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क्या स्टॉकहोम में चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक वार्ता का आयोजन हुआ?

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क्या स्टॉकहोम में चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक वार्ता का आयोजन हुआ?

सारांश

स्टॉकहोम में हुई चीन-अमेरिका की आर्थिक और व्यापारिक वार्ता में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। इस वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। जानिए इस वार्ता की खास बातें और भविष्य के लिए क्या संभावनाएँ हैं।

मुख्य बातें

चीन और अमेरिका ने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
24 प्रतिशत अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ को 90 दिनों के लिए बढ़ाया गया है।
विश्व अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता महत्वपूर्ण है।
दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता है।
आर्थिक वार्ता से संभावित लाभ बढ़ेंगे।

बीजिंग, 30 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। चीनी उप प्रधानमंत्री ह लीफंग और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट व व्यापारिक प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने 28 और 29 जुलाई को स्वीडन के स्टॉकहोम में चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक वार्ता का आयोजन किया।

दोनों पक्षों ने चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक संबंध और समग्र आर्थिक नीति जैसे समान दिलचस्पी वाले मुद्दों पर खुला, गहन और रचनात्मक आदान-प्रदान किया।

दोनों पक्षों ने चीन-अमेरिका जिनेवा आर्थिक व व्यापारिक वार्ता में हुई सहमति और लंदन ढांचे के कार्यान्वयन की स्थिति का सिंहावलोकन किया और इसकी प्रशंसा की।

वर्तमान वार्ता की सहमति के अनुसार, दोनों पक्ष निलंबित 24 प्रतिशत अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ और चीन के जवाबी उपाय को 90 दिनों के लिए बढ़ाना जारी रखेंगे।

चीनी उप प्रधानमंत्री ह लीफंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक दलों को 5 जून को दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच फोन पर हुई महत्वपूर्ण सहमति के अनुसार, आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण अस्तित्व, सहयोग और समान जीत के सिद्धांत पर एक-दूसरे की चिंता का सम्मान कर सहमति मजबूत करने के साथ आपसी विश्वास बढ़ाना होगा।

ह लीफंग ने कहा कि चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर चीन का रुख सतत है। चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का सार पारस्परिक लाभ और समान जीत है। आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में दोनों पक्षों के व्यापक समान हित और सहयोग की विशाल संभावना है। स्थिर, स्वस्थ और अनवरत चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंध न सिर्फ दोनों पक्षों के विकास के लिए लाभदायक है, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था के विकास और स्थिरता के लिए भी लाभदायक होगा।

ह लीफंग ने कहा कि आने वाले समय में दोनों पक्ष नेताओं के बीच संपन्न अहम सहमति के अनुसार चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक परामर्श तंत्र की भूमिका अच्छे से निभाएंगे, ताकि सहमति बढ़ सके, गलतफहमी कम हो सके और सहयोग मजबूत हो सके।

वहीं, अमेरिकी पक्ष ने कहा कि स्थिर अमेरिका-चीन आर्थिक और व्यापारिक संबंध न सिर्फ दोनों देशों, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका चीन के साथ आर्थिक और व्यापारिक परामर्श तंत्र के जरिए मतभेदों का निपटारा करना चाहता है, ताकि और अधिक उपलब्धियां हासिल हो सकें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

यह वार्ता चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद की आवश्यकता है, जिससे न केवल उनके विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी स्थिरता आएगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-अमेरिका आर्थिक वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और आपसी मतभेदों को सुलझाना था।
वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
वार्ता में व्यापारिक टैरिफ, आर्थिक सहयोग और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
क्या इस वार्ता से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार होगा?
हां, इस वार्ता से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग में वृद्धि हो सकती है, जो भविष्य में बेहतर रिश्तों का आधार बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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