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क्या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडान में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है?

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क्या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडान में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है?

सारांश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडान के अल फशर में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस लेख में जानें कि कैसे यह सिविल युद्ध नागरिकों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है और परिषद ने स्थायी युद्ध विराम के लिए क्या कदम उठाए हैं।

मुख्य बातें

सूडान में जारी सिविल युद्ध से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
सभी पक्षों को युद्ध विराम के लिए बातचीत शुरू करने की आवश्यकता है।
मानवता की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन आवश्यक है।
सूडान की संप्रभुता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।

संयुक्त राष्ट्र, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। सूडान में चल रहे सिविल युद्ध के कारण वहां निवास करने वाले व्यक्तियों का जीवन पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। लोग भुखमरी और हिंसा का सामना कर रहे हैं। इस संदर्भ में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य के अल फशर और उसके आस-पास बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को यूएनएससी के सदस्यों ने अल फशर पर रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा किए गए हमलों और नागरिकों पर इसके विनाशकारी प्रभाव की निंदा की।

एक बयान में, यूएनएससी के सदस्यों ने सामान्य नागरिकों के खिलाफ आरएसएफ के अत्याचारों की आलोचना की। यूएन ने सूडान के इन क्षेत्रों में जातीय आधार पर प्रेरित अत्याचारों के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

परिषद के सदस्यों ने सभी संघर्षरत पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित और बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता की अनुमति देने और इसे सुगम बनाने की भी मांग की।

सदस्यों ने यह भी दोहराया कि प्राथमिकता सभी पक्षों के लिए एक स्थायी युद्ध विराम और एक व्यापक, समावेशी, और सूडानी-स्वामित्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया की दिशा में बातचीत को फिर से आरंभ करने की होनी चाहिए।

यूएनएससी ने सभी सदस्य देशों से यह भी आग्रह किया कि वे संघर्ष और अस्थिरता को बढ़ावा देने वाले बाहरी हस्तक्षेप से बचें, स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन करें, और सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों का पालन करें।

सदस्यों ने सूडान की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता, और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। इस संदर्भ में, सुरक्षा परिषद ने आरएसएफ द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में समानांतर शासन प्राधिकरण की स्थापना को अस्वीकार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारा दायित्व है कि हम सूडान की जनता के साथ खड़े रहें। यह आवश्यक है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संकट का समाधान निकाले और मानवीय सहायता पहुंचाने में आगे बढ़े।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूडान में हिंसा का मुख्य कारण क्या है?
सूडान में हिंसा का मुख्य कारण सिविल युद्ध और विभिन्न जातीय समूहों के बीच संघर्ष है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद क्या कर रही है?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सूडान में स्थायी युद्ध विराम और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।
क्या लोग सूडान में सुरक्षित हैं?
नहीं, सूडान में लोग बढ़ती हिंसा और भूखमरी का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है।
राष्ट्र प्रेस
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