21 जुलाई 2026
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मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और किसान आंदोलन पर जवाबदेही की मांग

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मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और किसान आंदोलन पर जवाबदेही की मांग

सारांश

मानसून सत्र में विपक्ष ने तीन मोर्चों पर सरकार को घेरा — छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और किसान आंदोलन। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की और जवाबदेही पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

संसद के मानसून सत्र में 21 जुलाई को विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और किसान आंदोलन पर सरकार को घेरा।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने छात्रों पर कार्रवाई की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से की।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं पर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की माँग की।
सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भी सरकार से जवाब माँगा।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्र और पंजाब की भगवंत मान सरकार दोनों पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाया।

संसद के मानसून सत्र में 21 जुलाई को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को तीन मोर्चों पर घेरा — छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रहे पेपर लीक और किसान आंदोलन। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने इन मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा और सरकार की जवाबदेही तय करने की माँग की।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई: विपक्ष का आरोप

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर और असंवेदनशील रवैया अपनाया। उनके अनुसार, छात्रों के विरोध से निपटने का तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग करते हुए प्रस्ताव भी दिया।

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बैरिकेड्स, लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है तथा उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है।

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने भी छात्रों के मुद्दे को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए संसद में चर्चा की माँग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र किसी राजनीतिक दल के निर्देश पर नहीं, बल्कि अपने भविष्य की चिंता के चलते सड़कों पर उतरे हैं।

पेपर लीक पर जवाबदेही का सवाल

परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश को एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की ज़रूरत है, लेकिन लगातार हो रही गड़बड़ियाँ इस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। उन्होंने पूछा कि यदि परीक्षा में बार-बार अनियमितताएँ सामने आती हैं, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष है। गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएँ कई राज्यों में सामने आ चुकी हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

किसान आंदोलन पर दोहरा घेराव

किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्र सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार दोनों को घेरते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी सैकड़ों किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गँवा चुके हैं और अब फिर से उन्हें रोकने की कोशिशें की जा रही हैं।

समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताएँ

समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि वंदे मातरम जैसे मुद्दे विवाद का विषय नहीं हैं, बल्कि देश के सामने असली चुनौती पेपर लीक, युवाओं का भविष्य और सार्वजनिक जवाबदेही है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भी उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब माँगा।

आगे क्या होगा

विपक्ष ने संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों को उठाते रहने की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रस्ताव और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग के बाद सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं। मानसून सत्र के शेष दिनों में इन मुद्दों पर संसद में तीखी बहस की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परीक्षा और किसान — रणनीतिक रूप से सुगठित है, लेकिन जलियांवाला बाग जैसी तुलना अतिशयोक्ति का जोखिम उठाती है जो मूल मुद्दे से ध्यान भटका सकती है। पेपर लीक की समस्या वास्तविक और दस्तावेज़ीकृत है, फिर भी विपक्ष ने अब तक कोई ठोस वैकल्पिक सुधार प्रस्ताव नहीं रखा। किसान आंदोलन पर कांग्रेस का भगवंत मान सरकार को भी घेरना दर्शाता है कि यह मुद्दा दलीय सीमाओं से परे है — लेकिन यही बात इसे राजनीतिक रूप से जटिल भी बनाती है। असली सवाल यह है कि क्या संसद इन मुद्दों पर सार्थक बहस की जगह बनने देती है, या हंगामे में सत्र समाप्त हो जाता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसून सत्र में विपक्ष ने किन मुद्दों पर सरकार को घेरा?
21 जुलाई को मानसून सत्र में विपक्ष ने तीन प्रमुख मुद्दे उठाए — छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और किसान आंदोलन। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इन पर संसद में विस्तृत चर्चा और जवाबदेही की माँग की।
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ असंवेदनशील रवैया अपनाया और परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताओं को रोकने में विफल रही। इसी आधार पर कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग करते हुए संसद में प्रस्ताव दिया।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने छात्रों पर कार्रवाई की तुलना किससे की?
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से की। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बैरिकेड्स, लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना करना पड़ा, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
पेपर लीक मामले में विपक्ष ने क्या माँग की?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने माँग की कि सरकार एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था स्थापित करे और बार-बार होने वाली अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करे। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर है।
किसान आंदोलन पर विपक्ष ने किसे जिम्मेदार ठहराया?
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्र सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार दोनों को किसानों के साथ अन्याय के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले भी सैकड़ों किसान आंदोलन के दौरान जान गँवा चुके हैं और अब फिर से उन्हें रोकने की कोशिशें हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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