7 अगस्त 2026
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एफसीआरए बिल और छात्र आंदोलन पर विपक्ष का हमला, अमित शाह से इस्तीफे की मांग

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एफसीआरए बिल और छात्र आंदोलन पर विपक्ष का हमला, अमित शाह से इस्तीफे की मांग

सारांश

मानसून सत्र में विपक्ष ने मकर द्वार पर मोर्चा खोला — एफसीआरए बिल, छात्रों पर कथित पेलेट गन का इस्तेमाल और राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी। कांग्रेस ने अमित शाह से इस्तीफा या माफी माँगी और एफसीआरए विधेयक को लाखों एनजीओ व अल्पसंख्यकों के लिए खतरा बताया।

मुख्य बातें

विपक्षी सांसदों ने 7 अगस्त को मकर द्वार पर प्रदर्शन कर गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे या माफी की माँग की।
कांग्रेस सांसद के.सी.
वेणुगोपाल ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित पेलेट गन के इस्तेमाल पर जवाबदेही माँगी।
कांग्रेस ने एफसीआरए संशोधन विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने की कोशिश बताते हुए इसे लाखों एनजीओ और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए हानिकारक बताया।
झारखंड सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे पर चार मंत्रियों और छात्र प्रतिनिधियों का समूह गठित किया।
सांसद प्रमोद तिवारी ने शिक्षा बजट में 6 प्रतिशत आवंटन की माँग उठाई।
विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मुद्दा भी संसद में उठाया।

संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार, 7 अगस्त को विपक्षी सांसदों ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कई अहम मुद्दों पर जवाब माँगा। इनमें 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी और एफसीआरए संशोधन विधेयक प्रमुख थे।

वेणुगोपाल का आरएसएस और गृहमंत्री पर सीधा हमला

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की 'जेन जी' पर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में देश के युवाओं और छात्रों की चिंता है, तो उन्हें सबसे पहले गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफा दिलाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि इस्तीफा संभव नहीं, तो गृहमंत्री को कम-से-कम संसद में आकर छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए।

वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस सरकार को नियंत्रित कर रही है और यदि उसे छात्रों की वास्तविक चिंता है, तो उसे छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों की सार्वजनिक निंदा करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और अब छात्र जवाबदेही की माँग कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख की चुप्पी को उन्होंने 'महज दिखावा' बताया।

एफसीआरए विधेयक पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एफसीआरए संशोधन विधेयक पर भी कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया। वेणुगोपाल ने कहा कि जब संसद का कामकाज सुचारु रूप से नहीं चल रहा, तब सरकार इतने महत्वपूर्ण विधेयक को जल्दबाजी में पारित नहीं करा सकती। उनके अनुसार इस विधेयक का असर लाखों लोगों, गैर-सरकारी संगठनों और अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ेगा, और कांग्रेस इसे पारित नहीं होने देगी।

झारखंड छात्र आंदोलन और राहुल गांधी का समर्थन

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी छात्र अपने जायज अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करेंगे, कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के समर्थन की बात कही है।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आरएसएस अब 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरएसएस मानता है कि प्रदर्शनकारियों की माँगें उचित हैं, तो सरकार उन्हें स्वीकार क्यों नहीं कर रही। उन्होंने शिक्षा बजट में 6 प्रतिशत आवंटन की माँग भी दोहराई। झारखंड सरकार ने इस मुद्दे पर चार मंत्रियों और छात्र प्रतिनिधियों का एक समूह गठित किया है, जो जल्द ही बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने का प्रयास करेगा।

अन्य विपक्षी सांसदों की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि भागवत की बातें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस हद तक पहुँचा, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने न्यायपालिका, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी, गरीबों के भूमि अधिकार और सीवर-गटर श्रमिकों की मौत जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की माँग की।

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा कि राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर लगातार छात्रों से संवाद करते रहे हैं और उनकी माँगों को सड़क से संसद तक उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।

राम मंदिर और संसदीय कार्यमंत्री पर पलटवार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के आरोपों का जवाब देते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि सरकार भगवान राम के मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है, तो विपक्ष पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष भगवान राम के भक्त हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भगवान राम को राजनीति और कारोबार का माध्यम बना दिया है। यह टकराव संकेत देता है कि मानसून सत्र के शेष दिनों में संसदीय कार्यवाही और अधिक तीखी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एफसीआरए और राम मंदिर — को एक ही मंच पर लाने की कोशिश है, जो दर्शाता है कि कांग्रेस मानसून सत्र को केवल विधायी बाधा नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने के अवसर के रूप में देख रही है। हालाँकि, पेलेट गन के आरोप और एफसीआरए के प्रभाव जैसे गंभीर दावों की स्वतंत्र जाँच अभी लंबित है। यह ऐसे समय में आया है जब आरएसएस प्रमुख की 'जेन जी' टिप्पणी ने भाजपा को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है — विपक्ष इसी खिड़की का उपयोग कर रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये मुद्दे सदन के भीतर सार्थक बहस बन पाते हैं या केवल द्वार पर नारेबाजी तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विपक्षी सांसदों ने 7 अगस्त को किन मुद्दों पर प्रदर्शन किया?
विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन करते हुए तीन प्रमुख मुद्दे उठाए — 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी, और एफसीआरए संशोधन विधेयक। इन सभी पर गृहमंत्री अमित शाह से जवाब माँगा गया।
एफसीआरए संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया है। के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जब संसद सुचारु रूप से नहीं चल रही, तब इतने महत्वपूर्ण विधेयक को जल्दबाजी में पारित नहीं कराया जा सकता, क्योंकि इसका असर लाखों एनजीओ और अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ेगा।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर क्या हुआ?
झारखंड सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे पर चार मंत्रियों और छात्र प्रतिनिधियों का एक समूह गठित किया है, जो बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने का प्रयास करेगा। कांग्रेस और राहुल गांधी ने इन छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
कांग्रेस ने अमित शाह से इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन में छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और इसकी जवाबदेही गृहमंत्री पर बनती है। उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफा नहीं, तो कम-से-कम गृहमंत्री को संसद में आकर छात्रों से माफी माँगनी चाहिए।
आरएसएस प्रमुख की 'जेन जी' टिप्पणी पर विपक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आरएसएस अब 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरएसएस छात्रों की माँगें उचित मानता है, तो सरकार उन्हें स्वीकार क्यों नहीं कर रही। करमवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि बातें अच्छी लगती हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुँचने का सवाल अभी भी बना हुआ है।
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