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चीन का 16 मेगावाट का तैरता अपतटीय पवन प्लेटफॉर्म 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' स्थापित, विश्व रिकॉर्ड

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चीन का 16 मेगावाट का तैरता अपतटीय पवन प्लेटफॉर्म 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' स्थापित, विश्व रिकॉर्ड

सारांश

चीन ने गहरे समुद्र में पवन ऊर्जा की दुनिया बदल दी — 16 मेगावाट की एकल-इकाई क्षमता वाला 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' अब तक का सबसे शक्तिशाली तैरता पवन प्लेटफॉर्म है। 73 मीटर/सेकंड की हवाओं और 20 मीटर ऊँची लहरों को झेलने में सक्षम यह प्लेटफॉर्म गहरे समुद्री पवन ऊर्जा के व्यावसायिक भविष्य का खाका खींचता है।

मुख्य बातें

चाइना थ्री गॉर्जेस कॉर्पोरेशन का 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' 2 मई 2026 को क्वांगतोंग प्रांत के यांगच्यांग तट के पास स्थापित किया गया।
यह विश्व का सबसे बड़ा एकल-इकाई क्षमता वाला तैरता अपतटीय पवन प्लेटफॉर्म है, जिसकी क्षमता 16 मेगावाट है।
प्लेटफॉर्म तट से 70 किलोमीटर से अधिक दूर, 50 मीटर से अधिक गहरे जलक्षेत्र में स्थित है।
यह चीन में सक्रिय गिट्टी प्रणाली (Active Ballast System) का उपयोग करने वाला पहला अपतटीय पवन प्लेटफॉर्म है।
स्थापना क्षेत्र में लहरें 20 मीटर से अधिक ऊँची और हवा की गति 73 मीटर/सेकंड तक दर्ज की जाती है।

चाइना थ्री गॉर्जेस कॉर्पोरेशन ने 3 मई 2026 को घोषणा की कि विश्व की सबसे बड़ी एकल-इकाई क्षमता वाला 16 मेगावाट का तैरता हुआ अपतटीय पवन ऊर्जा प्लेटफॉर्म 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' को 2 मई 2026 की शाम क्वांगतोंग प्रांत के यांगच्यांग तट के निकट गहरे समुद्र में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया। गहरे समुद्र में पवन ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह चीन की एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' को तट से 70 किलोमीटर से अधिक दूर, 50 मीटर से अधिक की गहराई वाले जलक्षेत्र में स्थापित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं — एक 16 मेगावाट की अति-क्षमता वाली पवन टरबाइन, एक अर्ध-जलमग्न तैरता हुआ प्लेटफॉर्म, और एक नवीन लंगर प्रणाली।

यह परियोजना चाइना थ्री गॉर्जेस कॉर्पोरेशन के नेतृत्व में विकसित और निर्मित की गई है, जो चीन की प्रमुख सरकारी जलविद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है। गौरतलब है कि यह अपनी श्रेणी में अब तक स्थापित सबसे बड़ी एकल-इकाई क्षमता का तैरता पवन ऊर्जा प्लेटफॉर्म है।

तकनीकी चुनौतियाँ और समाधान

जिस समुद्री क्षेत्र में यह प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है, वहाँ अधिकतम लहरों की ऊँचाई 20 मीटर से अधिक और हवा की गति 73 मीटर प्रति सेकंड तक पहुँच जाती है। ऐसी अत्यंत प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में प्लेटफॉर्म की स्थापना और निरंतर संचालन तकनीकी दृष्टि से बड़ी चुनौती थी।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्लेटफॉर्म में एक उन्नत सक्रिय गिट्टी प्रणाली (Active Ballast System) लगाई गई है। यह चीन के अपतटीय पवन ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय गिट्टी प्रणाली का उपयोग करने वाला पहला प्लेटफॉर्म है।

सक्रिय गिट्टी प्रणाली कैसे काम करती है

पवन टरबाइन के नियमित संचालन के दौरान यह प्रणाली तीन स्तंभ टैंकों में जल स्तर को स्वचालित रूप से समायोजित करती है, जिससे प्लेटफॉर्म की स्थिति नियंत्रित रहती है। इससे तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों के बावजूद टरबाइन का हिलना-डुलना प्रभावी रूप से कम होता है और स्थिर संचालन सुनिश्चित होता है।

यह तकनीक गहरे समुद्र में पवन ऊर्जा उत्पादन की व्यावसायिक व्यवहार्यता को नई दिशा देती है, जहाँ परंपरागत तल-आधारित (bottom-fixed) टरबाइन स्थापित करना संभव नहीं होता।

वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा में महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के देश गहरे समुद्र में पवन ऊर्जा की विशाल क्षमता का दोहन करने की होड़ में हैं। यूरोप और जापान भी तैरते पवन प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं, लेकिन 16 मेगावाट की एकल-इकाई क्षमता के साथ 'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' अभी तक का सबसे शक्तिशाली तैरता पवन प्लेटफॉर्म बन गया है।

आने वाले समय में इस तकनीक की सफलता चीन को गहरे समुद्री पवन ऊर्जा के वैश्विक बाज़ार में अग्रणी स्थान दिला सकती है और अन्य देशों के लिए भी एक तकनीकी मानदंड स्थापित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गहरे समुद्री पवन ऊर्जा की भू-राजनीतिक होड़ में चीन का रणनीतिक दांव है। यूरोप ने तैरते पवन प्लेटफॉर्म की तकनीक में बढ़त बनाई थी, लेकिन 16 मेगावाट की एकल-इकाई क्षमता के साथ चीन ने उस बढ़त को चुनौती दी है। असली परीक्षा यह होगी कि यह प्लेटफॉर्म दीर्घकालिक संचालन में अपनी विश्वसनीयता साबित करे — क्योंकि एकल प्रदर्शन से व्यावसायिक पैमाने तक का सफर अक्सर उतना सीधा नहीं होता जितना घोषणाएँ दर्शाती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' क्या है?
'थ्री गॉर्जेस नेविगेटर' चाइना थ्री गॉर्जेस कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित 16 मेगावाट क्षमता का तैरता हुआ अपतटीय पवन ऊर्जा प्लेटफॉर्म है, जो विश्व की सबसे बड़ी एकल-इकाई क्षमता का रिकॉर्ड रखता है। इसे 2 मई 2026 को चीन के क्वांगतोंग प्रांत के यांगच्यांग तट के पास स्थापित किया गया।
यह प्लेटफॉर्म कहाँ और कितनी गहराई में स्थापित किया गया है?
यह प्लेटफॉर्म क्वांगतोंग प्रांत के यांगच्यांग तट से 70 किलोमीटर से अधिक दूर, 50 मीटर से अधिक गहराई वाले समुद्री क्षेत्र में स्थापित है। यह गहरे समुद्र में पवन ऊर्जा के दोहन की दिशा में चीन का पहला बड़ा व्यावसायिक कदम है।
सक्रिय गिट्टी प्रणाली (Active Ballast System) क्या है और यह कैसे काम करती है?
सक्रिय गिट्टी प्रणाली तीन स्तंभ टैंकों में जल स्तर को स्वचालित रूप से समायोजित करके प्लेटफॉर्म की स्थिति नियंत्रित करती है। इससे तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों में भी टरबाइन का हिलना-डुलना कम होता है और स्थिर बिजली उत्पादन सुनिश्चित होता है। यह चीन के अपतटीय पवन ऊर्जा क्षेत्र में इस तकनीक का पहला प्रयोग है।
इस प्लेटफॉर्म की स्थापना वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
दुनिया के अधिकांश तटीय क्षेत्रों में उथले पानी में पवन ऊर्जा की सीमाएँ हैं, जबकि गहरे समुद्र में अपार पवन ऊर्जा क्षमता है। 16 मेगावाट की एकल-इकाई क्षमता के साथ यह प्लेटफॉर्म दर्शाता है कि गहरे समुद्र में तैरते पवन प्लेटफॉर्म व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य हो सकते हैं।
इस प्लेटफॉर्म को किन मौसमी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
स्थापना क्षेत्र में अधिकतम लहरों की ऊँचाई 20 मीटर से अधिक और हवा की गति 73 मीटर प्रति सेकंड तक पहुँच सकती है। इन अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में निरंतर संचालन के लिए ही उन्नत सक्रिय गिट्टी प्रणाली और नई लंगर प्रणाली विकसित की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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