। यह रैली मुख्य रूप से दक्षिणपंथी समूहों की अगुवाई में आयोजित की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस आयोजन में फालान्ज पार्टी और रेवुएल्टा जैसे समूहों की भूमिका रही, जबकि वॉक्स से जुड़े संगठन सोलिदारिदाद ने एक अलग प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री पुएंते को 'मौत का मंत्री' तक कहा और रेलवे सुरक्षा की जवाबदेही तय करने की माँग उठाई। तनाव तब चरम पर पहुँच गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
दंगा-रोधी पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े। जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके। अंततः पुलिस ने हल्के बल का इस्तेमाल करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया।
पृष्ठभूमि: इस साल दूसरी बड़ी रेल त्रासदी
यह ऐसे समय में आया है जब स्पेन इससे पहले भी इस वर्ष एक बड़े रेल हादसे का दर्द झेल चुका है। जनवरी 2026 में अडामूज के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई थी, जिसमें 46 लोगों की जान चली गई थी। इस पृष्ठभूमि में अक्टूबर के हादसे ने स्पेन के हाईस्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दोनों हादसों में कुल 114 से अधिक लोगों की जान जाने के बाद विपक्ष और आम जनता का आक्रोश चरम पर है। आने वाले दिनों में सरकार पर जवाबदेही का दबाव और बढ़ने की संभावना है।