स्पेन में 29 नवंबर को स्नैप चुनाव: PM सांचेज ने आवास संकट के बीच संसद भंग की
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को राजधानी मैड्रिड स्थित सरकारी मुख्यालय 'ला मोनक्लोआ' से राष्ट्र को संबोधित करते हुए 29 नवंबर को अप्रत्याशित चुनाव (स्नैप इलेक्शन) कराने का ऐलान किया। संसद का नियमित कार्यकाल अभी नौ महीने शेष था, लेकिन आवास संकट पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और संसद में लगातार हार के बाद सांचेज ने यह असाधारण कदम उठाया।
चुनाव के ऐलान की पृष्ठभूमि
यह फैसला स्पेन में एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहे आवास संकट विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है। विरोध की आग तब भड़की जब मैड्रिड में 87 वर्षीया मारिकार्मेन अबास्कल को उनके घर से बेदखल करने की कोशिश की गई। यह घटना बढ़ते किराये, जबरन बेदखली और किफायती आवास की भारी कमी के प्रति जनता के दबे हुए गुस्से को बाहर लाने का निमित्त बन गई।
प्रदर्शन तेज़ी से बार्सिलोना, वालेंसिया, सेविल और मालागा समेत 50 से अधिक शहरों में फैल गए। हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और कार्यकर्ताओं ने मैड्रिड के केंद्र में तंबू डेरे डाल दिए। इन प्रदर्शनों की तुलना 2011 के '15 एम' आंदोलन से की जा रही है, जो उस समय की मितव्ययिता नीतियों के विरोध में उठा था।
सांचेज ने क्या कहा
प्रमुख स्पेनिश मीडिया आउटलेट अल पाइस के अनुसार, सांचेज ने अपने भाषण में स्वीकार किया कि उनकी सरकार से 'गलतियां हुई हैं' और वे निर्धारित लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, "तीन साल से भी पहले, मतदाताओं ने एक बार फिर एक प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर भरोसा जताया था। हमें अभूतपूर्व आपातकालीन स्थितियों का सामना करना पड़ा और बेहद मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल से निपटना पड़ा।"
उन्होंने यह भी कहा, "स्पेन यूरोपीय संघ में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। फ्रांस या जर्मनी की तुलना में यहाँ लोगों की क्रय शक्ति तीन गुना अधिक बढ़ी है।" अपनी बात खत्म करते हुए सांचेज ने कहा, "अब और काम करने के लिए हमें लोगों के समर्थन की ज़रूरत है। इसीलिए किंग को सूचित करने के बाद, मैंने 29 नवंबर को चुनाव कराने के लिए कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है।"
संसदीय संकट और राजनीतिक कमज़ोरी
आवास संकट से पहले ही सांचेज की सरकार कमज़ोर पड़ रही थी। संसद ने किरायेदारों की सुरक्षा मज़बूत करने वाले दो आदेशों को खारिज कर दिया। 'जंट्स पर कैटालोनिया' ने पॉपुलर पार्टी (PP) और वॉक्स (VOX) का साथ देते हुए इन उपायों का विरोध किया — यह उस स्थिति में हुआ जब सरकार ने इसी कैटालोनिया की अलगाववादी पार्टी के साथ इन आदेशों पर पहले बातचीत की थी। इस संसदीय हार के बाद सांचेज के पास कोई भी महत्त्वपूर्ण विधेयक पास कराने लायक बहुमत नहीं रहा।
गौरतलब है कि इससे पहले स्यूटा संकट ने भी सरकार को राजनीतिक नुकसान पहुँचाया था, जब मोरक्को से 80,000 से अधिक प्रवासी स्पेन के इस अलग थलग पड़े शहर में घुस आए थे।
कानूनी विवाद और पार्टी की स्थिति
सांचेज को कमज़ोर करने में कई कानूनी विवादों की भी भूमिका रही। भ्रष्टाचार के आरोपों में स्पेनिश सोशलिस्ट पार्टी (PSOE) के वरिष्ठ नेता और पूर्व परिवहन मंत्री जोस लुइस अबालोस को दोषी ठहराया गया। इसके अलावा कार्यकर्ता लेइरे डिएज से जुड़े कथित प्रभाव दलाली नेटवर्क की जाँच और सांचेज की पत्नी व भाई के खिलाफ दर्ज मामले तथा पूर्व अटॉर्नी जनरल अल्वारो गार्सिया ओर्टिज को दोषी ठहराए जाने वाले मुकदमे ने विपक्ष को लगातार हमला करने का मौका दिया।
आगे क्या होगा
ओपिनियन पोल के अनुसार, अधिकांश स्पेनिश नागरिक — दक्षिणपंथी मतदाताओं समेत — किराया नियंत्रण जैसे उपायों का समर्थन करते हैं, जो परंपरागत रूप से वामपंथी पार्टियों का एजेंडा रहा है। दूसरी ओर, PP और VOX स्यूटा प्रवासन संकट से मिले राजनीतिक लाभ को भुनाने की तैयारी में हैं। विश्लेषकों के अनुसार यदि दक्षिणपंथी खेमे को संसद में बहुमत मिलता है, तो स्पेन में सत्ता का संतुलन पूरी तरह पलट जाएगा। 29 नवंबर को होने वाले ये चुनाव तय करेंगे कि सांचेज का प्रगतिशील प्रयोग जारी रहेगा या देश दक्षिण की ओर मुड़ेगा।