माता प्रसाद पांडे का आरोप: पुलिस बल से विपक्ष की आवाज़ दबा रही सरकार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडे ने 22 जुलाई को लखनऊ में केंद्र सरकार पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की और अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई तथा इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को लेकर सरकार को घेरा।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना और पुलिस कार्रवाई
पांडे ने बताया कि विपक्ष को संसद के भीतर अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला, जिसके बाद सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उनके अनुसार, सरकार इस प्रदर्शन से असहज हो गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया गया तथा हिरासत में लिया गया। पांडे ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया।
शिक्षा मंत्री पर इस्तीफे का दबाव
पांडे ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना या न देना भारतीय जनता पार्टी (BJP) का आंतरिक निर्णय है, परंतु देश के युवा और आम जनता उनसे इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की नाराज़गी लगातार बढ़ रही है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही दिखानी होगी।
राम मंदिर चंदा प्रकरण और एसआईटी जाँच
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जाँच के लिए गठित एसआईटी पर पांडे ने कहा कि जाँच एजेंसी निश्चित रूप से कुछ तथ्यों का पता लगाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित अनियमितताएँ इतनी अधिक हैं कि उनकी पूरी सच्चाई सामने आने में वर्षों लग सकते हैं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट में अपने प्रतिनिधि को शामिल किए जाने संबंधी दावों पर उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में किसी भी सदस्य की नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी और जब तक मुख्यमंत्री किसी व्यक्ति को नामित नहीं करेंगे, तब तक कोई स्वयं ट्रस्ट का सदस्य नहीं बन सकता।
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में पांडे ने कहा कि सपा का प्रतिनिधिमंडल रामपुर जाएगा और धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान है और उसे गिराया नहीं जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रशासन द्वारा जिला पंचायत से नक्शा पास न होने को कार्रवाई का आधार बनाया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के निर्माणों में अक्सर ऐसी प्रक्रिया का पालन नहीं होता। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जिला अधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर बुलडोजर कार्रवाई रोकने की माँग करेगा।
इथेनॉल नीति से आम उपभोक्ता परेशान
इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर पांडे ने दावा किया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में इस नीति को लेकर व्यापक असंतोष है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से कई लोगों के वाहन खराब हुए हैं और मोटरसाइकिलों की माइलेज कम हुई है। पांडे के अनुसार, इस नीति का लाभ आम जनता के बजाय कुछ कंपनियों को पहुँचाया जा रहा है और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ईंधन मिश्रण नीति को और विस्तार देने की योजना बना रही है।